पश्चिम बंगाल की वो 5 सीटें, जहां से तय होती है सरकार, ममता से लेकर Suvendu Adhikari तक का भविष्य दांव पर
Bengal Election 2026 phase 2 में भवानीपुर, चंदननगर, उलूबेड़िया उत्तर, भाटपारा और बैरकपुर सीटें तय करेंगी सत्ता की दिशा, जानें किसके बीच है कांटे की टक्कर.
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण में भवानीपुर, चांदननगर, उलूबेड़िया उत्तर, भाटपारा और बैरकपुर जैसी सीटें सिर्फ स्थानीय मुकाबले नहीं, बल्कि पूरे राज्य की सत्ता की दिशा तय करने वाली बन गई हैं. ये पांचों सीटें अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों का प्रतिनिधित्व करती हैं. कहीं शहरी मध्यवर्ग का मूड, कहीं अल्पसंख्यक और ग्रामीण वोट बैंक, तो कहीं औद्योगिक बेल्ट का असर साफ दिखता है. एक तरफ Mamata Banerjee की अगुवाई में TMC अपने पारंपरिक गढ़ और कोर वोट बैंक को बचाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर Narendra Modi और अमित शाह के नेतृत्व में BJP इन सीटों पर सेंध लगाकर चुनावी नैरेटिव बदलने के इरादे से मैदान में है. इन सीटों पर जीत सिर्फ MLA नहीं तय करेगी, बल्कि यह भी बताएगी कि बंगाल में सत्ता की चाबी आखिर किसके हाथ जाने वाली है.
ममता बनर्जी पहले चरण के मतदान के बाद बीजेपी ने जो जीत का नैरेटिव सेट किया है, उसे हर हाल में तोड़ना चाहती हैं. ताकि वोटिंग ट्रेंड पूरी तरह से दूसरी चरण में टीएमसी के पक्ष में जाए. फिलहाल, दूसरे चरण की अधिकांश सीटों पर टीएमसी का दबदबा है, लेकिन सीधी टक्कर, मजबूत उम्मीदवार और लोकल मुद्दों का असर ऐसा समीकरण बना रहा है, जो तय करेगा कि बंगाल में सत्ता की कुर्सी पर आखिर कौन बैठेगा.
1. भवानीपुर (Bhabanipur)
भवानीपुर इस चुनाव की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट है, जहां सीधी टक्कर Mamata Banerjee (TMC) और Suvendu Adhikari (BJP) के बीच है. यह सीट टीएमसी और बीजेपी दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है. पारंपरिक रूप से TMC का गढ़ रही है और ममता का “पर्सनल बैरोमीटर” मानी जाती है. BJP यहां एंटी-इंकंबेंसी और शहरी वोटर शिफ्ट पर दांव खेल रही है. मुख्य मुद्दे महंगाई, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, और प्रशासनिक कंट्रोल. TMC की पकड़ अभी भी मजबूत मानी जाती है, लेकिन सुवेंदु की एंट्री ने मुकाबला हाई-वोल्टेज बना दिया है. यहां का नतीजा सीधे बताएगा कि क्या ममता का करिश्मा कायम है या BJP शहरी बंगाल में सेंध लगा रही है.
2. चंदननगर (Chandannagar)
चंदननगर में मुकाबला TMC बनाम BJP का सीधा है, जहां TMC का पारंपरिक दबदबा रहा है. टीएमसी प्रत्यशी इंद्रनील सेन जो मौजूदा विधायक हैं और 2016 व 2021 में इस सीट से जीत चुके हैं, का क्षेत्र में मजबूत पकड़ है. वह वेलफेयर पॉलिसी और लोकल कनेक्ट के दम पर त्रपर चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं बीजेपी प्रत्याशी दीपांजन कुमार गुहा मुख्य चैलेंजर है. वह 2021 में भी रनर-अप रहे थे. इस बार “एंटी-इंकंबेंसी बदलाव के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं.
यह सीट शहरी, शिक्षित और सांस्कृतिक वोटर्स के कारण अलग पहचान रखती है. BJP ने पिछले चुनाव में यहां वोट शेयर बढ़ाया था, जिससे मुकाबला इस बार और कड़ा हो गया है. मुख्य मुद्दे—कानून-व्यवस्था, नगर विकास और रोजगार. TMC यहां वेलफेयर और लोकल नेटवर्क पर भरोसा कर रही है, जबकि BJP बदलाव का नैरेटिव बना रही है. अभी बढ़त TMC की मानी जाती है, लेकिन अगर BJP यहां जीतती है तो यह शहरी बंगाल में बड़ा बदलाव संकेत देगा.
3. उलूबेड़िया उत्तर (Uluberia North)
उलूबेड़िया उत्तर सीट पर इस बार मुकाबला मुख्य रूप से त्रिकोणीय होते हुए भी सीधा TMC vs BJP के बीच माना जा रहा है. टीएमसी प्रत्याशी बिमल कुमार दास और बीजेपी के चिरण बेरा और सीपीआईएम के अशोक दलुई के बीच ट्रांएगल फाइट है. हालांकि सीधी टक्कर बीजेपी और टीएमसी के बीच ही माना जा रहा है. BJP ने 2021 में इस सीट पर मजबूत प्रदर्शन के बाद इस सीट को “टारगेट सीट” मानकर चुनाव लड़ रही है.
मुस्लिम और ग्रामीण वोट बैंक के कारण TMC की पारंपरिक पकड़ मजबूत रही है. BJP यहां धीरे-धीरे अपने वोट शेयर को बढ़ाने में लगी है. मुख्य मुद्दे — रोजगार, ग्रामीण विकास और कानून-व्यवस्था. TMC का संगठन यहां मजबूत है, इसलिए बढ़त उसी की मानी जाती है. लेकिन अगर BJP यहां सेंध लगाती है, तो यह बड़ा संकेत होगा कि पार्टी अब कोर वोट बैंक में भी प्रवेश कर रही है. यह सीट “सोशल समीकरण टेस्ट” मानी जा रही है.
4. भाटपारा (Bhatpara)
भाटपारा सीट पर 2026 के चुनाव में मुकाबला सीधे तौर पर TMC बनाम BJP के बीच बेहद कांटे का माना जा रहा है. यहां से टीएमसी के अमित गुप्ता और बीजेपी के पवन कुमार सिंह चुनाव लड़ रहे हैं. BJP के पवन कुमार सिंह 2021 में इसी सीट से जीत चुके हैं और मजबूत दावेदार हैं. TMC ने इस बार अमित गुप्ता को उतारकर सीट वापस लेने की पूरी कोशिश की है.
भाटपारा औद्योगिक और हिंदीभाषी वोटर बेल्ट है.2021 में BJP ने यहां करीब 53% वोट शेयर के साथ जीत दर्ज की थी. TMC यहां संगठन और लोकल नेटवर्क के दम पर वापसी चाहती है. यह सीट “हाई-वोल्टेज कॉन्फ्लिक्ट सीट” मानी जाती है. यहां का नतीजा बताएगा कि इंडस्ट्रियल बेल्ट में किसका दबदबा है.
5. बैरकपुर (Barrackpore)
बैरकपुर में इस बार मुख्य मुकाबला TMC के राज चक्रवर्ती और BJP के कौस्तव बागची के बीच है. यह सीट लंबे समय से दल-बदल और हाई-प्रोफाइल राजनीति का केंद्र रही है. यहां शहरी, औद्योगिक और मिक्स्ड वोट बैंक है. मुख्य मुद्दे- लोकल इंडस्ट्री, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता. BJP ने पिछले चुनाव में यहां मजबूत प्रदर्शन किया था, लेकिन TMC वापसी की कोशिश में है. यह सीट “नॉर्थ 24 परगना का बैरोमीटर” मानी जाती है. यहां का नतीजा पूरे जिले के ट्रेंड को प्रभावित कर सकता है.
दरअसल, दूसरे चरण की ये पांचों सीटें अलग-अलग तरह के वोट बैंक - शहरी, औद्योगिक, ग्रामीण और अल्पसंख्यक को रिप्रेजेंट करती हैं. इसलिए इनका रिजल्ट मिलकर पूरे बंगाल का मूड सेट करता है. यही तय करता है कि सरकार किसकी बनने वाली है.




