बेचारा पाकिस्तान! PSL के लिए न खिलाड़ी रोक पा रहा न कमेंटेटर, अब इस विदेशी ने दिखाई औकात
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL 2026) को इस बार एक के बाद एक झटके लग रहे हैं. पहले विदेशी खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट से किनारा किया और अब कमेंट्री पैनल में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है.
पीएसएल में सभी टीमों के कप्तान
PSL 2026: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL 2026) को इस बार एक के बाद एक झटके लग रहे हैं. पहले विदेशी खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट से किनारा किया और अब कमेंट्री पैनल में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है. कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने PSL छोड़कर आईपीएल 2026 में खेलने का फैसला किया, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
स्थिति तब और दिलचस्प हो गई जब इंग्लैंड के अनुभवी कमेंटेटर निक नाइट ने भी PSL को छोड़कर IPL के कमेंट्री पैनल में शामिल होने का निर्णय ले लिया. इससे साफ संकेत मिलता है कि IPL का आकर्षण खिलाड़ियों के साथ-साथ कमेंटेटर्स पर भी भारी पड़ रहा है.
किन-किन विदेशी प्लेयर्स ने छोड़ा PSL?
PSL 2026 के दौरान कई बड़े विदेशी खिलाड़ियों ने बीच सीजन में ही लीग छोड़ दी. ये खिलाड़ी चोटिल खिलाड़ियों के रिप्लेसमेंट के तौर पर IPL फ्रेंचाइजियों से जुड़ गए. ब्लेसिंग मुजरबानी ने इस्लामाबाद यूनाइटेड का साथ छोड़कर कोलकाता नाइट राइडर्स का दामन थाम लिया. वहीं दासुन शनाका ने लाहौर कलंदर्स को छोड़कर राजस्थान रॉयल्स में शामिल होने का फैसला किया. इसके अलावा स्पेंसर जॉनसन ने भी इस्लामाबाद यूनाइटेड को अलविदा कहकर चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़ना चुना.
केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि कमेंट्री टीम में भी IPL की पकड़ मजबूत होती दिख रही है निक नाइट, जो पहले PSL 2026 की ब्रॉडकास्ट टीम का हिस्सा थे, अब IPL 2026 के कमेंट्री पैनल में शामिल हो गए हैं. 27 मार्च को जारी हुई सूची में उनका नाम सामने आया, जहां वे रवि शास्त्री और इयान बिशप जैसे दिग्गजों के साथ कमेंट्री करते नजर आएंगे.
क्यों लग रहा PSL को झटका?
यह लगातार दूसरा साल है जब PSL और IPL की तारीखें आपस में टकरा रही हैं. इस टकराव का सीधा नुकसान पाकिस्तान सुपर लीग को उठाना पड़ रहा है. जहां IPL का ग्लोबल ब्रांड वैल्यू और आर्थिक आकर्षण ज्यादा है, वहीं PSL को अपने विदेशी खिलाड़ियों और टैलेंट को बनाए रखने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
खिलाड़ियों और कमेंटेटर्स का इस तरह PSL से हटना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है. इससे लीग की लोकप्रियता और प्रतिस्पर्धा दोनों पर असर पड़ सकता है. आने वाले समय में PCB को अपने शेड्यूल, कॉन्ट्रैक्ट और लीग की ब्रांड वैल्यू को लेकर बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं, ताकि वह IPL जैसी बड़ी लीग से मुकाबला कर सके.




