The Rock को सताने लगा था टेस्टिकल कैंसर का डर, हुआ था ऐसा दर्द, जानें क्या है ये बीमारी और इसके लक्षण
टेस्टिकल कैंसर पुरुषों के टेस्टिकल्स में होने वाला कैंसर है, जो आमतौर पर गांठ, सूजन या दर्द के रूप में सामने आ सकता है. हाल ही में हॉलीवुड स्टार The Rock को भी टेस्टिकल में दर्दभरी गांठ महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें कैंसर होने का डर सताने लगा था.
क्यों The Rock को सताने लगा था टेस्टिकल कैंसर का डर
हॉलीवुड स्टार और पूर्व रेसलर ड्वेन जॉनसन उर्फ The Rock ने हाल ही में अपनी सेहत से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि नहाते समय उन्हें अपने टेस्टिकल में एक दर्दभरी गांठ महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें टेस्टिकल कैंसर होने का डर सताने लगा. डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में कैंसर की संभावना से इनकार नहीं किया था, जिससे वह करीब 24 घंटे तक चिंता और डर के बीच रहे.
हालांकि बाद में हुई जांच में राहत की खबर मिली और पता चला कि वह कैंसर नहीं था. The Rock का यह एक्सपीरियंस लोगों को यह समझाने के लिए काफी है कि शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. टेस्टिकल कैंसर पुरुषों के टेस्टिकल्स में होता है.
क्या होता है टेस्टिकल कैंसर?
टेस्टिकल कैंसर पुरुषों के अंडकोष (Testicles) में होने वाला कैंसर है. टेस्टिकल शरीर में स्पर्म और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बनाने का काम करते हैं. यह कैंसर अन्य कैंसर की तुलना में कम देखने को मिलता है, लेकिन यंगस्टर्स में यह सबसे आम कैंसरों में से एक माना जाता है.
किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?
यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन 15 से 45 साल के पुरुषों में इसका खतरा ज्यादा माना जाता है. जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को यह कैंसर हुआ हो या बचपन में टेस्टिकल्स से जुड़ी कुछ समस्याएं रही हों, उनमें जोखिम बढ़ सकता है.
टेस्टिकल कैंसर के सामान्य लक्षण
इस बीमारी का सबसे आम लक्षण टेस्टिकल में गांठ या सूजन होना है. इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं:
- अंडकोष में दर्द या असहजता महसूस होना
- टेस्टिकल की थैली में भारीपन लगना
- पेट के निचले हिस्से या जांघ के पास दर्द होना
- अचानक सूजन या लिक्विड जमा होना
- पीठ के निचले हिस्से में दर्द
- छाती के आसपास कोमलता या सूजन महसूस होना
- अधिकतर मामलों में यह कैंसर केवल एक टेस्टिकल पर असर डालता है.
समय पर पहचान क्यों है जरूरी?
विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती फेज में बीमारी का पता चल जाए तो इलाज की संभावना काफी बेहतर होती है. इसलिए पुरुषों को समय-समय पर जांच करने और किसी भी असामान्य गांठ या दर्द को नजरअंदाज न करने की सलाह दी जाती है.




