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हंस महापुरुष और प्रदोष व्यापिनी अमावस्या तिथि का महत्व, दिवाली पर इन राशियों के खुलेंगे भाग्य

अक्टूबर-नवंबर का समय न सिर्फ त्योहारों और खुशियों का होता है, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान आने वाली हंस महापुरुष और प्रदोष व्यापिनी अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है. शास्त्रों के अनुसार, यह समय नए आरंभ और पुराने कष्टों से मुक्ति का प्रतीक होता है. भक्तजन इस दिन व्रत और पूजा-अर्चना करके अपने जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त करने का प्रयास करते हैं.

हंस महापुरुष और प्रदोष व्यापिनी अमावस्या तिथि का महत्व, दिवाली पर इन राशियों के खुलेंगे भाग्य
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( Image Source:  Meta AI: Representative Image )
State Mirror Astro
By: State Mirror Astro3 Mins Read

Updated on: 17 Oct 2025 6:00 PM IST

इस वर्ष 20 अक्टूबर को पूरे देशभर में दीपोत्सव का पर्व दिवाली मनाई जाएगी. हिंदू धर्म में दिवाली के त्योहार का विशेष महत्व होता है. हर वर्ष दिवाली का पर्व कार्तिक माह की अमावस्या तिथि के दिन मनाई जाती है. धार्मिक मान्ताओं के अनुसार दिवाली की रात को माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देवता की पूजा करने का विशेष विधान होता है. साथ ही 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम वापस अयोध्य आए थे, जिसकी खुशी में लोग दीयों की रौशनी में उनका स्वागत किया था. दिवाली पर विशेष रूप से लक्ष्मी पूजन होता है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि दिवाली की रात को शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी की पूजा करने से माता का स्थायी वास हो जाता है.

दिवाली की रात को कई तरह के तंत्र-मत्र और उपाय किए जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र में भी दिवाली का विशेष महत्व होता है. इस बार दिवाली पर हंस महापुरुष राजयोग का निर्माण होगा जिससे कई राशि वालों के लिए दिवाली पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलेगी. आइए जानते हैं दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व.

दिवाली कब मनाएं 20 या 21 अक्टूबर?

हिंदू धर्म में दिवाली के त्योहार का विशेष महत्व होता है. यह पांच दिनों तक चलने वाला यह त्योहार पंच दीपोत्सव कहलाता है. पहले दिन दिन धनतेरस के साथ दिवाली पर्व की शुरुआत होती है. पंचांग के अनुसार, दीपावली हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है. इस साल यह तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट से शुरू हो रही है, जिसका समापन 21 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगा. मुहूर्त शास्त्र के अनुसार दिवाली का त्योहार हमेशा ही प्रदोष व्यापिनी अमावस्या तिथि पर ही मनाया जाता है न कि प्रदिपदा तिथि पर. ऐसे में 20 अक्टूबर को शाम 3 बजकर 44 मिनट पर प्रदोष व्यापिनी अमावस्या तिथि प्रारंभ हो जाएगी. ऐसे में 20 अक्टूबर को दिवाली मनाना ज्यादा शुभ रहेगा.

दिवाली पर हंस महापुरुष राजयोग

ज्योतिष में हंस महापुरुष राजयोग को बहुत ही शुभ योग माना जाता है. यह योग तब बनता है जब गुरु ग्रह अपनी उच्च राशि कर्क में होते हैं. दिवाली के एक दिन पहले गुरु कर्क राशि में गोचर होंगे जिससे हंस महापुरुष राजयोग बनेगा.

इन राशियों के लिए दिवाली शुभ और लाभकारी

दिवाली खुशियों और रौशनी का त्योहार होता है. दिवाली पर हंस महापुरुष राजयोग बनने से कई राशि वालों के लिए विशेष लाभकारी रहेगा. ज्योति शास्त्र की गणना के अनुसार मिथुन, कर्क, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए दिवाली बहुत ही शुभ साबित होगी. अचानक धन लाभ के अवसरों में वृद्धि होगी. करियर-कारोबार में नए तरह के मुकाम मिल सकते हैं. धन प्राप्ति के अच्छे योग बन रहे हैं. इस दौरान आय के नए-नए स्त्रोत दिखाई देंगे. जो लोग किसी नई योजना को शुरू करना चाह रहे हैं उनके लिए दिवाली पर अच्छा योग है. इस दौरान आपको निवेश से अच्छी फायदा होगा. रुके हुए काम पूरे होंगे.

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