पिता दर्जी, 13 साल की उम्र में शुरू की वेटलिफ्टिंग और अब CWG 2026 में जीता सिल्वर; कौन हैं Lovepreet Singh?
भारत के वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के +110 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने स्नैच में नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया... लेकिन सिर्फ 1 किलोग्राम के अंतर से गोल्ड से चूक गए.
Lovepreet Singh
Who is Lovepreet Singh: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए वेटलिफ्टिंग से एक और पदक आया, लेकिन इस बार गोल्ड बेहद करीब आकर हाथ से निकल गया. पंजाब के लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के +110 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. वह न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी से महज 1 किलोग्राम पीछे रहे।
लवप्रीत ने कुल 388 किलोग्राम वजन उठाया. इसमें स्नैच में 176 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 212 किलोग्राम शामिल रहा. न्यूजीलैंड के लिटी ने कुल 389 किलोग्राम उठाकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ ने 356 किलोग्राम के साथ ब्रॉन्ज हासिल किया.
स्नैच में लवप्रीत का दबदबा
लवप्रीत ने प्रतियोगिता की शुरुआत ही शानदार अंदाज में की. अपने पहले प्रयास में उन्होंने 168 किलोग्राम आसानी से उठा लिया. इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 173 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाया. तीसरे प्रयास में लवप्रीत ने 176 किलोग्राम उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का नया स्नैच रिकॉर्ड बना दिया. इस प्रदर्शन के बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क से पहले अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पर 10 किलोग्राम की बढ़त बना ली थी. यानी उस समय गोल्ड मेडल की तस्वीर भारत के पक्ष में काफी मजबूत नजर आ रही थी.
आखिरी प्रयास में रह गया गोल्ड
- क्लीन एंड जर्क में भी लवप्रीत ने अच्छी कोशिश की. उनके पास गोल्ड जीतने का शानदार मौका था. आखिरी प्रयास में उन्होंने 217 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की.
- अगर वह यह वजन सफलतापूर्वक उठा लेते तो न सिर्फ गोल्ड मेडल उनके नाम होता, बल्कि नया गेम्स रिकॉर्ड भी बन जाता.
- लवप्रीत ने 217 किलोग्राम को क्लीन तो कर लिया, लेकिन जर्क पूरा नहीं कर सके. इसके साथ ही गोल्ड की उम्मीद टूट गई और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा.
- मेडल जीतने के बाद लवप्रीत ने अपनी निराशा भी जाहिर की. उन्होंने कहा कि स्नैच के बाद उन्हें लगा था कि वह गोल्ड जीतेंगे, लेकिन आखिरी क्लीन एंड जर्क प्रयास पूरा नहीं कर पाने का उन्हें थोड़ा अफसोस है.
- लवप्रीत का कहना था कि उन्होंने ट्रेनिंग में इससे ज्यादा वजन उठाया है.
2022 के ब्रॉन्ज के बाद अब सिल्वर
लवप्रीत सिंह के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपने पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स प्रदर्शन में सुधार किया है. 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था, जबकि इस बार उन्होंने सिल्वर पर कब्जा जमाया. 28 साल के लवप्रीत के लिए यह पदक उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है. खासकर स्नैच में गेम्स रिकॉर्ड बनाना उनके प्रदर्शन को और खास बनाता है.
कौन हैं लवप्रीत सिंह?
लवप्रीत सिंह पंजाब के अमृतसर जिले के बल सिकंदर गांव से आते हैं. उनके पिता दर्जी का काम करते हैं, जबकि उनके दादा सब्जियां बेचकर परिवार चलाते थे. परिवार ने लवप्रीत को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्होंने महज 13 साल की उम्र में DAV ग्राउंड से वेटलिफ्टिंग शुरू की.
एक साधारण परिवार से निकलकर कॉमनवेल्थ गेम्स के पोडियम तक पहुंचना लवप्रीत की मेहनत, परिवार के समर्थन और लंबे संघर्ष की कहानी को दिखाता है. इस बार गोल्ड उनसे सिर्फ एक किलोग्राम दूर रहा, लेकिन नया स्नैच रिकॉर्ड और सिल्वर मेडल यह बताने के लिए काफी है कि लवप्रीत ने ग्लासगो में भारत के लिए अपना दमदार प्रदर्शन दर्ज कराया.




