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लगातार 15 टेस्ट जीतकर आई ऑस्ट्रेलिया का ईडन गार्डन्स में कैसे टूटा घमंड? सचिन ने बताई पूरी कहानी, जानें लक्ष्मण-द्रविड़ पर क्या बोले

सचिन तेंदुलकर ने 2001 के ऐतिहासिक Eden Gardens टेस्ट को याद करते हुए बताया कि कैसे लक्ष्मण-द्रविड़ की साझेदारी और उनकी गेंदबाजी ने मैच का रुख बदल दिया. उस जीत ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी.

Sachin Tendulkar on Eden Gardens Test 2001
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सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और  वीवीएस लक्ष्मण
( Image Source:  BCCI/ANI )

साल 2001, कोलकाता का Eden Gardens मैदान और सामने थी मजबूत ऑस्ट्रेलिया की टीम... ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया यह टेस्ट मैच आसानी से जीत लेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत ने ऐसी जीत दर्ज की, जिसकी गूंज आज तक सुनाई देती है. इस मैच से पहले तक ऑस्ट्रेलिया ने लगातार 15 टेस्ट मैच जीते थे और उसे अजेय समझा जाता था.

25 साल बाद इस ऐतिहासिक मुकाबले को याद करते हुए Sachin Tendulkar ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि टीम को शुरुआत से ही विश्वास था कि अगर ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाया जाए तो उन्हें हराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि उस जीत ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को पूरी तरह बदल दिया और यह उनके करियर की सबसे बड़ी जीतों में से एक है.


सवाल-जवाब में पूरी कहानी

सवाल: उस सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया को लेकर काफी चर्चा थी, माहौल कैसा था?

सचिन तेंदुलकर: ऑस्ट्रेलिया उस समय 15 टेस्ट लगातार जीतकर आया था, इसलिए काफी चर्चा थी. जब मुझसे पूछा गया कि क्या हम उन्हें हरा सकते हैं, तो मैंने कहा था कि हां, अगर हम उन्हें दबाव में डाल पाए तो वे कैसे प्रतिक्रिया देते हैं यह देखना होगा.

सवाल: क्या आपने उस सीरीज के लिए खास तैयारी की थी?

सचिन तेंदुलकर: नहीं, मैंने कोई अलग तैयारी नहीं की थी. मैं उस समय अच्छी फॉर्म में था और Duleep Trophy में भी रन बना रहा था. इसलिए सब कुछ सामान्य रखा.

सवाल: मुंबई टेस्ट हारने के बाद टीम का माहौल कैसा था?

सचिन तेंदुलकर: Wankhede Stadium में पहला टेस्ट हारना अच्छा अनुभव नहीं था, लेकिन जब हम कोलकाता पहुंचे तो टीम ने वापसी का पूरा मन बना लिया था. सभी खिलाड़ी सीरीज बराबर करने के लिए तैयार थे.

सवाल: लक्ष्मण और द्रविड़ की साझेदारी को ड्रेसिंग रूम से देखना कैसा था?

सचिन तेंदुलकर: VVS Laxman और Rahul Dravid की बल्लेबाजी शानदार थी. चौथे दिन का खेल हमारे लिए खास था. उन्होंने लंबे समय तक बल्लेबाजी की और मैच का पूरा रुख बदल दिया.

सवाल: उस साझेदारी में सबसे खास क्या था?

सचिन तेंदुलकर: सिर्फ रन बनाना ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहना बहुत जरूरी था. मानसिक मजबूती और धैर्य दोनों ने मैच का परिणाम बदल दिया.

सवाल: पांचवें दिन कप्तान ने आपको गेंदबाजी क्यों दी?

सचिन तेंदुलकर: Sourav Ganguly ने मुझसे एक छोर से गेंदबाजी करने को कहा. उस समय Harbhajan Singh शानदार गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन हमें बीच-बीच में विकेट चाहिए थे.

सवाल: आपने मैथ्यू हेडन और एडम गिलक्रिस्ट को कैसे आउट किया?

सचिन तेंदुलकर: Matthew Hayden और Adam Gilchrist ने पहले टेस्ट में हमें काफी नुकसान पहुंचाया था. मैंने उन्हें फुल लेंथ गेंद पर एल्बीडब्ल्यू आउट किया जब उन्होंने स्वीप खेलने की कोशिश की.

सवाल: शेन वॉर्न को आउट करने के पीछे क्या सोच थी?

सचिन तेंदुलकर: Shane Warne जैसे महान गेंदबाज को आउट करना खास था. मैंने हमेशा कोशिश की कि मेरी गेंदबाजी अप्रत्याशित हो, इसलिए गुगली का इस्तेमाल किया.

सवाल: उस जीत का भारतीय क्रिकेट पर क्या असर पड़ा?

सचिन तेंदुलकर: उस जीत के बाद टीम का आत्मविश्वास बहुत बढ़ गया. हम Chennai गए और वहां सीरीज जीत ली. ऐसी जीत टीम को नई ऊर्जा देती है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती है.

सवाल: अपने करियर में इस जीत को आप कहां रखते हैं?

सचिन तेंदुलकर: यह मेरी सबसे बड़ी जीतों में से एक है. दुनिया में कहीं भी क्रिकेट की महान जीतों की बात होगी तो Eden Gardens 2001 जरूर याद किया जाएगा.

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