एक राजा, दो रानी और फायरिंग, कहानी मध्य प्रदेश की रॉयल फैमिली की
मध्य प्रदेश के सतना जिले में पूर्व नागौद राजघराने का पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया. आरोप है कि बाबा राजा की दूसरी पत्नी सुनीता सिंह परिहार ने पहली पत्नी योगिता सिंह पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं. संपत्ति, रिश्तों और उत्तराधिकार को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस और अदालत तक पहुंच गया है.
राजमहल, अरबों की संपत्ति, राजनीतिक रसूख, दो महिलाओं के बीच सालों पुराना विवाद और फिर अचानक गोलियों की आवाज... यह किसी वेब सीरीज की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के सतना जिले में मौजूद नागौद राजपरिवार की असली कहानी है. एक ऐसी कहानी, जिसमें रिश्तों की दरार धीरे-धीरे नफरत में बदली और आखिरकार खून-खराबे तक पहुंच गई. 13 जून की दोपहर परसमनिया गढ़ी में सब कुछ सामान्य दिख रहा था. लेकिन कुछ ही मिनटों बाद यहां जो हुआ, उसने पूरे विंध्य क्षेत्र को हिला दिया.
कहानी की शुरुआत एक राजघराने से....
सतना जिले का नागौद राजघराना कभी अपनी शान और रुतबे के लिए जाना जाता था. आज भी इस परिवार का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव कम नहीं हुआ है. इसी राजपरिवार से जुड़े हैं रूपेंद्र सिंह उर्फ "बाबा राजा". बाबा राजा भाजपा के वरिष्ठ नेता और नागौद विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे हैं. लेकिन पिछले कई सालों से बाबा राजा का निजी जीवन विवादों में घिरा हुआ था.
पहले तो आपको बता दे कि बाबा राजा ने दो शादी की है जिसको लेकर अब कहानी में हर दिन कोई न कोई मोड़ सामने आ रहा है. आइए इसी के साथ जानते हैं आखिर सौतन ने सौतन को क्यों वार किया?
एक तरफ उनकी पहली पत्नी योगिता सिंह थीं, जिनसे उनकी शादी साल 2000 में राजस्थान के उदयपुर राजपरिवार में हुई थी. दूसरी तरफ सुनीता सिंह परिहार थीं, जो लंबे समय से बाबा राजा के साथ परसमनिया गढ़ी में रह रही थीं. यहीं से शुरू हुई वह कहानी, जिसने आखिरकार गोलीकांड का रूप ले लिया.
जब समझौते की बैठक युद्धभूमि बन गई
बताया जाता है कि योगिता सिंह अपने बेटे, भाई और अन्य परिजनों के साथ परसमनिया गढ़ी पहुंची थीं. मकसद था पुराना विवाद खत्म करना. लेकिन जिस जगह बातचीत होनी थी, वहीं कुछ देर बाद चीख-पुकार शुरू हो गई. परिवार के आरोपों के मुताबिक, योगिता जब फार्महाउस के अंदर जाने लगीं तो माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया. और फिर... एक के बाद एक गोलियां चलने लगीं.
'गोली मारो...' और फिर चली फायरिंग
योगिता सिंह की मां नरेंद्र कुमारी का आरोप है कि बाबा राजा ने मौके पर मौजूद सुनीता सिंह को गोली चलाने के लिए कहा. परिवार का दावा है कि .22 बोर की लाइसेंसी बंदूक से कई राउंड फायर किए गए. एक गोली सीधे योगिता सिंह के पेट में जा लगी. खून से लथपथ योगिता जमीन पर गिर गईं. परिवार के लोग चीखते रहे और गढ़ी में अफरा-तफरी मच गई. कुछ देर पहले तक जो जगह समझौते की उम्मीद लिए खड़ी थी, वह अब क्राइम सीन बन चुकी थी. गंभीर हालत में योगिता सिंह को पहले सतना ले जाया गया. लेकिन स्थिति बिगड़ने पर उन्हें रीवा के विंध्य मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर किया गया.
रातभर ऑपरेशन चला.
डॉक्टरों ने गोली निकालने के बाद उनकी जान बचाने की कोशिश की. फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. यह विवाद नया नहीं था... परिवार का दावा है कि सुनीता और योगिता के बीच तनाव वर्षों पुराना है. आरोप है कि पहले भी मारपीट और जान से मारने की कोशिश जैसी घटनाएं हो चुकी हैं. कई बार विवाद थाने तक पहुंचा, लेकिन राजपरिवार के प्रभाव और राजनीतिक पहुंच के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पाया. इस बार हालांकि मामला गोली तक पहुंच गया.
कौन हैं सुनीता सिंह?
सुनीता सिंह सतना जिले के उमरी गांव की रहने वाली बताई जाती हैं. वह पहले एनजीओ से जुड़ी थीं. बाद में उनकी नजदीकियां बाबा राजा से बढ़ीं और वे परसमनिया गढ़ी में रहने लगीं. धीरे-धीरे राजपरिवार के भीतर दो खेमे बन गए. एक तरफ योगिता सिंह और उनका बेटा. दूसरी तरफ बाबा राजा और सुनीता सिंह. सूत्रों के मुताबिक, संपत्ति और उत्तराधिकार को लेकर भी विवाद लगातार गहराता गया.
अरबों की संपत्ति और वारिस की लड़ाई
नागौद राजपरिवार के पास आज भी सैकड़ों एकड़ जमीन, व्यावसायिक संपत्तियां और करोड़ों-अरबों की पैतृक संपत्ति बताई जाती है. स्थानीय लोगों का मानना है कि असली लड़ाई रिश्तों से ज्यादा संपत्ति और उत्तराधिकार की है. योगिता सिंह का बेटा राजपरिवार का वैध वारिस माना जाता है. इसी वजह से वर्षों से चल रहा विवाद लगातार गहराता चला गया.
बाबा राजा का विवादों से पुराना रिश्ता
स्थानीय राजनीति में बाबा राजा का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है. कुंजल हत्याकांड से लेकर अन्य आपराधिक मामलों तक, उनका नाम समय-समय पर चर्चा में रहा. हालांकि इनमें से कई मामलों में कोई अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने नहीं आया. लेकिन इस बार मामला सीधे गोलीकांड तक पहुंच गया है.
पुलिस की कार्रवाई और वायरल वीडियो
पुलिस ने आरोपी सुनीता सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया है. उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह कथित तौर पर पुलिस स्टेशन में आराम से बैठकर सॉफ्ट ड्रिंक पीती दिखाई दे रही हैं.
वीडियो ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
- क्या आरोपी को विशेष सुविधा मिल रही थी?
- क्या राजपरिवार का प्रभाव अब भी काम कर रहा है?
- या फिर यह सिर्फ सोशल मीडिया की बनाई हुई कहानी है?
- इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे.
- अभी कहानी खत्म नहीं हुई...
- नागौद राजपरिवार की यह कहानी सिर्फ एक फायरिंग केस नहीं है.
- यह सत्ता, संपत्ति, रिश्तों, वर्चस्व और टूटते परिवार की कहानी है.
- एक तरफ अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी के लिए लड़ती योगिता सिंह हैं.
- दूसरी तरफ जेल पहुंच चुकी सुनीता सिंह.
- और बीच में खड़े हैं बाबा राजा, जिनके इर्द-गिर्द पूरा विवाद घूम रहा है.
- अब सबकी नजर पुलिस जांच और अदालत की कार्रवाई पर है.
- क्योंकि परसमनिया गढ़ी में चली गोलियों की गूंज अभी थमी नहीं है.




