Explainer: खिसियाए Iran ने 7 देशों के US बेस पर बरसाए बम, टेंशन में आए Trump- आखिर क्या है इनका रणनीतिक महत्व?
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया जब 26 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने कथित तौर पर ईरान पर हमला किया, जिसमें तेहरान में जोरदार धमाके हुए. जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए.
Iran Strikes 7 US Military Bases
Middle East Tension, Iran Israel US Conflict: मिडिल ईस्ट में आखिर जिस बात का डर था, वही हुआ. इजरायल और अमेरिका ने मिलकर 26 फरवरी को ईरान पर हमला बोल दिया. राजधानी तेहरान में कई धमाके सुने गए. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर और ऑफिस को निशाना बनाया गया. हालांकि, खामेनेई पहले ही सुरक्षित ठिकानों पर पहुंच चुके थे.
ईरान ने भी हमले का करारा जवाब देते हुए अमेरिका के 7 सैन्य अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया. ये सैन्य अड्डे बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब में स्थित हैं. दोहा में एयरस्पेस को बंद कर दिया गया है. वहीं, इराक में 2 और अबूधाबी में एक शख्स के मरने की खबर सामने आ रही है. ईरान की ओर से निशाना बनाए गए मुख्य सैन्य अड्डे और उनकी खासियतें इस प्रकार हैं;
1. बहरीन: यूएस नेवी का 5वां बेड़ा (5th Fleet HQ)
- लोकेशन: जुफैर (Juffair), बहरीन
- सैनिकों की संख्या: यहां सामान्यतः लगभग 9,000 अमेरिकी सैन्य और नागरिक कर्मी तैनात रहते हैं. हालांकि, हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से अधिकांश कर्मियों को हटा लिया गया था और केवल 100 से कम मिशन-क्रिटिकल कर्मचारी ही वहां मौजूद थे.
- खासियत: यह बेस पूरे फारस की खाड़ी, लाल सागर और हिंद महासागर में अमेरिकी नौसैनिक अभियानों का केंद्र है. समुद्री सुरक्षा और तेल व्यापार मार्गों की रक्षा के लिए यह सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है.
2. कतर: अल-उदइद एयर बेस (Al Udeid Air Base)
- लोकेशन: दोहा के दक्षिण-पश्चिम में रेगिस्तानी इलाका
- सैनिकों की संख्या: यह मध्य पूर्व का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा है, जहां लगभग 10,000 सैनिक तैनात हैं
- खासियत: यह यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का फॉरवर्ड मुख्यालय है. यहां से मिस्र से लेकर कजाकिस्तान तक के सैन्य ऑपरेशनों को नियंत्रित किया जाता है. यह अमेरिकी वायु सेना के टोही और रसद (Logistics) अभियानों का मुख्य केंद्र है।.
3. संयुक्त अरब अमीरात (UAE): अल-धफरा एयर बेस (Al Dhafra Air Base)
- लोकेशन: राजधानी अबू धाबी के पास.
- सैनिकों की संख्या: यहां लगभग 3,500 से 5,000 के करीब अमेरिकी सैन्यकर्मी तैनात रहते हैं.
- खासियत: यह बेस अमेरिकी और यूएई की वायु सेना द्वारा साझा किया जाता है. यह टोही विमानों और हवाई हमलों के लिए एक महत्वपूर्ण लॉन्च पैड है, जिसका उपयोग पहले आईएसआईएस के खिलाफ अभियानों में किया जा चुका है.
4. कुवैत: अली अल-सलेम एयर बेस (Ali Al Salem Air Base)
- लोकेशन: कुवैत
- सैनिकों की संख्या: कुवैत में कुल मिलाकर लगभग 13,500 अमेरिकी सैनिक विभिन्न बेस पर तैनात हैं।
- खासियत: इसे 'द रॉक' (The Rock) के नाम से भी जाना जाता है. यह इराक और सीरिया में तैनात अमेरिकी सैनिकों के लिए मुख्य रसद और परिवहन केंद्र (Logistics Hub) के रूप में कार्य करता है.
5- अल असद एयरबेस — Al Asad Airbase
- स्थान: इराक
- सैनिक: 2,500 के करीब
- खासियत: 2020 में ईरान ने यहां बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया था, ISIS विरोधी अभियानों का केंद्र
6- प्रिंस सुल्तान एयर बेस — Prince Sultan Air Base
- स्थान: सऊदी अरब
- सैनिक: 2,500 से ज्यादा
- खासियत: एयर डिफेंस सिस्टम और फाइटर जेट तैनाती, ईरान के खिलाफ रणनीतिक निगरानी, हमले का कारण और प्रभाव
7 . एरबिल एयर बेस- Erbil Air Base
- स्थान: कुर्दिस्तान क्षेत्र, इराक
- सैनिक: 1,000 के करीब
- खासियत: ड्रोन और स्पेशल ऑपरेशन यूनिट्स
8- अल असद एयरबेस- Al Asad Airbase
- स्थान: इराक
- सैनिक: 2,500 के करीब
- खासियत: 2020 में ईरान ने यहां बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया था, ISIS विरोधी अभियानों का केंद्र
ईरानी मीडिया के अनुसार, यह हमला अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों का सीधा बदला है. बहरीन, कतर और यूएई ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. भारत सरकार और अन्य देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
अमेरिकी सैन्य ठिकानों की खासियतें
- रणनीतिक नियंत्रण (Strategic Control): अल-उदइद (कतर) जैसा बेस अमेरिकी वायु सेना के लिए "दिमाग" का काम करता है, जहां से मिस्र से लेकर कजाकिस्तान तक के ऑपरेशनों को नियंत्रित किया जाता है.
- नौसैनिक प्रभुत्व (Naval Dominance): बहरीन में स्थित 5वां बेड़ा दुनिया के सबसे व्यस्त तेल व्यापार मार्गों (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य) की सुरक्षा और नियंत्रण सुनिश्चित करता है.
- रसद और पहुंच (Logistics & Reach): कुवैत और यूएई के बेस अमेरिकी सैनिकों और उपकरणों को युद्ध क्षेत्रों (जैसे इराक और सीरिया) तक पहुंचाने के लिए 'लॉन्च पैड' के रूप में कार्य करते हैं.
- मिसाइल रेंज: ये सभी 7 ठिकाने ईरान की मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों (जैसे फतेह-110 और खैबर शेकन) की सीधी मारक क्षमता (1,000 - 2,000 किमी) के भीतर आते हैं.




