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Operation Sindoor: पाकिस्तानी छाती पर किया गया भारतीय वायुसेना का ‘रिहर्सल’ ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है...

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान में घुसकर सटीक एयर स्ट्राइक की. Air Commodore कार्तिकेय काले के मुताबिक यह ऑपरेशन अभी खत्म नहीं, सिर्फ ‘अल्प-विराम’ पर है. उन्होंने दावा किया कि भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना ने मिलकर 21 टारगेट्स को तबाह किया और पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाई.

Operation Sindoor: पाकिस्तानी छाती पर किया गया भारतीय वायुसेना का ‘रिहर्सल’ ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है...
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संजीव चौहान
By: संजीव चौहान6 Mins Read

Updated on: 7 May 2026 8:14 AM IST

22 अप्रैल 2025 को कश्मीर में पहलगाम से 6 किलोमीटर दूर बैसारन घाटी में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा पाकिस्तान की छाती पर चढ़कर शुरु किया गया “ऑपरेशन सिंदूर” अभी जारी है. पाकिस्तान यह बात कभी नहीं भूल सकता है. क्योंकि भारतीय वायुसेना के हाथों अपनी तबाही पाकिस्तानी आकाओं ने देखी है. जहां तक भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में घुसकर पाकिस्तान को तबाह किया, उसके बाद आगे बढ़ते तो फिर तो बस अफगानिस्तान की सीमा ही बाकी बची थी.

यह तमाम बेबाक बातें बयान भारतीय वायुसेना के बेखौफ एअर कोमोडोर कार्तिकेय काले ने. काले, अब तक जारी ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान से नई दिल्ली में खास बात कर रहे थे. उन्होंने कहा पाकिस्तान दोगला, मक्कार और बेशर्म है. मैं उसे भारत के पड़ोस में देश भी मानने को राजी नहीं हूं. भारत के सामने पाकिस्तान एक रसोई या मोहल्ले से ज्यादा कुछ नहीं है. यह मैं न भी कहूं तो भी ऑपरेशन सिंदूर में जिस तरह आधी रात को अब से ठीक एक साल पहले भारतीय वायुसेना, जल और थलसेना ने घेराबंदी करके, उसके घर में बुरी तरह से पीटा था, वह सब दुनिया के सामने मौजूद है.

काहे का परमाणु ताकत पाकिस्तान

अगर पाकिस्तान बहुत बड़ी परमाणु शक्ति था. चीन और अमेरिका अगर पाकिस्तान पर जान छिड़कते हैं. तो ऐसे में सवाल यह पैदा होता है कि आखिर जब ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना के हाथों पाकिस्तान आधी रात से शुरु होकर दिन निकलने के बाद भी लगातार कई घंटों तक बुरी तरह पिटता रहा, उस वक्त चीन और अमेरिका दुम दबाकर क्यों बैठे रहे? पाकिस्तान को अपना “प्यादा” समझने वाले ट्रंप और शिनपिंग क्यों निकल कर जाहिरा तौर पर बाहर आए. अपने दत्तक पुत्र की रक्षा में. 35 साल भारतीय वायुसेना की सेवा और एक भारतीय होने के नाते मैंने जो अनुभव किया है वह यही है कि पाकिस्तान जैसे चोर-उचक्के देश कभी भी ‘बहादुर’ तो हो ही नहीं सकते. और इनके साथ जो चीन, अमेरिका हैं भी. वह पाकिस्तान से भी चार कदम आगे हैं अपना मतलब साधने में.

इसलिए ऑपरेशन सिंदूर जारी है

क्या 6-7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पहलगाम हमले का हिसाब पाकिस्तान से बराबर कर लिया. या कोई कसर अभी बाकी बची है? स्टेट मिरर हिंदी के सवाल के जवाब में भारतीय वायुसेना के पूर्व एअर कोमोडोर कार्तिकेय काले बोले, “अभी हिसाब बराबर नहीं हुआ है. हिसाब तब बराबर हुआ माना-समझा जाएगा जब भारत की हुकूमत ऑपरेशन सिंदूर को अधिकृत रुप से क्लोज कर देगी. अभी ऑपरेशन सिंदूर को विराम नहीं सिर्फ अल्प-विराम दिया गया है पाकिस्तान को खुली चुनौती देकर कि, अगर पाकिस्तान की ओर से अब एक ईंट भी आतंकवाद के नाम पर भारत की हद पर भी आकर छू गई, तो यही चालू ऑपरेशन सिंदूर फिर पाकिस्तान की छाती पर कूद-कूदकर उसके गंदे इरादों को लहू-लुहान करने से नहीं शर्माएगा.”

ऑपरेशन सिंदूर की इनसाइड स्टोरी

भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर जेट पायलट रह चुके कार्तिकेय काले कहते हैं, “ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने दुनिया को मल्टीडोमेन वॉरफेयर का उदाहरण तो हमने दिखा ही दिया. भारत ने जो 21 टारगेट सेट किए थे उनमें से जो पहले वाले 2 टेररिस्ट टारगेट थे उन्हें इंडियन एअरफोर्स को ठिकाने लगाना था. बाकी बचे टारगेट में से 7 भारतीय फौज को मिले थे. दो टारगेट मुरीदके और बाबल थे. जोकि बहुत गहराई में थे. उनके ऊपर भारतीय एअरफोर्स ने ही जबरदस्त हमला बोला था. ऑपरेशन सिंदूर भारत के लिए किसी जंग का पूर्वाभ्यास यानी रिहर्सल भर रहा होगा, मगर दुनिया ने हमारे उस ऑपरेशन की रणनीति को एप्रिशियट किया. मैं खुद भी भारतीय वायुसेना का टैक्निशियन एज ए स्ट्रेटजिस्ट बहुत एप्रिशियत करता हूं कि बिलकुल सही एकदम सटीक स्तर पर जाकर भारतीय वायुसेना ने उन टारगेट्स को नेस्तनाबूद किया. ऑपरेशन सिंदूर की भारतीय सफलता ने जो दर्द पाकिस्तान और उसकी हुकूमत फौज को दिया, वह पाकिस्तान को बहुत लंबे समय बाद हासिल हो सका. जोकि बेहद जरूरी भी था.”

मोदी-राजनाथ की मंशा

ऑपरेशन सिंदूर से ही पाकिस्तान की समझ में आया भी होगा कि अब भारत 1960-1970 वाला नहीं रहा है. आज का भारत वास्तव में पाकिस्तान को घर में घुसकर मारने की ताकत अपने अंदर पैदा किए बैठा है. यह मैं नहीं कह रहा हूं. ऑपरेशन सिंदूर में भारत के हाथों पिटे पाकिस्तान के चहेते मक्कार देशों ने भी अपनी आंखों से देखा और पाकिस्तान की कराहट अपने कानों से सुनी. रो बिलबिला तो पाकिस्तान रहा था. भारत तो सिर्फ उसे उसकी औकात बता रहा था. 6-7 मई 2025 को आधी रात के वक्त ऑपरेशन सिंदूर के जरिए. उस रात भारत ने पाकिस्तान की आड़ लेकर खुले तौर पर बता दिया था कि, हमे छेड़ोगे तो हम छोड़ेंगे नहीं. यही बात बार-बार दुश्मन देशों को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कालांतर में दोहराते रहे हैं.

कौन हैं कोमोडोर कार्तिकेय काले

मूल रुप से देवभूमि उत्तराखंड के निवासी और भारतीय वायुसेना के जांबांज फाइटर जेट पायलट व रिटायर्ड एअर कोमोडोर कार्तिकेय काले बताते हैं, “दरअसल मैं तो वकील बनना चाहता था. फिर 17-18 साल की उम्र में रुझान कुछ ऐसा करने की ओर होने लगा कि देश और पहाड़ का नाम दुनिया में रोशन कर सकूं. इसके लिए पढ़ाई के दौरान एनसीसी ज्वाइन कर ली. एक बार एनसीसी की वर्दी बदन चढ़ी तो फिर किसी सिविल सेवा में जाने के बजाए भारतीय वायुसेना में कमीशंड होकर ही रुका. 35 साल भारतीय वायुसेना की सेवा करके अब मुक्त होकर घर बैठा हूं.

बातचीत के दौरान कार्तिकेय काले बताते हैं, मैं कॉम्बैट ट्रेनिंग के लिए भारतीय वायुसेना का जो टॉप गन स्कूल गै, उसको बोलते हैं टैक्टिक्स एंड कॉम्बैट डेवलपमेंट एअर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट. मैं वहां पर इंस्ट्रक्टर भी रहा. काफी कुछ सीखने के बाद 35 साल वायुसेना की सेवा करके ब्रिगेडियर रैंक से रिटायर होने का सौभाग्य वायुसेना से मिला.”

ऑपरेशन सिंदूरस्टेट मिरर स्पेशल
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