करप्शन किंग निकला 6 हजार की सैलरी वाला इंजीनियर, 13 प्लॉट्स, आलीशान माकन और छापे में मिला 2 करोड़ कैश
ओडिशा के सहायक कार्यकारी इंजीनियर बैकुंठनाथ बेहरा के ठिकानों पर विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, बैंक लॉकर से करोड़ों रुपये और कई संपत्तियां मिलीं।
ओडिशा से भ्रष्टाचार की एक ऐसी चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. राज्य के सतर्कता विभाग (विजिलेंस टीम) ने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने यह साबित कर दिया कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो सकती हैं. मामला एक ऐसे सरकारी इंजीनियर से जुड़ा है, जिसकी आधिकारिक सैलरी तो सिर्फ 6,000 रुपये महीना है, लेकिन जब उसके ठिकानों पर छापे पड़े, तो अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं. इस मामूली तनख्वाह वाले इंजीनियर के पास से करोड़ों रुपये का कैश और आलीशान संपत्तियों का अंबार मिला है.
कौन है यह इंजीनियर और कहां थी इसकी तैनाती?
इस आलीशान जिंदगी जीने वाले इंजीनियर का नाम बैकुंठनाथ बेहरा है. बैकुंठनाथ ओडिशा के कंधमाल जिले के बालीगुडा में 'एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी' (ITDA) में एक सहायक कार्यकारी इंजीनियर के पद पर तैनात हैं. कागज पर उनकी सैलरी महज 6 हजार रुपये प्रति माह दिखती है, लेकिन उनके रहन-सहन और संपत्ति की शिकायतें लगातार विजिलेंस विभाग को मिल रही थी. विभाग को शक था कि उन्होंने अपनी कानूनी आय से कई गुना ज्यादा संपत्ति अवैध तरीकों से कमाई है. इसी शिकायत के आधार पर विभाग ने एक्शन लेने का फैसला किया.
एक साथ 9 जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
भुवनेश्वर के विशेष सतर्कता न्यायाधीश से सर्च वारंट मिलने के बाद, विजिलेंस की अलग-अलग टीमों ने एक साथ जाल बिछाया. बैकुंठनाथ बेहरा से जुड़े कुल नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. यह कार्रवाई इतनी बड़ी थी कि इसमें विजिलेंस के भारी-भरकम स्टाफ को लगाया गया, जिसमें 2 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 5 डीएसपी 6 इंस्पेक्टर और कई अन्य सहायक कर्मचारी शामिल थे. इन टीमों ने एक साथ भुवनेश्वर, बारीपदा, जाजपुर जिले के धर्मशाला और बालीगुडा में उनके ठिकानों को खंगाला.
आलीशान मकानों और जमीनों का साम्राज्य
जब विजिलेंस की टीमों ने संपत्तियों के कागजात और ठिकानों को देखना शुरू किया, तो बड़े-बड़े रईसों को मात देने वाली लिस्ट सामने आई. इंजीनियर ने ओडिशा के कई प्रमुख इलाकों में करोड़ों के मकान और प्लॉट खरीद रखे थे. भुवनेश्वर के नीलाद्रि विहार चंद्रशेखरपुर के पॉश इलाके में एक आलीशान चार मंजिला इमारत मिली. शैलाश्री विहार में एक तीन मंजिला मकान का पता चला. कानन विहार में पटिया में बैद्यनाथ मेमोरियल अस्पताल के पास एक दो मंजिला आलीशान घर मिला. चंद्रशेखरपुर के इसी इलाके में एक और दो मंजिला इमारत की जानकारी सामने आई है. जाजपुर धर्मशाला में इनके पैतृक गांव पाना में भी एक बड़ा दो मंजिला मकान बना हुआ है. इसके अलावा, विजिलेंस टीम ने अब तक 13 बेशकीमती प्लॉट्स की पहचान की है. इनमें से 7 प्लॉट तो अकेले राजधानी भुवनेश्वर के सबसे महंगे और प्रमुख इलाकों में हैं, जबकि बाकी के प्लॉट जाजपुर और बारीपदा में खरीदे गए हैं.
बैंक लॉकर खोला तो उड़े होश: करोड़ों का कैश बरामद
इस पूरी जांच में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब विजिलेंस अधिकारियों ने बैकुंठनाथ बेहरा के परिवार के नाम पर दर्ज बैंक लॉकरों को खुलवाया. इन लॉकरों को खोलते ही अधिकारियों के सामने नोटों की गड्डियां बरामद हुईं. सिर्फ बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ रुपये का नकद बरामद किया गया है. इससे पहले जब उनके घर की तलाशी ली गई थी, तो वहां से भी 2.66 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे.
जांच अभी भी जारी है
मामला सिर्फ कैश और मकानों तक ही सीमित नहीं है. विजिलेंस के अधिकारियों को बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण, भारी-भरकम बैंक डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस की बचत और कई अन्य वित्तीय निवेशों के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनका हिसाब लगाया जा रहा है. फाइनेंसियल और प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स की मदद से इन सभी आलीशान मकानों और जमीनों की आज की मार्केट वैल्यू का सटीक आकलन किया जा रहा है. फिलहाल बारीपदा और पांडुआ में बेहरा के रिश्तेदारों के घरों, बालीगुडा में उनके दफ्तर और सरकारी आवास पर भी जांच चल रही है.




