Begin typing your search...

गरीबी नहीं बनी रुकावट! अखबार बेचने वाले की बेटी मानवी कुमारी ने Bihar Board 12th में किया टॉप, बताया सफलता का मंत्र

बिहार बोर्ड 12वीं कॉमर्स रिजल्ट 2026 में मानवी कुमारी ने 474 अंक हासिल कर चौथा स्थान प्राप्त किया. अखबार बेचने वाले पिता की बेटी की यह कहानी लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है.

गरीबी नहीं बनी रुकावट! अखबार बेचने वाले की बेटी मानवी कुमारी ने Bihar Board 12th में किया टॉप, बताया सफलता का मंत्र
X
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 24 March 2026 12:57 PM

X: @Mukesh_Journo

सीमित संसाधनों में भी मेहनत और हौसले ने चमका दिया सपना कहते हैं ना, कि सच्ची मेहनत और मजबूत इरादे के सामने दुनिया की कोई भी मुश्किल टिक नहीं सकती. बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के कॉमर्स स्ट्रीम के रिजल्ट ने एक बार फिर इस बात को साबित कर दिया है. वैशाली जिले की एक साधारण परिवार की बेटी मानवी कुमारी ने बेहद सीमित सुविधाओं के बीच भी अपनी लगन और कड़ी मेहनत से पूरे बिहार में चौथा स्थान हासिल किया है. मानवी ने कॉमर्स स्ट्रीम में कुल 474 अंक प्राप्त किए, जो 94.8 प्रतिशत के शानदार स्कोर के बराबर है. इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि उन हजारों छात्र-छात्राओं को भी प्रेरणा दी है जो आर्थिक तंगी के बावजूद सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं.

पिता अखबार बेचते हैं, मां घर संभालती हैं

मानवी कुमारी एक बहुत ही सामान्य और साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता घर-घर जाकर अखबार बेचने का काम करते हैं. उनकी मां एक साधारण गृहिणी हैं, जो पूरे परिवार की देखभाल करती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, फिर भी मानवी के माता-पिता ने कभी उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. उन्होंने अपनी बेटी को हमेशा अच्छी शिक्षा देने की पूरी कोशिश की. आर्थिक परेशानियों के बावजूद घर में पढ़ाई का माहौल बना रहा, जिसने मानवी को आगे बढ़ने की ताकत दी.

बिहार बोर्ड 12वीं कॉमर्स टॉपर्स की सूची (2026)

  • यह रही टॉप 7 छात्राओं की सूची:अदिति कुमारी - पटना - 480 अंक - 96.00% - प्रथम स्थान
  • माही कुमारी - पटना - 476 अंक - 95.20% - दूसरा स्थान
  • निशिका श्री - पटना - 475 अंक - 95.00% - तीसरा स्थान
  • मानवी कुमारी - वैशाली - 474 अंक - 94.80% - चौथा स्थान
  • श्रेया कुमारी - नवादा - 474 अंक - 94.80% - चौथा स्थान
  • वारिशा नौशाद - पटना - 472 अंक - 94.40% - पाँचवाँ स्थान
  • हर्षिका - पटना - 472 अंक - 94.40%

मानवी की पढ़ाई का तरीका और मजबूत नींव

मानवी का कहना है कि इंटरमीडिएट की सफलता की असली कुंजी 11वीं कक्षा में ही छिपी होती है. अगर 11वीं में बुनियाद (बेस) मजबूत हो जाए, तो 12वीं की परीक्षा बहुत आसान हो जाती है. उन्होंने शुरुआत से ही हर विषय को गहराई से समझने की कोशिश की. रट्टा मारने की बजाय उन्होंने कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर ध्यान दिया.

स्कूलिंग का सफर

मानवी ने अपनी 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई सेंट माइकल स्कूल से की, जो CBSE बोर्ड से संबद्ध है. इसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट में कॉमर्स स्ट्रीम चुनी और लगातार मेहनत करती रहीं. स्कूल के अलावा घर पर भी वे नियमित रूप से पढ़ाई करती थीं. सही प्लानिंग, समय प्रबंधन और रोजाना की नियमित पढ़ाई ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया.

सफलता का अपना मंत्र

मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में मानवी ने बताया कि उन्होंने 11वीं कक्षा में एडमिशन लेते ही बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. उन्होंने कहा, 'जो छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वे कभी हिम्मत न हारें मेहनत करते रहें. जो आपने सपना देखा है, वो सब आपको जरूर मिलेगा. 11वीं कक्षा से ही गंभीर तैयारी शुरू कर दें. आखिरी के कुछ महीने सिर्फ रिवीजन के लिए होने चाहिए, न कि नई चीजें सीखने के लिए. मानवी कुमारी की यह सफलता साबित करती है कि चाहे परिवार कितना भी साधारण हो, चाहे संसाधन कितने भी कम हों, अगर कोई छात्र अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे, सही समय पर सही रणनीति अपनाए और लगातार मेहनत करता रहे, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है. उनकी कहानी उन सभी विद्यार्थियों के लिए एक मिसाल है जो सोचते हैं कि अमीर परिवार से न आने के कारण वे आगे नहीं बढ़ सकते. मानवी ने दिखा दिया कि मेहनत कोई भी दीवार तोड़ सकती है और हौसला हर मुश्किल को पार कर सकता है.

अगला लेख