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Health Trends 2026: रेड लाइट थेरेपी से लेकर हार्मोन मॉनिटरिंग तक, इस साल वायरल होने वाले हैं ये ट्रेंड्स

हर नया साल एक सवाल लेकर आता है कि इस बार खुद को बेहतर कैसे बनाएं? लेकिन 2026 में जवाब सिर्फ जिम, डाइट या वजन घटाने तक सीमित नहीं है. अब लोग “जल्दी रिजल्ट” नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली सेहत चाहते हैं. इसलिए इस साल कुछ अलग हेल्थ ट्रेंड्स वायरल होंगे.

Health Trends 2026: रेड लाइट थेरेपी से लेकर हार्मोन मॉनिटरिंग तक, इस साल वायरल होने वाले हैं ये ट्रेंड्स
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( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 8 Jan 2026 4:01 PM IST

नया साल सिर्फ तारीख नहीं बदलता, सेहत को देखने का नजरिया भी बदल देता है. 2026 में हेल्थ और वेलनेस का मतलब सिर्फ वजन घटाना या घंटों जिम में पसीना बहाना नहीं रह गया है. अब लोग अपने शरीर को समझना चाहते हैं, उसकी जरूरतों के हिसाब से रूटीन बनाना चाहते हैं और लंबी उम्र की तैयारी कर रहे हैं.

दुनिया की वेलनेस इंडस्ट्री 2028 तक लगभग 6.7 ट्रिलियन की होने वाली है, और इसके पीछे कई वजह हैं. तो आइए जानते हैं 2026 के वो हेल्थ ट्रेंड्स, जो इस साल हर जगह चर्चा में रहने वाले हैं.

फैट जैब सपोर्ट

2025 में वजन घटाने वाले इंजेक्शन जैसे Mounjaro और Wegovy अचानक बहुत पॉपुलर हो गए. लेकिन 2026 में कहानी बदल रही है. अब सवाल सिर्फ वजन कम करने का नहीं है, बल्कि यह भी है कि शरीर को जरूरी पोषण कैसे मिले? क्योंकि ये इंजेक्शन भूख कम कर देते हैं, लोग कम खाते हैं और पोषक तत्वों की कमी का खतरा बढ़ जाता है. इसी वजह से इस साल न्यूट्रिशन सपोर्ट सप्लीमेंट्स, सिट्रस बेस्ड फॉर्मूले और बॉडी के नेचुरल GLP-1 को सपोर्ट करने वाले इंग्रीडिएंट्स तेजी से ट्रेंड में रहेंगे. यह ट्रेंड बताता है कि लोग अब वजन को कमजोरी नहीं, मेडिकल कंडीशन के तौर पर देखने लगे हैं.

रेड लाइट थेरेपी

पहले ठंडे पानी की थेरेपी, फिर सॉना और अब 2026 में चर्चा में रेड लाइट थेरेपी है. यह सिर्फ स्किन के लिए नहीं, बल्कि मसल रिकवरी, एनर्जी बूस्ट, नींद सुधार, बॉडी रिलैक्सेशन के लिए इस्तेमाल की जा रही है. अब जिम और योग स्टूडियो में इन्फ्रारेड लाइट के साथ वर्कआउट भी शुरू हो रहे हैं. यह थेरेपी शरीर को गर्म किए बिना, अंदर से सुकून देती है.

स्कैल्प हेल्थ ट्रेंड

2026 में सिर्फ शैम्पू से काम नहीं चलेगा. अब लोग समझ रहे हैं कि अच्छे बालों की शुरुआत स्कैल्प से होती है. तनाव, गलत डाइट, हार्मोन बदलाव और दवाइयों का असर सीधे स्कैल्प पर पड़ता है. इसलिए ट्रेंड स्कैल्प माइक्रोबायोम केयर, रोल-ऑन स्कैल्प ट्रीटमेंट न्यूट्रिशन + टॉपिकल सॉल्यूशन है. खासकर महिलाओं में हेयर फॉल की समस्या को लेकर यह ट्रेंड खूब वायरल होगा.

प्रोएक्टिव वेलनेस

2026 का सबसे बड़ा बदलाव इलाज से पहले बचाव है. अब लोग बीमार होने का इंतजार नहीं कर रहे. घर बैठे ब्लड टेस्ट, हेयर और हार्मोन जांच, विटामिन और मिनरल लेवल सब कुछ जानना चाहते हैं. लोग खुद अपनी बॉडी के डेटा को समझकर फैसले लेना चाहते हैं -ना कि सिर्फ बीमारी आने के बाद डॉक्टर के पास जाना. इसलिए होम हेल्थ टेस्ट किट, हेल्थ सब्सक्रिप्शन मॉडल, फुल बॉडी स्कैन इस साल तेजी से बढ़ेंगे.

हार्मोन मॉनिटरिंग

सालों तक महिलाओं के हार्मोन को नजरअंदाज किया गया, लेकिन 2026 में टेक्नोलॉजी इस गैप को भरने आ रही है. अब सिर्फ पीरियड ट्रैकिंग नहीं, बल्कि प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज, एनर्जी लेवल, नींद और स्ट्रेस और सब कुछ स्मार्ट डिवाइसेज़ से जुड़ रहा है. आने वाले समय में ऐसे वियरेबल्स दिखेंगे जो रीयल-टाइम में हार्मोनल बदलाव समझने में मदद करेंगे –जैसे आज ग्लूकोज मॉनिटर करता है. यह महिलाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है.

माइंडफुल मूवमेंट और रेस्ट

2026 में लोग खुद को थकाने से ज्यादा सुनने लगे हैं. अब फोकस ब्रीदवर्क, सोमैटिक मूवमेंट, मेडिटेशन स्ट्रेचिंग पर होगा. यह ट्रेंड कहता है कि हर दिन खुद को तोड़ना नहीं, रीकवर करना भी ट्रेनिंग है. नींद, आराम और मानसिक शांति अब लग्जरी नहीं, बल्कि हेल्थ रूटीन का हिस्सा बन रहे हैं.

सोशल वेलनेस

Gen Z की वजह से एक नया ट्रेंड उभर रहा है, जिसे अल्कोहल फ्री सोशल लाइफ कहा जा रहा है. यानी अब लोग ग्रुप वॉक, योग क्लास, वेलनेस कैफे, माइक्रो रिट्रीट के ज़रिए जुड़ रहे हैं. यह दिखाता है कि 2026 में सेहत सिर्फ अकेले की नहीं, कम्युनिटी की भी होगी.

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