न "जिहादी" और न ही "नॉर्थ इंडियन", कौन हैं फलों पर चूहे का जहर लगाने वाले फ्रूट सेलर? मकसद जानकर पकड़ लेंगे माथा!
मुंबई के मलाड वेस्ट में फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया. वीडियो के आधार पर पुलिस ने दो फल विक्रेताओं को गिरफ्तार कर ठेला सील कर दिया है. हालांकि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों और जांच में सामने आई हकीकत में बड़ा अंतर देखने को मिला है.
Malad Fruit Seller: मुंबई के मलाड वेस्ट का मामला काफी सुर्खियों में हैं, जिसमें फल बेचने वाला एक शख्स फलों पर चूहों को मारने की दवई लगाता दिख रहा है. इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद काफी लोग इन दोनों फल वालाों को एक समुदाय के साथ जोड़कर देख रहे थे, वहीं कुछ लोग ने इन वेंडर्स को नॉर्थ इंडियन डिकलेयर कर दिया था.
'Jupiter Human No.6' नाम का एक यूजर 'एक्स' पर लिखता है,"मुझे लगता है कि वह किसी खास धर्म से ताल्लुक रखता है." @pink_witty नाम का एक यूजर लिखता है कि मैंने इन जिहादियों की वजह से फलों को पोटाशियम परमेगनेट से धोना शुरू किया है. वहीं कुछ लोगों ने इन्हें उत्तर भारत से ताल्लुक रखने वाला बताया. YogiYogesh43512 नाम का एक यूजर लिखता है,"वह उत्तर भारतीय है. उत्तर भारतीय दक्षिण भारतीय राज्यों में हर तरह की धोखाधड़ी और अपराध करते हैं."
क्या है मामला?
ये मामला बुधवार को सामने तब आया जब एक स्थानीय निवासी ने मलाड पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और वीडियो सबूत के तौर पर जमा किया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सड़क किनारे लगे फल के ठेले पर पहुंचकर जांच की और वहां से 'रैटोल' नाम का पदार्थ बरामद किया, जो बाजार में मिलने वाली चूहे मारने की दवा है.
वीडियो में कथित तौर पर फल बेचने वाले दो विक्रेता बिक्री के लिए रखे गए फलों पर चूहे मारने की दवा लगाते हुए दिखाई दे रहे थे. ऐसा करने के पीछे उनकी क्या मंशा थी इस बात का अभी खुलासा नहीं हुआ है.
रेटोल किस तरह का केमिकल है?
रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोडक्ट में येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले रसायन होते हैं, जो सेवन किए जाने पर खतरनाक हो सकते हैं. इससे किसी की भी हालत बिगड़ सकती है और उसे अस्पातल में भर्ती कराना पड़ सकता है. अधिक मात्रा में लेने से इससे किसी की भी मौत हो सकती है. फिलहाल पुलिस ने ठेले को सील कर दिया है.
फल में चूहे मारने वाला ज़हर लगाने वाले कौन थे?
हालांकि, जो इल्जाम लगाए जा रहे थे आरोपी इसके एकदम उलट निकले. न ही वह नॉर्थ इंडियन थे और न ही मु्स्लिम समुदाय के ताल्लुक रखते थे. आरोपियों की पहचान मनोज संगमलाल केसारवानी (42) और राहुल सदनलाल केसारवानी (25) के तौर पर हुई है. दोनों मलाड वेस्ट के राजनपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं.
फलों पर क्यों लगाते थे चूहे मारने की दवा?
गिरफ्तारी के बाद उन्हें उसी दिन बोरीवली स्थित अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया. पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों विक्रेताओं ने बताया कि वे रात में फलों को चूहों से बचाने के लिए इस दवा का इस्तेमाल करते थे. हैरत की बात है कि इन लोगों के दिमाग में यह बात नहीं आई होगी कि अगर कोई इन फलों को खाता है तो वह मर भी सकता है. कोई बच्चा इन फलों को छूता या फिर मुंह में लेता है तो उसकी जान भी जा सकती है?
हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि खाने की चीजों पर इस तरह का जहरीला पदार्थ लगाना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है. यदि कोई व्यक्ति इसे खा ले तो उल्टी, तेज पेट दर्द, अंगों को नुकसान और गंभीर मामलों में मौत तक हो सकती है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है.




