Poll Violence: जमीन पर लाखों सुरक्षाकर्मी, फिर भी सुलगा Bengal, TMC की दबंगई के 5 बड़े सबूत
Bengal Poll Violence: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण में भारी सुरक्षा के बावजूद हिंसा भड़की. TMC पर दबंगई, बूथ कब्जा और मतदाताओं को डराने के आरोप, 5 बड़े मामलों से उठे सवाल.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में जमीन में 2.4 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बाजवूद हिंसा की घटनाओं ने चुनावी माहौल पर सवाल खड़े कर दिए. प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों और पुलिस की बड़ी तैनाती के बावजूद कई जगह झड़प, बमबाजी, बम ब्लास्ट, बूथ के पास तनाव और मतदाताओं को डराने-धमकाने की शिकायतें सामने आईं. विपक्षी दलों, खासकर BJP और हुमायूं कबीर की पार्टी और अन्य क्षेत्रीय दलों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुखों और स्थानीय पार्षदों पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए.
मुर्शिदाबाद, बीरभूम, सिलीगुड़ी, दिनाजपुर पुरुलिया और उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों में हुई घटनाओं ने यह बहस तेज कर दी है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था जमीन पर उतनी प्रभावी रही, जितनी कागजों में दिखाई देती है. पहले चरण की वोटिंग के दौरान सामने आए ये पांच बड़े मामले ने ना सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, बल्कि चुनाव की निष्पक्षता पर भी गंभीर चिंताएं पैदा करते हैं.
कहां-कहां हुई चुनावी हिंसा? TMC के दबंग नहीं आए बाज
1. नौदा-मुर्शिदाबाद
पहले चरण के मतदान में मुर्शिदाबाद में सबसे ज्यादा तनावग्रस्त जिला बनकर उभरा. नौदा इलाके में हुमायूं कबीर की पार्टी AUJP और तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई. यहां टीएमसी के स्थानीय नेताओं की पत्थरबाजी और कथित बमबाजी की घटनाएं सामने आईं, जिसमें एक महिला समेत कई लोग घायल हुए. हालात काबू में करने के लिए पुलिस और CRPF को तैनात करना पड़ा.
AUJP प्रमुख हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि TMC पर अपनी पार्टी ने कार्यकर्ताओं को पीटने और धमकाने का आरोप लगाया. साथ ही पुलिस पर पक्षपात और लाठीचार्ज करने के भी आरोप लगाए गए.
2. कुमारगंज बीरभूम
कुमारगंज विधानसभ क्षेत्र में BJP उम्मीदवार पर हमला करने का TMC समर्थकों पर आरोप लगाया. बीजेपी प्रत्याशी सुवेंदु सरकार के साथ TMC समर्थकों ने हाथापाई की. पार्टी ने दावा किया कि सरकार पर उस समय हमला किया गया, जब वह उस स्कूल परिसर की ओर जा रहे थे, जहां पोलिंग बूथ बनाया गया था.
3 . सूरी में BJP चुनाव एजेंट गंभीर रूप से घायल
सूरी में BJP उम्मीदवार देबाशीष ओझा के चुनाव एजेंट बिस्वजीत मंडल पर हमला करने का मामला सामने आया है. बिस्वजीत मंडल ने बताया, "मैं एक चुनाव एजेंट हूं... कुछ लोगों ने हमसे शिकायत की कि पूरे बूथ पर कब्जा किया जा रहा है. वापस आते समय, मुझ पर टीएमसी के समर्थकों ने हमला बोल दिया. बूथ से 100 मीटर की दूरी पर यह घटना हुई. उन्होंने मुझे चारों तरफ से घेर लिया. मेरी जेब में कांच के टुकड़े थे. उन्होंने पूरी कार तोड़ दी."
4. बीरभूम: पोलिंग एजेंट पर हमला
बीरभूम के लाभपुर क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार के पोलिंग एजेंट पर हमला किया गया. हमले में एजेंट के सिर में गंभीर चोट आई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. इस घटना ने स्थानीय स्तर पर चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया.
5. सिलीगुड़ी में प्रॉक्सी वोट को लेकर झड़प
सिलीगुड़ी में एक वोटर ने मतदान के दौरान अपने नाम पर प्रॉक्सी वोट डाले जाने का आरोप लगाया. वोटर के पिता, गोपाल दास ने कहा, "मेरी बेटी और मैं वोट डालने आए थे. मैंने अपना वोट डाला, जिसके बाद हमें बताया गया कि किसी और ने मेरी बेटी के नाम पर पहले ही वोट डाल दिया है. सिलीगुड़ी के डांगीपारा इलाके में एक पोलिंग स्टेशन के पास जमा भीड़ को केंद्रीय सशस्त्र पैरामिलिट्री फोर्स (CRPF) ने तितर-बितर कर दिया. पुरुलिया के बुधपुर गांव में कथित EVM खराबी को लेकर गांव वालों और केंद्रीय बलों के बीच झड़पें हुईं.
किसने किस पर क्या लगाए आरोप?
TMC के आरोप: तृणमूल कांग्रेस ने CRPF पर चोपड़ा में महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगाया. साथ ही BJP पर यह आरोप भी लगाया कि कम वोट मिलने की आशंका में वह गड़बड़ी की कोशिश कर सकती है. TMC ने चुनाव आयोग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए. नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से TMC उम्मीदवार पबित्रा कर ने आरोप लगाया कि जब पोलिंग एजेंट बाहर निकले, तो BJP समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया.
BJP के आरोप: भारतीय जनता पार्टी ने TMC कार्यकर्ताओं पर बमबाजी, हिंसा और मतदाताओं को डराने का आरोप लगाया. पार्टी ने मुर्शिदाबाद की घटनाओं को TMC की राजनीतिक संस्कृति का उदाहरण बताया और अपने उम्मीदवारों व कार्यकर्ताओं पर हमले की शिकायत की.
बहरामपुर EVM में आई खराबी: बहरामपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव अधिकारी से बात की और उनसे मतदान केंद्र पर EVM में आई खराबी को ठीक करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, "बूथ नंबर 141 पर EVM ठीक से काम नहीं कर रही है. इसके चलते, धूप में खड़े आम मतदाताओं को बिना वोट डाले ही घर लौटना पड़ रहा है.
पत्थर मारकर हमें रोक नहीं सकते : अग्निमित्रा पॉल
आसनसोल से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "हमारी कार चलना शुरू की तभी एक बड़ा पत्थर हमारे कार के पीछे के शीशा पर लगा और शीशा टूट गया. कोई पीछे से हमला कर दे तो हम क्या कर सकते हैं. हम दूसरे जगह जा रहे थे तभी ऐसा हुआ और ऐसा बार-बार किया जा रहा है, अब आप समझ ही रहे होंगे ये कौन कर रहा है और क्यों किया जा रहा है? अल्पसंख्यक इलाके में कौन ये सब करेगा, TMC के साथ अल्पसंख्यकों का अच्छा संबंध है....लेकिन मुसलमान भाई-बहन भी मोदी की सरकार चाहते हैं वे लोग को पता है कि उन्होंने कुछ काम नहीं किया है. पत्थर मारकर मुझे रोक नहीं सकते हैं हम फिर से जाएंगे...हमने थाने में बोल दिया है लेकिन अभी तक लिखित शिकायत नहीं किया है."
TMC पार्षद का नाम ले बीजेपी नेता ने लगाए ये आरोप
बीरभूम से भाजपा उम्मीदवार जगन्नाथ चटोपाध्याय ने कहा, "TMC नेता शिप्रा मजूमदार और उनके पति रास्ता बाधित कर रहे हैं. बूथ के 100 मीटर के अंदर वे ऐसी हरकत नहीं कर सकती." इसके जवाब में TMC पार्षद शिप्रा मजूमदार ने कहा, "यह झूठ है, जो लोग वोट देने आ रहे हैं आप उनसे पूछिए मैंने उनसे कुछ कहा है या नहीं, मैं नियम जानती हूं, यहां किसी की पारिवारिक समस्या हुई है वे मुझे बता रहे थे, इसलिए मैं यहां खड़ी हूं. वोट देना सभी का लोकतांत्रितक अधिकार है, उसमें मैं क्यों दखल दूंगी."




