क्या काम करते हुए आप नहीं लेते छोटे-छोटे ब्रेक? जानें ऑफिस में क्यों जरूरी है ये आदत
लगातार घंटों काम करना अब पुरानी सोच बनती जा रही है. वैज्ञानिक रिसर्च बताती हैं कि दिनभर में छोटे-छोटे ब्रेक लेना कर्मचारियों की हेल्थ, फोकस और काम की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है.
पिछले कुछ सालों में हमारे काम करने का पूरा तरीका बहुत बदल गया है. पहले ज्यादातर लोग सुबह 9 बजे ऑफिस आते थे और शाम 5 बजे तक लगातार काम करते थे. लेकिन अब यह पुराना सिस्टम लगभग खत्म हो चुका है. आजकल लोग घंटों ऑफिस की कुर्सी पर चिपके काम नहीं कर सकते उन्हें तलाश होती है एक छोटे से ब्रेक की. यह बदलाव कोई बुरी बात नहीं है. बल्कि यह बहुत अच्छी बात है. वैज्ञानिक अध्ययनों से साबित हो चुका है कि पूरे काम के दिन में बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेने से कर्मचारियों का स्वास्थ्य बेहतर होता है, वे काम में ज्यादा मन लगाते हैं और उनकी प्रोडक्टिविटी भी बढ़ जाती है.
छोटे ब्रेक लेने के फायदे
कई जगहों पर अभी भी पुरानी सोच चलती है कि 'उठो और काम करो'. मतलब बिना रुके, बिना थके लगातार काम करते रहो. कुछ कंपनियां तो ऐसा मानती हैं कि जैसे टायर बदलते हुए 80 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चलाना चाहिए, वैसे ही काम भी करना चाहिए. लेकिन साइंस इस पुरानी सोच को गलत बताता है. साइंस एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कर्मचारियों को दिन भर में जब जरूरत हो, छोटे-छोटे ब्रेक लेने की आजादी देनी चाहिए. यह कंपनी के लिए भी फायदेमंद है. ये ब्रेक दिमाग को तरोताजा कर देते हैं. सिर्फ 5 से 10 मिनट के ब्रेक से भी मेंटल हेल्थ में अच्छा सुधार आ जाता है.
एक घंटे का ब्रेक जरुरी
सॉलिटेयर ब्लिस नामक एक नए स्टडी में पता चला है कि अमेरिका में हर चार में से एक कर्मचारी काम के दौरान कम से कम एक घंटे में एक छोटा ब्रेक जरूर लेता है. इन ब्रेक लेने का सबसे बड़ा कारण है कंसंट्रेशन को फिर से फ्रेश करना (93% लोग यही कहते हैं). अच्छी बात यह है कि 56% बॉस और कंपनियां अपने कर्मचारियों को ऐसे छोटे ब्रेक लेने के लिए इनकरेज भी करती हैं. 89% कर्मचारी तनाव कम करने के लिए ये ब्रेक लेते हैं. अगर वे ब्रेक नहीं ले पाते तो आधे से ज्यादा कर्मचारी कहते हैं कि उन्हें ज्यादा थकान महसूस होती है.
आप अपने पसंदीदा छोटे ब्रेक कैसे चुनें?
माइक्रोब्रेक कोई भी छोटी सी एक्टिविटी हो सकती है, जिसमें आपका पूरा ध्यान काम से हट जाएगा. जब इन ब्रेक में पूरी तरह से खुद को काम से अलग रखते है तो खुद में ताजगी महसूस करते हैं. हां, कुछ जगहों पर एक घंटा ब्रेक लेना संभव नहीं ऐसे में आप 10 से 15 मिनट का ब्रेक लेते रहना चाहिए. सॉलिटेयर ब्लिस के स्टडी के अनुसार सबसे आम तीन ब्रेक ये हैं पर्सनल मैसेज देखना, लाइट नाश्ता करना और व्यक्तिगत ईमेल चेक करना. इसके अलावा और भी बहुत आसान तरीके हैं:
गहरी सांस लेना
शरीर की स्ट्रेचिंग करना
सीढ़ियों पर ऊपर-नीचे चलना
खिड़की से बाहर नेचर को देखना
हालांकि विदेशी कर्मचारियों से भारतीय कर्मचारी थोड़ा अलग होते है. वह चाय या स्मोक के लिए भी सबसे ज्यादा ब्रेक लेते हैं.
छोटे ब्रेक क्यों जरूरी हैं?
प्रोडक्टिविटी बढ़ाते हैं: लगातार काम से दिमाग थक जाता है. छोटे ब्रेक ध्यान बनाए रखने में मदद करते हैं. अध्ययनों के अनुसार, ब्रेक लेने से परफॉर्मेंस पूरे दिन अच्छी रहती है.
तनाव और थकान कम करते हैं: बिना ब्रेक के काम करने से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ता है और बर्नआउट का खतरा होता है. छोटे ब्रेक तनाव घटाते हैं, मूड बेहतर करते हैं और एनर्जी रिस्टोर करते हैं.
फिजिकल हेल्थ के लिए फायदेमंद: ऑफिस जॉब में लंबे समय तक बैठने से कमर, गर्दन, कंधे दर्द, आंखों की थकान और पोस्चर की समस्या होती है. ब्रेक में खड़े होना, स्ट्रेचिंग या घूमना इन समस्याओं को कम करता है. हर 20 मिनट में 20 सेकंड 20 फीट दूर देखना आंखों के लिए अच्छा है.
क्रिएटिविटी और फोकस बढ़ाता है: ब्रेक दिमाग को नई सोचने का मौका देते हैं। इससे समस्या-समाधान बेहतर होता है और काम में तरोताजगी आती है.
लंबे समय में स्वास्थ्य लाभ: नियमित ब्रेक से बेहतर नींद, कम बीमारियां और कुल मिलाकर खुशहाल लाइफस्टाइल मिलती है




