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कभी मोदी को कहा था हिटलर, फिर लड़ना चाहते थे कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव, अब BJP छोड़ने वाले Shehzad Poonawalla को कितना जानते हैं आप?

शहजाद पूनावाला ने भाजपा पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि उन्होंने या पार्टी ने इस इस्तीफे को लेकर अभी कोई बयान नहीं दिया है. इसके अलावा शहजाद ने अपना सोशल मीडिया बायो भी अपडेट कर दिया है.

Shehzad Poonawalla
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Shehzad Poonawalla

( Image Source:  ANI )

भारतीय जनता पार्टी के जाने-माने राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अपना BJP से रिजाइन कर दिया है. हालांकि उन्होंने पार्टी से क्यों रिजाइन किया इसको लेकर शहजाद या पार्टी की तरफ से कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है. हालांकि उन्होंने अब सोशल मीडिया पर अपना बायो भी बदल लिया है. शहजाद पूनावाला लंबे समय तक भाजपा के प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ताओं में शामिल रहे और टीवी डिबेट्स में अपनी आक्रामक शैली, तथ्यात्मक तर्कों और विपक्ष पर तीखे हमलों के लिए पहचाने जाते रहे हैं. हालांकि उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कांग्रेस के साथ की थी लेकिन बाद में वे भाजपा में शामिल हो गए थे.

कब की थी राजनीतिक सफर की शुरुआत?

शहजाद पूनावाला ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2008 में कांग्रेस पार्टी से की थी. इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस में सचिव के रूप में जिम्मेदारी निभाई और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के मीडिया सेल की रिसर्च टीम का भी हिस्सा रहे. साल 2017 में उन्होंने कांग्रेस के आंतरिक संगठनात्मक चुनावों पर गंभीर सवाल उठाए. उनका आरोप था कि पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं है तथा पूरी प्रक्रिया राहुल गांधी के पक्ष में एकतरफा बनाई गई है. इसी विवाद के बाद उन्होंने कांग्रेस से अलग होने का फैसला किया.

कब लड़ना चाहते थे कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव?

साल 2017 में शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी. हालांकि, उन्होंने इसके लिए शर्त रखी थी कि यदि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और गैर-वंशवादी होगी, तभी वह राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे. उनका यह बयान उस समय कांग्रेस के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर बड़ी बहस का विषय बना था.

कब हुई थी भाजपा में एंट्री?

कांग्रेस छोड़ने के बाद वर्ष 2017 के अंत में शहजाद पूनावाला भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. पार्टी ने उनकी प्रभावशाली संवाद क्षमता और मीडिया में मजबूत पकड़ को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का पक्ष मजबूती से रखा. साल 2021 में उन्हें दिल्ली भाजपा के सोशल मीडिया विंग का प्रभारी भी बनाया गया, जहां उन्होंने डिजिटल अभियान और संगठनात्मक संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

क्या नरेंद्र मोदी को कहा था हिटलर?

साल 2017 में जब सोशल मीडिया पर एक यूजर ने पोस्ट करके लिखा था कि "मुझे यकीन है कि शहज़ाद पूनावाला अगले 5 सालों में नरेंद्र मोदी के चीयरलीडर बनेंगे." इस पर रिप्लाई करते हुए शहजाद ने लिखा था कि मैं "देसी हिटलर' का चीयरलीडर बनने के बजाय मरना पसंद करूंगा. शुक्रिया, पर मुझे यह मंज़ूर नहीं."

कौन हैं शहजाद पूनावाला?

शहजाद पूनावाला का जन्म 17 अक्टूबर 1987 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था. उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से कानून (एलएलबी) की पढ़ाई की और कॉमर्स में स्नातक की डिग्री भी प्राप्त की. पेशे से वे एक वकील हैं और राजनीति में आने से पहले भी सार्वजनिक मुद्दों पर सक्रिय रहे. शहजाद पूनावाला के बड़े भाई तहसीन पूनावाला भी देश के चर्चित राजनीतिक विश्लेषकों में गिने जाते हैं. वे अक्सर टीवी डिबेट्स में कांग्रेस का पक्ष रखते हुए दिखाई देते हैं. अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के कारण दोनों भाइयों के बीच कई बार सार्वजनिक रूप से मतभेद भी देखने को मिले हैं.

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