Iran War में पाकिस्तान की एंट्री’! बैकडोर डील, इस्लामाबाद मीटिंग और 9 अप्रैल डेडलाइन- क्या बड़ा खेल होने वाला है?
ईरान-इजराइल जंग के बीच Pakistan खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है. Asim Munir और Donald Trump की बातचीत ने हलचल बढ़ा दी है. सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान जिसके घर में खाने के खुद लाले पड़े हुए हैं वह इस जंग को रोकने में अहम भूमिका निभाने वाला है.
Pakistan in Iran War: अमेरिका और इजराइल के साथ जारी जंग के बीच पाकिस्तान खुद को एक अहम मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Asim Munir ने रविवार को Donald Trump से फोन पर बातचीत की, जिसमें इस संघर्ष को खत्म करने के रास्तों पर चर्चा हुई.
इससे पहले 23 मार्च को ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच 'बेहद सकारात्मक बातचीत' हुई है और जंग को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में प्रगति हो रही है. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को खारिज कर दिया और कहा कि वॉशिंगटन के साथ ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है.
क्या अमेरिका ने रोके हमले?
इस बीच एक खाड़ी देश के राजनयिक ने संकेत दिया कि हालिया तनाव के बीच एक बड़े ऊर्जा संकट को टाल दिया गया है, क्योंकि अमेरिका द्वारा ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर संभावित हमले और उसके जवाब को फिलहाल रोका गया. एक मिस्री अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्रीय मध्यस्थों- मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के जरिए मैसेज डिलीवर किए गए हैं, जिससे तनाव कम करने की कोशिश की जा रही है.
क्या पाकिस्तान जाएंगे व्हाइट हाउस सेक्रेटरी?
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी Karoline Leavitt से यह सवाल किया गया कि क्या अमेरिकी उपराष्ट्रपति J. D. Vance और अमेरिकी दूत Steve Witkoff व Jared Kushner इस हफ्ते इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. इस पर उन्होंने जवाब दिया कि ये बेहद संवेदनशील कूटनीतिक बातचीत है और आधिकारिक घोषणा से पहले किसी भी तरह के कयास सही नहीं माने जाने चाहिए.
क्या 9 अप्रैल को खत्म हो जाएगी जंग?
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने 9 अप्रैल को इस जंग को खत्म करने की संभावित समय-सीमा तय की है. तुर्की की न्यूज एजेंसी अनादोलू के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया कि वॉशिंगटन ने यह लक्ष्य रखा है, जिससे बातचीत और संघर्ष दोनों के लिए सीमित समय बचता है.
एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों पक्षों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को एक साथ लाने की कोशिशें जारी हैं. इसमें ईरानी संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और अमेरिका की ओर से विटकॉफ, कुशनर और संभवतः वेंस शामिल हो सकते हैं. हालांकि अभी दोनों साइड से इसकी पु्ष्टि नहीं हो पाई है.
क्या इस्लामाबाद में होने वाली है मीटिंग?
रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्यस्थ देश इस्लामाबाद में एक बैठक कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधि शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि ग़ालीबाफ इस संघर्ष के दौरान एक प्रमुख निर्णयकर्ता के रूप में उभरे हैं और उनके साथ अमेरिकी दूतों की बातचीत भी हुई है.
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बात की और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर गहरी चिंता जताई. उन्होंने इस संकट को कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया.




