Iran की 'बिजली खत्म' करने वाली धमकी से डर गया अमेरिका! ट्रंप ने लिया बड़ा फैसला, क्या खत्म हो जाएगी जंग?
ईरान की “बिजली खत्म” करने वाली धमकी के बीच Donald Trump ने अचानक हमले टालकर कूटनीतिक बातचीत को मौका दिया है, जिससे हालात में बड़ा मोड़ आता दिख रहा है. लेकिन क्या ये फैसला शांति की दिशा में कदम है या ईरान के दबाव में लिया गया निर्णय- इस पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
Iran Israel War News: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है, जिसे उन्होंने 'बहुत अच्छी और सकारात्मक बातचीत' बताया है. यह बातचीत मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से की जा रही है. हालांकि ट्रंप के इस बयान के कई मतलब निकाले जा रहे हैं. माना जा रहा है ट्रंप का यह बयान ईरान के उस बयान के बाद आया है जिसमें उसने पावर स्टेशन्स को नुकासन पहुंचाने की बात कही थी.
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अमेरिका को घुटने पर लाने का फुल फ्लेज प्लान बनाया था. इसके लिए ईरानी सेना ने उन टारगेट्स को भी दिखाया था, जहां वह मिडिल ईस्ट में हमले करने वाले थे. यह कदम उस समय आया है जब जंग अपने चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है और पहली बार किसी तरह के तनाव कम होने के संकेत सामने आए हैं. ट्रंप के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति संभावित ईरानी जवाबी कार्रवाई के डर से 'पीछे हट गए' हैं.
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी बयान में ट्रंप ने कहा,"मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में बहुत अच्छी और सकारात्मक बातचीत हुई है, जो मिडिल ईस्ट में हमारे टकराव के पूर्ण समाधान को लेकर है. इन गहन और रचनात्मक बातचीत के माहौल को देखते हुए, जो पूरे सप्ताह जारी रहेंगी, मैंने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे पर सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए. यह फैसला जारी बैठकों और बातचीत की सफलता पर निर्भर करेगा."
यह घोषणा उस समय की गई जब कुछ ही घंटों पहले ईरान ने अमेरिका की चेतावनी के जवाब में नई और खुली धमकियां दी थीं. सोमवार को ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनके क्षेत्र पर और हमले हुए तो वे खाड़ी में पूरे क्षेत्र के पावर स्टेशनों को निशाना बनाएंगे.
ईरान का क्या है प्लान?
ईरान ने संभावित लक्ष्यों के नक्शे भी जारी किए, जिनमें इजराइल के दो सबसे बड़े पावर स्टेशन्स के साथ-साथ सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और कुवैत के ऊर्जा प्रतिष्ठान शामिल हैं. इन नक्शों के साथ जारी एक ग्राफिक में साफ तौर पर लिखा था, “बिजली को अलविदा कह दीजिए.”
यह तीखी बयानबाजी उस समय और बढ़ गई जब ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए आधी रात तक का अल्टीमेटम दिया था. उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं करने पर ईरान के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को 'पूरी तरह खत्म' कर दिया जाएगा.
हालांकि तेहरान की ओर से इस अल्टीमेटम का पालन करने के कोई संकेत नहीं मिले हैं. इसके उलट, ईरान ने इस संकरे जलमार्ग से गुजरने वाले टैंकरों की आवाजाही को पहले ही सीमित कर दिया है. यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा संभालता है.
इसके अलावा, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों, अमेरिकी राजनयिक मिशनों और इजराइल के भीतर भी कई लक्ष्यों पर जवाबी हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है.




