शनि-बुध की युति से बनेगा दुर्लभ योग, इन राशियों के लिए खुलेंगे उन्नति और तरक्की के रास्ते
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब शनि और बुध की युति बनती है, तो इसे एक खास और प्रभावशाली योग माना जाता है. यह संयोग बुद्धि, मेहनत और भाग्य के मेल का संकेत देता है, जो कुछ राशियों के लिए उन्नति और करियर में बड़ी सफलता के द्वार खोल सकता है.
ज्योतिष में ग्रहों की चाल का प्रभाव देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के ऊपर देखने को मिलता है. समय-समय पर ग्रह एक से दूसरी राशि में गोचर करते हैं, जिससे दूसरे ग्रहों के साथ युति संबंध भी बनाते हैं. अप्रैल के महीने में ग्रहों के राजकुमार बुध मीन राशि में प्रवेश करने जहां पर पहले से ही शनिदेव विराजमान हैं. इस तरह से मीन राशि में शनि और बुध की युति लगभग 30 वर्षों बाद बनने जा रही है.
मीन राशि में शनि-बुध की युति से कुछ राशि वालों पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है. जिससे धन लाभ के अवसरों में वृद्धि, आय में इजाफा, मान-सम्मान में वृद्धि और नौकरी-प्रॉपर्टी की प्राप्ति हो सकती है. आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं भाग्यशाली राशिया जिनके ऊपर शनि-बुध की युति का प्रभाव देखने को मिलेगा.
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए मीन राशि में शनि-बुध की युति बहुत ही अच्छी और लाभकारी साबित होगी. यह संयोग आपकी राशि से आय और लाभ के स्थान पर बनने वाला है जिससे आपकी आय में जबरदस्त वृद्धि होगी. नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर आपके काम की प्रशंसा होगी. नौकरी के लिए अवसरों में वृद्दि होगी. अचानक से धन लाभ के मौके मिलेंगे. निवेश के मामलों में आपको बहुत ही सोच-समझकर चलना होगा.
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि-बुध की युति बहुत ही शुभ और सकारात्मक सिद्ध साबित हो सकती है. कारोबार के लिहाज से किसी नए तरह के प्रोजेक्ट में आपको लाभ मिल सकता है. करियर में आपको किसी तरह के निर्णय लेने की सराहना होगी. निवेश से संबंधी मामलों में आपको अच्छा लाभ होता दिखेगा. सेहत अच्छी रहेगी. धन संबंधी योजनाओं का लाभ आपको मिलेगा.
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए शनि और बुध की युति बहुत ही शुभ और लाभकारी साबित होगी. आपकी राशि से यह युति एकादश और दशम भाव में बनेगा. इस दौरान कार्यक्षेत्र में नई तरह की जिम्मेदारी मिल सकती है. नौकरीपेशा लोगों को लंबे समय से प्रमोशन और वेतन में वृद्धि के योग बनेगा. उन्नति के योग के अच्छे और शुभ योग बन रहे हैं. रुके हुए धन की वापसी संभव है. व्यापार में कोई नई डील फाइनल हो सकती है और आर्थिक स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत रहेगी.





