80 मौतें, दर्जनों घायल, टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही क्यों गिरा Colombia का सैन्य विमान? वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर
टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद Colombia में हुआ यह भयावह विमान हादसा कई अनसुलझे सवाल खड़े कर गया है, जिसमें 80 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है. वायरल वीडियो में दिख रहे खौफनाक मंजर के बीच अब हर किसी की नजर जांच पर टिकी है- आखिर इतनी बड़ी त्रासदी की असली वजह क्या थी?
Colombia Plane Crash: दक्षिण-पश्चिमी Colombia में सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा हुआ है. 125 लोगों को लेकर जा रहा एक सैन्य विमान टेकऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया. अधिकारियों के मुताबिक इस हादसे में कम से कम 66 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए हैं.
स्थानीय सरकारी सचिव Carlos Claros ने RCN टीवी से बातचीत में बताया कि 48 लोग घायल हुए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की जा रही है. इससे पहले दिन में अधिकारियों ने आठ मौतों की पुष्टि की थी. समाचार एजेंसी Reuters के मुताबिक यह विमान देश के दक्षिणी अमेजन क्षेत्र के गहरे इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ.
कोलंबिया की सेना ने क्या कहा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 40 से ज्यादा लोगों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है. वहीं, कोलंबियाई वायुसेना के कमांडर Fernando Silva ने एक वीडियो संदेश में कहा कि विमान में 114 यात्री और 11 क्रू मेंबर सवार थे. उन्होंने यह भी कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है.
यह हादसा कैसे हुआ?
कोलंबिया के रक्षा मंत्री Pedro Sanchez के अनुसार यह दुर्घटना उस समय हुई जब Lockheed Martin C-130 Hercules विमान पेरू सीमा के पास स्थित Puerto Leguizamo से उड़ान भर रहा था. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दिखाया गया है कि सैनिकों को ले जा रहा यह विमान टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद तेजी से नीचे गिरता हुआ नजर आता है. अनुमान लगाया जा रहा है कि प्लेन का इंजन फेल हुआ है. जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
वहीं, स्थानीय मीडिया BluRadio द्वारा जारी एक अन्य वीडियो में हादसे के बाद आसमान में घना धुआं उठता दिखाई देता है. हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है. BluRadio के अनुसार यह दुर्घटना शहर के एक शहरी इलाके से केवल 3 किलोमीटर दूर हुई.
कोलंबियाई राष्ट्रपति ने क्या कहा?
इससे पहले X पर किए गए एक अन्य पोस्ट में राष्ट्रपति Gustavo Petro ने सेना के आधुनिकीकरण में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि सैन्य उपकरणों के आधुनिकीकरण का फैसला उनकी सरकार काफी समय से लेना चाहती है, लेकिन सैन्य प्रशासन में मौजूद नौकरशाही अड़चनों के कारण यह काम पिछले एक साल से अटका हुआ है.
उन्होंने कहा कि अगर इस फैसले को मंजूरी नहीं मिलती है, तो “नागरिक या सैन्य प्रशासनिक अधिकारियों” को हटाना पड़ेगा और अब और समय नहीं दिया जाएगा. राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि योजना निदेशक और रक्षा मंत्री को उनके साथ बैठक कर Conpes को मंजूरी दिलानी होगी, ताकि हथियारों की खरीद, खासकर एंटी-ड्रोन सिस्टम, जल्द शुरू की जा सके. उन्होंने कहा कि यह एक रणनीतिक परियोजना होगी, जिसे भविष्य के बजट प्रावधानों से वित्तपोषित किया जाएगा.




