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PM मोदी के दौरे के 48 घंटे के अंदर ही US-Israel ने Iran पर क्यों कर दिया हमला? विपक्ष ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

PM Modi की इजरायल यात्रा के 48 घंटे के भीतर United States और Israel ने Iran पर संयुक्त हमले के बाद भारत की राजनीति में घमासान छिड़ गया है. विपक्ष, खासकर कांग्रेस ने यात्रा के समय और बयान को लेकर सरकार पर सवाल उठाए, जबकि BJP ने इसे गैरजिम्मेदार राजनीति बताया.

PM मोदी के दौरे के 48 घंटे के अंदर ही US-Israel ने Iran पर क्यों कर दिया हमला? विपक्ष ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
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( Image Source:  ANI )

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा खत्म होने के महज 48 घंटे के भीतर अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़ा संयुक्त सैन्य अभियान शुरू कर दिया, जिससे भारत की राजनीति में भी तीखी बहस छिड़ गई है. शनिवार को दोनों देशों ने तेहरान समेत कई ईरानी शहरों पर मिसाइल और हवाई हमले किए, जिनमें 30 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबर है. हमलों की टाइमिंग को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने 25 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर इजरायल पहुंचकर इजरायली संसद Knesset को संबोधित किया था. अपने भाषण में उन्होंने कहा था कि भारत 'पूरे विश्वास और दृढ़ता के साथ' इजरायल के साथ खड़ा है. इसी बयान और यात्रा के समय को लेकर विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति पर निशाना साधा है.

विपक्ष ने पीएम मोदी के इजरायल दौरे पर क्या कहा?

  • Jairam Ramesh ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री की यात्रा को 'नैतिक कायरता' करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से सैन्य तैयारियों के संकेत मिल रहे थे और ऐसे में प्रधानमंत्री का इजरायल दौरा भारत की पारंपरिक तटस्थ विदेश नीति को कमजोर करता है. कांग्रेस ने हमलों की निंदा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पर भी ईरान के साथ कूटनीति का दिखावा करने का आरोप लगाया.
  • कांग्रेस नेता Pawan Khera ने भी प्रधानमंत्री की यात्रा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मोदी के करीबी माने जाने वाले इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भारत के पुराने मित्र ईरान पर हमला कर दिया और यह घटना प्रधानमंत्री की वापसी के तुरंत बाद हुई.
  • पवन खेड़ा ने पूछा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर सक्रिय बयान देने वाले प्रधानमंत्री ने इस यात्रा का इस्तेमाल इजरायल-ईरान तनाव कम करने के लिए क्यों नहीं किया.
  • लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी मिडिल ईस्ट में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की. फिलहाल भारत सरकार ने किसी बड़े निकासी अभियान (इवैक्यूएशन) की घोषणा नहीं की है, जबकि क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और ईरान की जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं.
  • AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi ने भी हमलों की टाइमिंग पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री का विमान उसी समय हवा में होता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी. ओवैसी ने आरोप लगाया कि इजरायल ने भारत को भरोसे में लिए बिना कार्रवाई की, जिससे भारत को कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं हुआ.

भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों पर क्या कहा?

सत्तारूढ़ दल Bharatiya Janata Party ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया. पार्टी प्रवक्ता Gaurav Bhatia ने कहा कि सरकार देश और नागरिकों के हित में हर जरूरी फैसला लेने में सक्षम है और संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गैरजिम्मेदार बयानबाजी से बचना चाहिए.

इस पूरे घटनाक्रम ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच भारत की विदेश नीति, कूटनीतिक संतुलन और क्षेत्र में बसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका से इन मुद्दों पर सरकार की रणनीति पर सबकी नजर रहेगी.

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