West Bengal Opinion Poll: 'Mamata Magic’ अभी भी कायम! क्या बंगाल में फिर दोहराई जाएगी पुरानी कहानी? जानें क्या कहते हैं ओपिनियन पोल
West Bengal में सामने आए ताजा ओपिनियन पोल ने सियासी हलचल तेज कर दी है, जिसमें Mamata Banerjee की अगुवाई वाली TMC को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है. हालांकि बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर नाराजगी के बावजूद, क्या ‘ममता फैक्टर’ फिर से सत्ता दिला पाएगा- यह बड़ा सवाल बना हुआ है.
West Bengal में सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी करती नजर आ रही है. यह दावा VoteVibe द्वारा किए गए और CNN-News18 पर जारी ताजा ओपिनियन पोल में किया गया है. जिसमें ममता बनर्जी की पार्टी को जबरदस्त जनता का प्यार मिलता दिख रहा है.
प्री-इलेक्शन सर्वे के मुताबिक, Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली टीएमसी को 294 सदस्यीय विधानसभा में 184 से 194 सीटें मिल सकती हैं, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ज्यादा है. वहीं विपक्षी Bharatiya Janata Party को 98 से 108 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य छोटे और क्षेत्रीय दलों की भूमिका सीमित रह सकती है.
क्या वेस्ट बंगाल में ममता फैक्टर करेगा काम?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई हैं. सर्वे में करीब 48.5% लोगों ने उन्हें अपनी पसंदीदा मुख्यमंत्री बताया. इसके मुकाबले बीजेपी नेता Suvendu Adhikari को 33.4% समर्थन मिला, जो उनसे काफी पीछे है.
क्या कहते हैं वोट शेयर?
वोट शेयर के मामले में भी टीएमसी आगे नजर आ रही है. सर्वे के अनुसार 41.9% लोग टीएमसी को समर्थन दे रहे हैं, जबकि 34.9% लोग बीजेपी के पक्ष में हैं. सर्वे में 36.5% लोगों ने कहा कि वे मौजूदा टीएमसी विधायकों को फिर से वोट देने के इच्छुक हैं, जिससे सत्तारूढ़ दल को बढ़त मिलती दिख रही है.
सरकार के कामकाज पर क्या है जनता की राय?
राज्य सरकार के कामकाज को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है. करीब 43.3% लोगों ने सरकार के प्रदर्शन को 'अच्छा' या 'बहुत अच्छा' बताया. वहीं एक तिहाई से ज्यादा लोग असंतुष्ट नजर आए, जिनमें 20.6% ने इसे 'बहुत खराब” और 18.3% ने 'खराब' बताया.
अलग-अलग सामाजिक समूहों में राय अलग-अलग है. मुस्लिम समुदाय के 44.2% लोगों ने सरकार के काम को 'बहुत अच्छा' बताया. वहीं सवर्ण हिंदू और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों में सबसे ज्यादा नाराजगी देखी गई, जहां 26.6% लोगों ने सरकार के काम को “बहुत खराब” बताया.
क्या हैं वोटर्स के मुद्दे?
बेरोजगारी इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है, जिसे 37.2% लोगों ने सबसे बड़ी चिंता बताया. कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा 15.9% के साथ दूसरे नंबर पर है, जिस पर RG Kar मेडिकल कॉलेज की घटना का असर भी दिखता है. महंगाई (10.5%) और भ्रष्टाचार (10.3%) भी अहम मुद्दों में शामिल हैं. मुस्लिम समुदाय के लोग बेरोजगारी को लेकर अन्य समूहों की तुलना में कम चिंतित दिखे, लेकिन SIR से जुड़े मुद्दों पर उनकी चिंता सबसे ज्यादा रही.
क्या हैं बीजेपी के लिए चुनौतियां?
सर्वे में बीजेपी की सबसे बड़ी कमजोरी पार्टी के अंदरूनी मतभेद बताए गए हैं, जिसे 19.9% लोगों ने मुद्दा माना. इसके अलावा 17.2% लोगों ने करिश्माई राज्य नेतृत्व की कमी और 12.5% ने बंगाल की संस्कृति को न समझ पाने को भी बड़ी वजह बताया.
संगठनात्मक कमजोरियां और संदेश देने में कमी को भी चुनौतियों के रूप में देखा गया. वहीं 22.5% लोगों ने बीजेपी की कमियों को लेकर कोई स्पष्ट राय नहीं दी, जिससे यह संकेत मिलता है कि या तो लोग पार्टी की अंदरूनी स्थिति से पूरी तरह अवगत नहीं हैं या खुलकर आलोचना करने से बच रहे हैं.




