कैसे IPL को हर सीजन हो रहा 24,000,000,000 रुपये का नुकसान? जानें इसके पीछे की कहानी
आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने स्पोर्टस्टार को दिए गए एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि लीग को उसके मूल फॉर्मेट के अनुसार न चलाने के कारण बोर्ड को 2,400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.
आईपीएल टीमों के कप्तान
IPL 2026: आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है. आए दिन टूर्नामेंट में एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं. अभी तक डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली कैपिटल्स जैसी टीमों का दबदबा देखने को मिला है. इस बीच आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने स्पोर्टस्टार को दिए गए एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि लीग को उसके मूल फॉर्मेट के अनुसार न चलाने के कारण बोर्ड को 2,400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.
मोदी ने आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स जैसी दो फ्रेंचाइजी के हाल ही में करीब 31,000 करोड़ रुपये में बिकने के बाद लीग के बढ़ते मूल्य पर खुशी जताई और बोर्ड से आग्रह किया कि वह पूरी तरह से होम-एंड-अवे फॉर्मेट पर लौटे.
क्या बोले ललित मोदी?
उन्होंने कहा कि "मूल योजना के तहत हर टीम को एक-दूसरे के खिलाफ दो मैच खेलने थे. 2022 में जब लीग का विस्तार 10 टीमों तक हुआ, तो होम-एंड-अवे संरचना के अनुसार 90 लीग मैच और उसके बाद चार नॉकआउट मैच होने चाहिए थे लेकिन आईपीएल ने इस प्रारूप में बदलाव कर केवल 74 मैचों के साथ ही सीजन आयोजित किया."
मोदी ने स्पोर्टस्टार को दिए साक्षात्कार में कहा, "हर मैच के लिए बीसीसीआई को 50 प्रतिशत मिलता है और बाकी 50 प्रतिशत टीमों में बांटा जाता है. नतीजतन, टीमें अब 20 मैचों का नुकसान झेल रही हैं. होम-एंड-अवे फॉर्मेट में ही असली फायदा है. अगर कैलेंडर में जगह नहीं है, तो टीमों की संख्या न बढ़ाएं. बात इतनी ही सरल है. हमने यही तो नहीं बेचा था. क्या सभी ने इस पर सहमति जताई है? मैं गारंटी देता हूं कि उन्होंने नहीं जताई है."
क्यों हो रहा नुकसान?
ललित मोदी का मानना है कि मैचों की संख्या कम होने से न केवल फ्रेंचाइजी ही नहीं बल्कि पूरे लीग के मूल्यांकन पर असर पड़ता है. उन्होंने कहा, "अगर आज घरेलू और विदेशी आधार पर 94 मैच खेले जाते और प्रत्येक मैच के लिए 118 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता, तो केवल मीडिया अधिकारों से ही 2,400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होती."
आगे उन्होंने बताया कि "इस 2,400 करोड़ रुपये का आधा 10 टीमों में बांटा जाता. यानी प्रत्येक टीम को 120 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलते, और इससे टीमों का मूल्य अपने आप ही बढ़ जाता." मोदी की यह टिप्पणी उस समय सामने आई है जब आईपीएल का प्रसार और लीग का आर्थिक मॉडल लगातार चर्चा में है.




