BJP की जीत में बंगाल के सबसे लकी उम्मीदवार को भूल गए क्या? SIR से कटा नाम, फिर भी जीत गए चुनाव
पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत का चारों तरफ शोर सुनाई दे रहा है, लेकिन इस शोर के बीच बंगाल का एक लकी उम्मीदवार चर्चा का विषय बन गया है, जिसका चुनाव से पहले SIR में नाम ही कट गया था.
Motab Sheikh
पश्चिम बंगाल में इस बार भाजपा ने विधानसभा चुनाव में 207 सीट हासिल करके प्रचंड जीत दर्ज की. इसके साथ ही अब भाजपा पहली बार बंगाल में अपनी सरकार बनाने जा रही है. चारों तरफ बंगाल में भाजपा की इस बड़ी का गुणगान हो रहा है लेकिन बंगाल का एक ऐसा भाग्यशाली उम्मीदवार सामने निकलकर आया है, जिसका पहले SIR के चलते वोटर लिस्ट से नाम कटा, फिर उसने सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ी और जीता.
उसके बाद बाद इस उम्मीदवार को महज 14 दिन का समय प्रचार के लिए मिला और अंत में उसने भाजपा और TMC के उम्मीदवारों को हराकर जीत भी हासिल की. जी हां हम बंगाल के जिस लकी उम्मीदवार की बात कर रहे हैं वो कांग्रेस के मोताब शेख की.
चुनाव से पहले क्या-क्या हुआ?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फरक्का सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मोताब शेख का नाम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के दौरान वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था. नाम के मिलान में गड़बड़ी के आधार पर एडजुडिकेशन के बाद उनका नाम सूची से डिलीट कर दिया गया. फरक्का विधानसभा क्षेत्र में SIR के दौरान कुल 38,222 नाम हटाए गए, जबकि पूरे मुर्शिदाबाद जिले में यह संख्या 11 लाख से अधिक रही. इस फैसले ने शेख की राजनीतिक यात्रा को लगभग खत्म कर दिया था.
कैसे बदली किस्मत?
अपने अधिकारों के लिए लड़ते हुए मोताब शेख ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मामले की जल्द सुनवाई की मांग की. 5 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके बाद उनका नाम दोबारा मतदाता सूची में जोड़ा गया. इस फैसले के अगले ही दिन, 6 अप्रैल को उन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया और यहीं से उनकी किस्मत ने करवट ली.
कितने वोटों से जीते मोताब?
मोताब शेख ने 63,050 वोट हासिल करते हुए फरक्का सीट पर 8,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. इस सीट पर पहले तृणमूल कांग्रेस का कब्जा था, लेकिन इस बार वह तीसरे स्थान पर खिसक गई, जबकि भाजपा दूसरे नंबर पर रही. शेख बंगाल में कांग्रेस के सिर्फ दो विजयी उम्मीदवारों में शामिल हैं.
जीत के बाद क्या बोले मोताब?
जीत के बाद मोताब शेख ने कहा "मैं दुनिया के सबसे भाग्यशाली लोगों में से एक हूं. जब SIR के बाद मेरा नाम वोटर लिस्ट से कट गया तो मैंने सोच लिया था कि अब मैं वोट भी नहीं डाल पाऊंगा. लेकिन जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया. यह जनता की जीत है."
उन्होंने कहा "पहले कांग्रेस ने मुझे टिकट देने में समय लिया, फिर नाम कटने की समस्या आई. मैं अपनी आधी सीट पर ही प्रचार कर पाया. अगर पूरा समय मिलता तो जीत का अंतर और बढ़ता."




