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क्या NEET-UG 2026 पेपर लीक में NTA का हाथ, किस अधिकारी पर गया शक? CBI जांच में चौंकाने वाला खुलासा

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. अब इस मामले में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़े एक अज्ञात अधिकारी का नाम भी जांच के दायरे में आने की खबर है.

NEET UG Paper Leak 2026
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NEET UG Paper Leak 2026

( Image Source:  X/ @IndianTechGuide, @MrSandeepPhogat )

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. अब इस मामले में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़े एक अज्ञात अधिकारी का नाम भी जांच के दायरे में आने की खबर है. सीबीआई को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क में अंदरूनी मिलीभगत हो सकती है, जिससे देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. मनीषा संजय वाघमारे और रसायन विज्ञान के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. पेपर लीक विवाद के चलते 3 मई को आयोजित परीक्षा रद्द कर दी गई थी और अब दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की गई है.

NTA को लेकर क्या है CBI का दावा?

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने अदालत से मनीषा वाघमारे की हिरासत मांगते समय दावा किया कि जांच में एनटीए के एक अज्ञात अधिकारी की भूमिका के संकेत मिले हैं. एजेंसी का आरोप है कि वाघमारे ने अन्य आरोपियों और उक्त अधिकारी के साथ मिलकर 27 अप्रैल को प्रश्न पत्र और उत्तर कुंजी हासिल की थी. सीबीआई अब इस बात की जांच कर रही है कि पेपर लीक का नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ था और क्या परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोग भी इसमें शामिल थे.

पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन?

जांच एजेंसियों के अनुसार, मनीषा वाघमारे का संपर्क रसायन विज्ञान के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से हुआ था, जिसे इस पूरे रैकेट का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि यह संपर्क जीव विज्ञान की लेक्चरर मनीषा मंधारे के जरिए हुआ था. मंधारे एनटीए की पेपर-सेटिंग समिति की सदस्य थीं और उन्हें शनिवार को गिरफ्तार किया गया.

सीबीआई के मुताबिक, वाघमारे ने कुलकर्णी से प्रश्न पत्र प्राप्त किए और उन्हें धनंजय लोखंडे समेत अन्य आरोपियों तक पहुंचाया. आरोप है कि इसके बदले मोटी रकम ली गई. धनंजय लोखंडे को 13 मई को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसी का कहना है कि लोखंडे ने प्रश्नों को आगे अन्य लोगों तक पहुंचाने का काम किया.

किसने की सबूत मिटाने की कोशिश?

जांच में यह भी सामने आया है कि कुलकर्णी द्वारा उम्मीदवारों के साथ साझा किए गए हस्तलिखित रसायन विज्ञान के प्रश्न पत्र नष्ट कर दिए गए. सीबीआई का दावा है कि 3 मई को परीक्षा समाप्त होने के बाद वाघमारे ने भी प्रश्न पत्रों को नष्ट कर दिया था ताकि सबूत खत्म किए जा सकें.

कब होगी NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा?

पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली थी. बढ़ते विवाद और जांच के बाद एनटीए ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी. अब एजेंसी ने घोषणा की है कि पुनर्परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी.

लाखों छात्र इस परीक्षा के जरिए देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने का सपना देखते हैं. अब सभी की नजर सीबीआई जांच पर टिकी है कि आखिर इस पूरे रैकेट के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो पाएगी.

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