क्या है केंद्रीय सचिवों का रिपोर्ट कार्ड सिस्टम? फाइलें लटकी तो कर्मचारी झेलेंगे नुकसान, जानें सरकार के फैसले की वजह
केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए सभी केंद्रीय सचिवों को प्रदर्शन के आधार पर प्रशासनिक रिपोर्ट कार्ड मुहैया कराना शुरू कर दिया है.
Union Secretaries report card
केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए सभी केंद्रीय सचिवों को प्रदर्शन के आधार पर प्रशासनिक रिपोर्ट कार्ड मुहैया कराना शुरू कर दिया है. इंडियन एक्सप्रेस की जानकारी के मुताबिक यह रिपोर्ट कार्ड सचिवों और उनके विभागों के कामकाज को करीब एक दर्जन मानकों पर मापता है और कुल मिलाकर 100 अंकों के पैमाने पर अंक निर्धारित करता है.
पर्सनल प्रदर्शन के साथ-साथ विभागीय कार्यकुशलता और परिणामों पर आधारित यह कदम पहली बार उठाया गया है, ताकि शासन में देरी और कार्य प्रभावशीलता की पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जा सके.
क्या है प्रशासनिक रिपोर्ट कार्ड?
कबिनेट सचिव आलोकित मंत्रालयों के सचिवों को जारी किए गए इन रिपोर्ट कार्ड में कुल मिलाकर लगभग 12 अलग-अलग मानदंडों पर अंक शामिल हैं, जिनका जोड़ 100 अंकों पर आधारित है. प्रत्येक मानदंड का वजन तय है. जिससे पता चले कि कौन-सी प्राथमिकता ज्यादा महत्वपूर्ण है.
क्या है मुख्य पैमाने?
1.फाइल निपटान- अधिकतम 20 अंक
2. प्रमुख कार्य/आउटपुट- 15 अंक
3. योजनाओं पर खर्च- 15 अंक
इसके अलावा जन शिकायत निवारण, कैबिनेट नोट्स और परियोजना समयबद्धता जैसे कई अन्य पहलू भी शामिल किए गए हैं.
कैसे मिलेंगे नेगेटिव अंक?
रिपोर्ट कार्ड में 12 नेगेटिव अंक का प्रावधान भी रखा गया है. ये अंक तब लगाए जाएंगे जब विदेश यात्रा या आयोजनों पर असामान्य अधिक खर्च हो, सचिव स्तर पर फाइलें लंबे समय तक पेंडिंग रहें और एमएसएमई (लघु, मध्यम उद्योग) को भुगतानों में विलंब हो. साथ ही 5 डिस्क्रेशनरी मार्क्स (विशेष योग्यता/योगदान के लिये अतिरिक्त अंक) भी जोड़े जा सकते हैं, जिन्हें केवल कैबिनेट सचिव द्वारा उत्कृष्ट कार्य या असाधारण योगदान के लिए दिया जाएगा.
क्यों लागू किया गया यह सिस्टम?
यह नई प्रशासनिक रिपोर्टिंग प्रणाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कई मौकों पर शासन में देरी को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर देने के बाद पेश की गई है. कबिनेट सचिव ने सचिवों को लिखे अपने पत्र में कहा है कि “अगर कुछ चीज को संपूर्ण सटीकता से माप नहीं भी किया जा सकता, तो इसका मतलब यह नहीं कि उसे बिल्कुल मापा नहीं जाना चाहिए. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में इतिहास और भौतिकी छात्रों के अंकों की तुलना करने का प्रावधान भी होता है.
इससे क्या होगा?
इस रिपोर्ट कार्ड प्रणाली का मुख्य उद्देश्य सरकारी प्रशासन और नीतियों को अमल में लाने को अधिक पारदर्शी बनाना, सचिवों की प्रदर्शन क्षमता का आंकलन करना और विभागों के बीच तुलना-योग्य परिणाम प्राप्त करना. ऐसा बताया गया है कि यह एक निष्पक्ष प्रणाली के तहत लागू किया गया कदम है.





