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National Herald Case: दिल्ली पुलिस ने सोनिया–राहुल पर दर्ज की नई FIR, साजिश का आरोप; आखिर क्या है 2000 करोड़ का केस?

नेशनल हेराल्ड केस में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया है. दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और छह सहयोगियों के खिलाफ नई FIR दर्ज की है. आरोप है कि Young Indian के जरिए 2,000 करोड़ की संपत्तियों वाली Associated Journals Ltd को “धोखाधड़ी से अधिग्रहित” किया गया. FIR ED की 2008–2024 जांच रिपोर्ट पर आधारित है. कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया, जबकि एजेंसियां अब AJL के शेयरधारकों को तलब करने की तैयारी में हैं.

National Herald Case: दिल्ली पुलिस ने सोनिया–राहुल पर दर्ज की नई FIR, साजिश का आरोप; आखिर क्या है 2000 करोड़ का केस?
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( Image Source:  ANI )
नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार

Published on: 30 Nov 2025 7:54 AM

नेशनल हेराल्ड केस, जो एक दशक से भारतीय राजनीति के सबसे विवादित मुकदमों में गिना जाता है, अब फिर सुर्खियां बटोर रहा है. दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने कांग्रेस की टॉप लीडरशिप सोनिया गांधी, राहुल गांधी और छह अन्य सहयोगियों के खिलाफ एक नई FIR दर्ज कर पूरे मामले को नए सिरे से गरमा दिया है. आरोप पहले से भी गंभीर हैं, 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति वाली एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को ‘धोखाधड़ी से कब्जाने’ की आपराधिक साजिश.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह FIR ऐसे समय आई है जब ED पहले से ही 2008–2024 की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के आधार पर गांधी परिवार पर शिकंजा कस चुका है. लेकिन इस बार शिकायत सीधे ED के Headquarters Investigation Unit से आई है, जिसमें दावा किया गया है कि AJL का अधिग्रहण Young Indian नामक कंपनी के जरिए अवैध तरीके से किया गया. एक ऐसी कंपनी जिसमें सोनिया और राहुल गांधी की संयुक्त हिस्सेदारी 76% है. इस कदम से साफ है कि आने वाले महीनों में इस विवाद का राजनीतिक तापमान और बढ़ने वाला है.

दिल्ली पुलिस को सौंपी जांच की समरी

EOW की FIR, PMLA की धारा 66(2) के तहत ED द्वारा शेयर किए गए विस्तृत दस्तावेजों पर आधारित है. इसमें 2008 से 2024 के बीच वित्तीय लेनदेन, Young Indian के गठन, AJL की हिस्सेदारी ट्रांसफर और 1 करोड़ रुपये की फंडिंग से जुड़े तथ्यों का ब्लूप्रिंट शामिल है. ED चाहती है कि यह FIR “मुख्य अपराध” (Predicate Offence) बने, जिस पर आगे की मनी लॉन्ड्रिंग जांच कानूनी रूप से मजबूती से टिक सके.

क्या है पूरा मामला?

FIR में आरोप है कि Young Indian जो गांधी परिवार के प्रभाव में है ने Congress पार्टी से 50 लाख रुपये देकर AJL पर नियंत्रण हासिल किया. जबकि AJL की संपत्तियों की अनुमानित वैल्यू 2,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है. Delhi Police को संदेह है कि AJL के पुराने शेयरधारकों से बिना अनुमति लिए यह ट्रांसफर किया गया.

विवाद में ये बड़े नाम भी

FIR में सिर्फ सोनिया और राहुल नहीं, बल्कि Indian Overseas Congress के चेयरमैन सैम पित्रोदा, Young Indian और AJL के पूर्व निदेशक, और Dotex Merchandise Pvt Ltd जैसे संस्थानों का भी नाम शामिल है. Dotex पर आरोप है कि उसने Young Indian को 1 करोड़ रुपये की ‘संदिग्ध फंडिंग’ दी, जिससे आगे पूरी डील को अंजाम दिया गया.

ईडी–पुलिस का संयुक्त राजनीतिक हथियार: कांग्रेस

कांग्रेस ने इस FIR को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया है. पार्टी का कहना है कि मोदी सरकार, ED और दिल्ली पुलिस के जरिए विपक्ष को “डराने और खत्म करने का अभियान” चला रही है. दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस को FIR की जानकारी मीडिया रिपोर्टों से मिली, आधिकारिक सूचना नहीं दी गई.

क्या AJL के शेयरधारकों को पता था?

रिपोर्ट्स के अनुसार, EOW अब उन मूल शेयरधारकों को नोटिस भेजने वाली है जिन्होंने AJL की स्थापना से लेकर दशकों तक इसे संचालित किया. सवाल यह है कि क्या उन्हें पता था कि पूरा मालिकाना हक Young Indian को ट्रांसफर हो रहा है? अगर बिना अनुमति ऐसा हुआ, तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है.

2014 से चल रही लड़ाई

इस पूरे मामले की शुरुआत 2012 में BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत से हुई थी. 2014 में Patiala House कोर्ट ने इसे मान लिया, जिसके बाद ED ने इस पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया. अप्रैल 2024 में ED ने पहली चार्जशीट दाखिल कर दी, लेकिन अदालत ने अभी संज्ञान नहीं लिया है.

Young Indian–AJL डील ने क्यों खड़ा किया कानूनी तूफान?

AJL मूलतः नेशनल हेराल्ड, नवजीवन और क्वामी आवाज जैसे ऐतिहासिक समाचार पत्र का मालिक रहा. कांग्रेस ने दावा किया था कि Young Indian एक गैर-लाभकारी कंपनी है जो AJL को पुनर्जीवित करेगी. लेकिन ED का कहना है कि “गैर-लाभकारी” होने के बावजूद संपत्तियों पर वास्तविक आर्थिक अधिकार गांधी परिवार के पास पहुँचे.

अब आगे क्या?

नई FIR के बाद यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि 2025 की सियासत का बड़ा हथियार बनने जा रहा है. आने वाले समय में Sonia–Rahul से पूछताछ, AJL शेयरधारकों की गवाही, और Dotex की फाइनेंशियल ट्रेल की जांच तेज होने वाली है. यह जांच कांग्रेस के लिए नया राजनीतिक संकट और बीजेपी के लिए बड़ा नैरेटिव बन सकती है.

राहुल गांधीकांग्रेस
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