क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए नेपाल और इटली जैसे देशों को दिया जा रहा मौका, जानिए ICC टूर्नामेंट्स में एसोसिएट्स टीमों का लेखा-जोखा
ICC Men's T20 World Cup 2026 में एसोसिएट (सहयोगी) टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है. हालांकि, कोई भी टीम सुपर-8 चरण में जगह नहीं बना सकी. इन टीमों ने ICC से ज्यादा फंडिंग और मजबूत टीमों के खिलाफ अधिक मैचों की मांग की. ICC भी वित्तीय सहायता, टूर्नामेंट विस्तार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी जैसे कदमों से एसोसिएट देशों को मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है.
ICC टूर्नामेंट्स में एसोसिएट्स टीमों का लेखा-जोखा
7 फरवरी 2026, कोलंबो का सिंहली स्पोर्ट्स क्लब और आमने-सामने थीं पाकिस्तान और नीदरलैंड्स की टीम... पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और नीदरलैंड्स की पूरी टीम को 19.5 ओवर में 147 रन पर समेट दिया... लक्ष्य ज्यादा बड़ा नहीं था, लेकिन पाकिस्तान के बैटर 'तू चल मैं आया' की तर्ज पर पवेलियन लौटते चले गए... एक समय तो ऐसा आया कि नीदरलैंड्स ने 17वे ओवर तक पाकिस्तान के 7 विकेट महज 114 रन पर चटका दिए थे. लग रहा था कि टी-20 वर्ल्ड कप का पहला उलटफेर पहले ही दिन देखने को मिल जाएगा...पाकिस्तान को अंतिम 12 गेंद में 29 रन की जरूरत थी. मैच पर नीदरलैंड्स ने मजबूत पकड़ बना ली थी, लेकिन 19वें ओवर में फहीम अशरफ ने तीन छक्के और 1 चौका जड़ते हुए 24 रन बटोरे.. और फिर अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर चौका लगाकर पाकिस्तान को 3 विकेट से जीत दिला दी.
ऐसा ही कुछ नजारा 8 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में देखने को मिला, जहां नेपाल को इंग्लैंड के खिलाफ महज 4 रन से हार का सामना करना पड़ा. नेपाल को जीत के लिए 6 गेंद में 10 रन की जरूरत थी, लेकिन सैम करन ने महज 5 रन दिए और इंग्लैंड को हारने से बचा लिया. भारत को भी नीदरलैंड्स के सामने जीत के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा था. आइए, जानते हैं कि टी-20 वर्ल्ड कप में एसोसिएट टीमों (नीदरलैंड्स, UAE, नेपाल, USA, इटली, स्कॉटलैंड, कनाडा, नामीबिया और ओमान) का प्रदर्शन कैसा रहा और इनकी सबसे बड़ी उपलब्धियां क्या रहीं...
नेपाल क्रिकेट टीम
एसोसिएट टीमों के लिए कैसा रहा टी-20 वर्ल्ड कप?
- इटली ने अपना पहला वर्ल्ड कप खेलते हुए नेपाल के खिलाफ 10 विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की. नेपाल ने भी स्कॉटलैंड को हराकर 12 साल बाद अपनी पहली वर्ल्ड कप जीत हासिल की.
- नीदरलैंड्स ने पाकिस्तान को लगभग हरा ही दिया था, लेकिन पाकिस्तान अंत में 3 विकेट से जीत पाया. USA ने भी भारत को कड़ी टक्कर दी और 10वें ओवर तक भारत का स्कोर 63/4 कर दिया था. हालांकि अंत में भारत 29 रनों से जीत गया.
- स्कॉटलैंड टी-20 वर्ल्ड कप में 200+ स्कोर (207/4 बनाम इटली) बनाने वाली पहली एसोसिएट टीम बनी.
- UAE के गेंदबाज जुनैद सिद्दीकी ने कनाडा के खिलाफ 5 विकेट झटके, जो किसी एसोसिएट खिलाड़ी द्वारा दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
- इटली के बेन मानेंटी ने इंग्लैंड के खिलाफ मात्र 22 गेंदों में अर्धशतक जड़ा, जो एसोसिएट खिलाड़ी द्वारा किसी फुल मेंबर टीम के खिलाफ सबसे तेज है.
- सुपर 8 के लिए भारत, पाकिस्तान, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड ने क्वालीफाई किया, जबकि कोई भी एसोसिएट टीम सुपर 8 में क्वालीफाई नहीं कर सकी..
एसोसिएट टीमों का प्रदर्शन कार्ड (ग्रुप स्टेज)
टीम | मुख्य उपलब्धि | परिणाम (ग्रुप ए/बी/सी/डी) |
नेपाल | स्कॉटलैंड के खिलाफ पहली जीत | ग्रुप स्टेज से बाहर |
इटली | नेपाल पर 10 विकेट से ऐतिहासिक जीत | ग्रुप स्टेज से बाहर |
USA | भारत को कड़ी टक्कर | नीदरलैंड्स पर बड़ी जीत ग्रुप ए में तीसरे स्थान पर |
नीदरलैंड्स | पाकिस्तान के खिलाफ शानदार गेंदबाजी | ग्रुप स्टेज से बाहर |
इस टूर्नामेंट के बाद एसोसिएट देशों ने ICC से वित्तीय सहायता बढ़ाने और बड़ी टीमों के खिलाफ अधिक मैच खेलने की मांग की है, क्योंकि उनके प्रदर्शन ने दिखाया है कि अब वे पारंपरिक बड़ी टीमों के साथ मुकाबला करने के लिए तैयार हैं. आईसीसी टूर्नामेंट्स में Associate टीमों का सफर अब 'सिर्फ भागीदारी' से बदलकर 'बड़ी टीमों को चुनौती देने' तक पहुंच गया है. हाल के वर्षों, विशेषकर 2024 और 2026 के टी20 विश्व कप में, इन टीमों ने क्रिकेट जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. सहयोगी टीमों के प्रदर्शन का मुख्य लेखा-जोखा इस प्रकार है...
1. प्रमुख ऐतिहासिक उपलब्धियां
- केन्या (2003 वनडे विश्व कप): किसी भी गैर-पूर्ण सदस्य टीम का अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन. केन्या ने श्रीलंका जैसी टीमों को हराकर सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था.
- आयरलैंड (2007 और 2011): आयरलैंड ने 2007 में पाकिस्तान को और 2011 में इंग्लैंड को हराकर 'जायंट किलर' की छवि बनाई थी.
- यूएसए (2024 टी20 विश्व कप): अमेरिका ने अपने पहले ही विश्व कप में पाकिस्तान को हराकर सुपर-8 चरण के लिए क्वालीफाई किया, जो क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक माना जाता है.
2. हालिया प्रदर्शन (टी20 विश्व कप 2026)
भारत और श्रीलंका में आयोजित हो रहे 2026 के विश्व कप में रिकॉर्ड 8 सहयोगी देशों ने हिस्सा लिया. इस टूर्नामेंट में कई नए रिकॉर्ड बने हैं:
- इटली का उदय: इटली ने अपने पहले ही विश्व कप में नेपाल को 10 विकेट से हराकर धमाका किया.
- कनाडा का रिकॉर्ड: कनाडा के 19 वर्षीय युवराज सामरा टी20 विश्व कप इतिहास में शतक लगाने वाले किसी सहयोगी देश के पहले बल्लेबाज बने. उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 110 रन बनाए.
- यूएई का दबदबा: यूएई के गेंदबाज जुनैद सिद्दीकी ने कनाडा के खिलाफ 5/35 विकेट लेकर इतिहास रचा.
3. सबसे सफल सहयोगी टीमें (सांख्यिकीय दृष्टि से)
- नीदरलैंड का टी20 विश्व कप में सहयोगी टीमों के बीच सबसे अच्छा जीत/हार अनुपात (0.647) है. उसने 2023 वनडे विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका को हराया.
- स्कॉटलैंड 2026 विश्व कप में 200+ का स्कोर बनाने वाली पहली सहयोगी टीम बनी (207/4 बनाम इटली).
- नेपाल 2026 में 12 साल बाद विश्व कप की पहली जीत दर्ज की (स्कॉटलैंड के खिलाफ).
- नामीबिया 2021 टी20 विश्व कप में सुपर-12 तक पहुंचने का गौरव हासिल किया.
एसोसिएट टीमों के लिए आईसीसी क्या कर रही है?
आईसीसी (ICC) वर्तमान में क्रिकेट के वैश्विक विस्तार के लिए सहयोगी (Associate) देशों को सशक्त बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. 2026 तक के लिए आईसीसी की रणनीतियों में वित्तीय सहायता से लेकर टूर्नामेंटों के विस्तार तक कई पहल शामिल हैं. मुख्य पहल इस प्रकार हैं;
1. वित्तीय सहायता में वृद्धि
आईसीसी बोर्ड ने वर्ष 2026 के लिए सहयोगी सदस्यों को दी जाने वाली फंडिंग में लगभग 10% की वृद्धि को मंजूरी दी है. इस अतिरिक्त राशि का उपयोग सहयोगी देश अपने घरेलू कार्यक्रमों, उच्च-प्रदर्शन (High-performance) ढांचों और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में कर सकेंगे। हालांकि, वर्तमान 2024-2027 चक्र में कुल राजस्व का एक बड़ा हिस्सा पूर्ण सदस्यों (Full Members) को जाता है, जबकि सहयोगियों के लिए लगभग $67 मिलियन प्रति वर्ष साझा किया जाता है.
2. विश्व कप और टूर्नामेंटों का विस्तार
सहयोगी टीमों को बड़े मंच पर अधिक अवसर देने के लिए आईसीसी ने टूर्नामेंट के प्रारूपों में बदलाव किया है:
- टी20 विश्व कप: 2024 से टी20 विश्व कप को 20 टीमों तक बढ़ा दिया गया है, जिससे अधिक सहयोगी देशों को खेलने का मौका मिल रहा है. 2026 के टी20 विश्व कप में 8 सहयोगी देश हिस्सा लेंगे.
- महिला क्रिकेट: 2025 से 2028 के बीच दो वार्षिक टी20 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट शुरू किए जाएंगे, ताकि 24 सहयोगी टीमों को नियमित क्रिकेट और प्रतिस्पर्धा मिल सके.
- वनडे पाथवे: 2027 पुरुष क्रिकेट विश्व कप (14 टीमें) के लिए 'सीडब्ल्यूसी लीग 2' और 'चैलेंज लीग' जैसे मजबूत क्वालिफिकेशन पाथवे बनाए गए हैं.
3. ट्रेनिंग और एजुकेशन प्रोग्राम
सहयोगी देशों में खेल के स्तर को सुधारने के लिए आईसीसी ने 'ट्रेनिंग और एजुकेशन प्रोग्राम' शुरू किया है. इसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से कोच, अंपायर, स्कोरर और पिच क्यूरेटर के लिए पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं. वर्तमान में ये कोर्स 14 भाषाओं में उपलब्ध हैं ताकि स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञों को तैयार किया जा सके.
4. अन्य महत्वपूर्ण कदम
- ओलंपिक में शामिल होना: 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी सहयोगी देशों (विशेषकर अमेरिका) के लिए नए प्रायोजक और सरकारी फंडिंग हासिल करने का बड़ा अवसर है.
- डिजिटल पहुंच: ICC.tv जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए सहयोगी देशों के मैचों का सीधा प्रसारण किया जा रहा है, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है.
- डेवलपमेंट अवार्ड्स: आईसीसी हर साल 'डेवलपमेंट अवार्ड्स' के जरिए उन सहयोगी देशों को सम्मानित करती है जो जमीनी स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए नवाचार कर रहे हैं.
- 2024/25 का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: यूएसए (USA) को उनके सुपर-8 प्रदर्शन के लिए 'मेंस टीम परफॉरमेंस ऑफ द ईयर' मिला.
- डिजिटल जुड़ाव: नेपाल को उनके विशाल प्रशंसक आधार और सोशल मीडिया ग्रोथ (400% वृद्धि) के लिए सम्मानित किया गया.
- महिला क्रिकेट: यूएई (UAE) की महिला टीम ने एशिया क्वालीफायर में अजेय रहकर अपनी छाप छोड़ी.
एसोसिएट टीमें कितनी हैं?
वर्तमान में आईसीसी (ICC) के पास कुल 92 सहयोगी (Associate) सदस्य हैं. इसके अलावा 12 पूर्ण सदस्य (Full Members) हैं, जिससे कुल सदस्य देशों की संख्या 104 हो जाती है.
1. सहयोगी टीमों का इतिहास (कब से खेलना शुरू किया?)
सहयोगी देशों के क्रिकेट खेलने की शुरुआत अलग-अलग समय पर हुई.
- शुरुआती दौर (1960-70 के दशक): आईसीसी ने 1965 में 'सहयोगी सदस्यता' की श्रेणी बनाई. सबसे पहले शामिल होने वाले देशों में अमेरिका (1965), बरमूडा (1966), और कनाडा (1968) जैसे देश थे.
- 1990 का दशक: इस दौरान नेपाल (1996), यूएई (1990) और नामीबिया (1992) जैसे देशों को दर्जा मिला.
- आधुनिक दौर: हाल के वर्षों में मंगोलिया, ताजिकिस्तान और स्विट्जरलैंड जैसे देशों को सदस्यता मिली है.
2. क्या किसी को 'पूर्ण राष्ट्र' (Full Member) का दर्जा मिल सकता है?
हां, बिल्कुल मिल सकता है. आईसीसी के नियमों के अनुसार, कोई भी सहयोगी देश कुछ कड़े मापदंडों को पूरा करके पूर्ण सदस्य बन सकता है. आखिरी बार अफगानिस्तान और आयरलैंड को 2017 में यह दर्जा मिला था.
पूर्ण सदस्य बनने के लिए मुख्य शर्तें:
- मैदान पर प्रदर्शन: टीम को लगातार आईसीसी टूर्नामेंटों (विश्व कप) में अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए और पूर्ण सदस्यों (जैसे भारत, ऑस्ट्रेलिया) को हराने की क्षमता होनी चाहिए.
- घरेलू ढांचा: उस देश में एक मजबूत प्रथम श्रेणी (First-class) क्रिकेट संरचना होनी चाहिए.
- महिला क्रिकेट: देश में महिला क्रिकेट और अंडर-19 क्रिकेट का सक्रिय कार्यक्रम होना अनिवार्य है.
- प्रशासन और बुनियादी ढांचा: पारदर्शी क्रिकेट बोर्ड और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम होने चाहिए.
3. अगले पूर्ण सदस्य बनने के सबसे बड़े दावेदार कौन हैं?
वर्तमान प्रदर्शन और बुनियादी ढांचे के आधार पर ये टीमें कतार में सबसे आगे मानी जाती हैं:
- स्कॉटलैंड: इनका घरेलू ढांचा और प्रदर्शन बहुत स्थिर रहा है.
- नेपाल: क्रिकेट के प्रति जबरदस्त जुनून और सरकार के सहयोग के कारण नेपाल को भविष्य का बड़ा दावेदार माना जाता है.
- नीदरलैंड: इन्होंने हाल के विश्व कपों में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी टीमों को हराकर अपनी योग्यता साबित की है.
- यूएसए (USA): 2024 और 2026 टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन और बड़े निवेश के कारण अमेरिका भी इस दौड़ में शामिल हो गया है.
आईसीसी आमतौर पर हर 5-10 साल में पूर्ण सदस्यता की समीक्षा करती है. वर्तमान में चर्चा है कि यदि स्कॉटलैंड या नीदरलैंड अपना प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो अगले 2-3 वर्षों में उन पर विचार किया जा सकता है.




