मोती पहनने से होता क्या है और किन राशि वालों के लिए शुभ ? जानिए तरीका और लाभ
ज्योतिष शास्त्र में मोती को चंद्रमा का रत्न माना जाता है, जो मन की शांति, भावनात्मक संतुलन और सौम्यता बढ़ाने से जुड़ा है. सही विधि से मोती धारण करने पर कुछ राशियों के लिए यह विशेष रूप से शुभ फल दे सकता है.
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में जहां 9 ग्रहों, 27 नक्षत्रों और 12 राशियों का महत्व होता है. वहीं ज्योतिष में 9 रत्नों का भी वर्णन भी मिलता है. 9 ग्रहों का संबंध इन्ही 9 रत्नों से माना जाता है. वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के अशुभ प्रभाव को दूर करने और शुभ ग्रहों के प्रभावों में और ज्यादा वृद्धि करने से रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है.
आज हम 9 रत्नों में मोती रत्न के बारे में बताने जा रहे हैं. मोती रत्न का संबंध चंद्रमा से होता है. चंद्रमा मन का कारक होता है और मोती पहनने से मन शांत होता है और व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है. जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है और मन अस्थिर होता है उनको मोती धारण करना चाहिए. इसके अलावा मोती पहने से व्यक्ति का गुस्सा नियंत्रित होता है. आइए जानते हैं मोती का रत्न ज्योतिष शास्त्र में क्या है महत्व और इसे कौन-कौन धारण कर सकता है, विधि और क्या-क्या लाभ होते हैं.
मोती को कौन-कौन पहन सकता है
- जब किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा उच्च के होते हैं यानी कर्क राशि में हो तो उसे मोती पहनना चाहिए.
- जब जन्म कुंडली में चंद्रमा और गुरु की युति हो तो मोती पहननाा शुभ रहता है.
- मेष, कर्क, वृश्चिक और मीन लग्न के जातकों को मोती धारण करना लाभकारी होता है.
- जब चंद्रमा की महादशा चल रही हो तो व्यक्ति को मोती धारण करना चाहिए.
- अगर जन्म कुंडली में चंद्रमा 6,8 और 12 भाव में स्थित हो तो व्यक्ति को मोती धारण करना अच्छा होता है.
- अगर किसी जातक की कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो तो चंद्रदेव को बली करने के लिए मोती पहन सकते हैं.
किन लोगों को मोती नहीं धारण करना चाहिए ?
अगर जातक की कुंडली में चंद्रमा और शनि की युति संबंध हो तो उस जातक को मोती नहीं धारण करना चाहिए. मोती के साथ कभी भी नीलम, गोमेद और लहसुनिया रत्न को धारण नहीं करना चाहिए.
मोती पहनने के क्या-क्या होते हैं लाभ ?
- मोती का संबंध चंद्रमा के साथ-साथ मां लक्ष्मी से भी होता है. ऐसे में मोती धारण करने से व्यक्ति के ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.
- मोती पहनने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.
- जिन लोगों को ज्यादा गुस्सा आता है और चाह कर भी अपने गुस्से को कंट्रोल नहीं कर पाते उनको मोती धारण करना चाहिए.
- मोती पहनने से व्यक्ति का आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ता है.
- मोती पहनने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.
मोती धारण करने की विधि
- साउथ सी मोती को अच्छा मोती माना जाता है.
- मोती रत्न कम से कम 7 से 8 रत्ती का होना चाहिए.
- मोती को सोमवार के दिन धारण करना शुभ होता है.
- मोती की कनिष्ठा उंगली में पहनना शुभ होता रहता है.
- मोती को चांदी की अंगूठी में पहनना चाहिए.
- मोती रत्न को धारण करने से पहले इसे गाय के कच्चे दूध और गंगाज से शुद्ध करके धारण करना चाहिए.
- मोती को पूर्णिमा के दिन धारण करना अच्छा माना जाता है.





