क्या इंसान से इंसान में फैलता है Hantavirus? 62 साल पहले आया था भारत में, कितना हो सकता है खतरनाक
हाल ही में हंतावायरस का नाम सामने आया है. जिसने अर्जेंटीना को तो मुसीबत में डाला ही अब ये भारतीय के लिए कितना सुरक्षित है इस पर सवाल बना हुआ है.
एक डच क्रूज जहाज पर हंतावायरस नामक एक खतरनाक वायरस फैल गया है. इस जहाज पर कुल 149 लोग सवार थे, जिनमें दो भारतीय चालक दल के सदस्य भी शामिल हैं. इस वायरस के कारण अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है और कई लोग बीमार पड़ गए हैं. जहाज का नाम एमवी होंडियस है. यह जहाज ओशनवाइड एक्सपेडिशन्स नामक कंपनी चलाती है. फिलहाल यह जहाज अटलांटिक महासागर में केप वर्डे के पास खड़ा है. इस जहाज पर सवार कई यात्रियों में हंतावायरस के लक्षण दिखने लगे.
अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें एक डच कपल (पति-पत्नी) और एक जर्मन यात्री शामिल हैं. एक व्यक्ति की हालत बहुत गंभीर हो गई थी, इसलिए उसे तुरंत जहाज से उतारकर अस्पताल ले जाया गया. बाकी बीमार यात्रियों को जहाज पर ही डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. कंपनी ने राष्ट्रीयता के आधार पर सूची जारी की है. जहाज पर कुल 149 लोग हैं जो 23 अलग-अलग देशों के हैं. इनमें मुख्य रूप से यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन), अमेरिका, जर्मनी और स्पेन के पर्यटक शामिल हैं. दो भारतीय चालक दल के सदस्य भी इस जहाज पर हैं. लेकिन उनकी कोई व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पद या स्वास्थ्य स्थिति अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.
वायरस कैसे फैलता है?
हंतावायरस आमतौर पर चूहों के मल-मूत्र या लार से फैलता है. जब लोग दूषित हवा या धूल सांस के जरिए अंदर लेते हैं तो उन्हें यह संक्रमण हो जाता है. यह वायरस आमतौर पर इंसान से इंसान में आसानी से नहीं फैलता. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि आम लोगों के लिए इसका खतरा बहुत कम है. अगर सही समय पर सावधानी बरती जाए तो यह प्रकोप सीमित रह सकता है.
अभी क्या हो रहा है?
दुनिया भर के स्वास्थ्य अधिकारी उन यात्रियों को ढूंढ रहे हैं और उनकी निगरानी कर रहे हैं जो इस प्रकोप का पता चलने से पहले जहाज से उतर चुके थे. 24 अप्रैल को, पहली मौत के लगभग दो हफ्ते बाद, कम से कम 24 से ज्यादा लोग बिना किसी कांटेक्ट ट्रेसिंग के जहाज से उतर गए थे. ये लोग 12 अलग-अलग देशों के थे. कंपनी ने बताया है कि अभी जहाज पर बचे हुए यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में कोई नए लक्षण नहीं दिख रहे हैं. ध्यान रहे, इस वायरस के लक्षण संक्रमण के 1 से 8 हफ्ते बाद भी दिख सकते हैं.
जांच कहां तक पहुंची?
अर्जेंटीना में स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी इस वायरस के सोर्स का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. संदेह है कि यह वायरस साउथ अर्जेंटीना के किसी शहर से आया हो सकता है. जांच टीम अभी तक वहां रवाना नहीं हुई है. जहाज पर पहला मामला 2 मई को सामने आया था.
क्या भारत के लिए है खतरनाक?
वेबसाइट नेचर के मुताबिक, भारत में पहले भी हंतवायरस के मामले आ चुके हैं. साल 2008 में तमिलनाडु के वेल्लोर में हंतवायरस फैला था. इससे इरुला के 28 लोग संक्रमित पाएं गए थे. यह ज्यादातार उन्हें हुआ था जो मुख्य रूप से चूहा या सांप पकड़ते थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई में 2016 में हंतवायरस की चपेट में एक 12 साल के बच्चे की मौत तक हो चुकी है. हालांकि इसी शुरुआत और भी पुरानी है जब 1964 में पहला मामला आया था तभी यह तमिलनाडु के वेल्लोर के में फैला था जिसे थोटापलायम वायरस नाम दिया गया था.
क्या कहना है WHO का?
हालांकि WHO के मुताबिक, भारत में अभी हंतवायरस को लेकर कोई ख़तरा नहीं जताया है. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि उसने 12 देशों को सूचित कर दिया है. डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा कि जिन देशों के नागरिक जहाज से उतरे हैं उनमें कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सेंट किट्स और नेविस, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं.
हंतावायरस के मुख्य फैलने के तरीके:
1. सांस के जरिए (सबसे आम और खतरनाक तरीका)
यह सबसे ज्यादा होने वाला तरीका है. जब संक्रमित चूहों का सूखा मल, मूत्र या उनके घोंसले की सामग्री (जैसे सूखी घास, धूल) हिलती-डुलती है, तो वायरस के छोटे कण हवा में उड़ जाते हैं. दूषित हवा में सांस लेने से वायरस सीधे फेफड़ों तक पहुंच जाता है. कहां ज्यादा खतरा? पुराने घर, गोदाम, शेड, बंद कमरे, जहाज के स्टोरेज एरिया या जहां लंबे समय से सफाई नहीं हुई हो.
2. दूषित सतहों को छूकर
अगर आप किसी ऐसी जगह या चीज को छूते हैं जहां चूहों का मल, मूत्र या लार लगा हो, और फिर बिना हाथ धोए अपना मुंह, नाक या आंख छू लेते हैं, तो वायरस शरीर में घुस सकता है.
3. चूहे का काटना या खरोंचना
यह तरीका बहुत दुर्लभ है, लेकिन अगर संक्रमित चूहा किसी व्यक्ति को काट ले या खरोंच दे, तो वायरस फैल सकता है
4. दूषित भोजन या पानी
अगर चूहों का मल या मूत्र भोजन, पानी या बर्तनों पर गिर जाए और उसे बिना अच्छी तरह साफ किए खा-पी लिया जाए, तो संक्रमण हो सकता है
क्या हंतावायरस इंसान से इंसान में फैलता है?
आमतौर से नहीं, ज्यादातर प्रकार के हंतावायरस इंसान से इंसान में नहीं फैलते. इसलिए आम लोगों के बीच इसका खतरा बहुत कम होता है. हालांकि एंडीज वायरस (Andes Virus) नामक विशेष प्रकार संक्रमण है जो साउथ अमेरिका में पाया जाता है, के कुछ रेयर मामलों में इंसान से इंसान में फैलने की पुष्टि हुई है. यह तब होता है जब कोई व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीबी और लंबे समय तक संपर्क में रहता है, जैसे: एक ही बेड पर सोना, घरेलू सदस्यों के बीच रेगुलर कॉन्टैक्ट और बीमार व्यक्ति की देखभाल करना।




