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अब MBBS में ताबड़तोड़ एंट्री का रास्ता साफ! 150 सीटों की लिमिट खत्म, लाखों छात्रों को मिलेगा फायदा?

NMC के बड़े फैसले के बाद MBBS में 150 सीटों की सीमा खत्म कर दी गई है. अब मेडिकल कॉलेज ज्यादा छात्रों को एडमिशन दे सकेंगे, जिससे स्टूडेंट्स के लिए मौके बढ़ेंगे और कॉम्पीटीशन कम होने की उम्मीद है.

अब MBBS में ताबड़तोड़ एंट्री का रास्ता साफ! 150 सीटों की लिमिट खत्म, लाखों छात्रों को मिलेगा फायदा?
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( Image Source:  X-@ANI )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी4 Mins Read

Updated on: 29 April 2026 9:28 AM IST

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने MBBS सीटों को लेकर अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब आयोग ने 150 MBBS सीटों की अधिकतम सीमा और आबादी के आधार पर सीट तय करने वाले नियम को स्थायी रूप से हटा दिया है. इस फैसले के बाद मेडिकल कॉलेज अब पहले की तरह इन प्रतिबंधों में बंधे नहीं रहेंगे और ज्यादा MBBS छात्रों को दाखिला दे सकेंगे.

यानी सीधे तौर इसका फायदा छात्रों को होने वाला है, और यह भी उम्मीद की जा सकती है कि मेडिकल की कटऑफ और सीटों में कॉम्पीटीशन भी कम होने वाला है.

सरकार ने क्या लिए फैसले?

23 अप्रैल 2026 को आधिकारिक गजट में पब्लिश संशोधित नोटिफिकेशन के जरिए NMC के अंडर ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (UGMEB) ने कई फैसले लिए हैं. जिसके तहत नए मेडिकल संस्थानों की स्थापना, नए मेडिकल कोर्स शुरू करने, मौजूदा कोर्स में सीटों की बढ़ोतरी और मूल्यांकन व रेटिंग नियम 2023 (UG-MSR 2023)” और ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन 2023 के नियम 19 में बदलाव किए हैं. ये नियम पहले 16 अगस्त 2023 को भारत के एक्स्ट्राऑर्डिनरी गजट में अधिसूचित किए गए थे.

इससे पहले NMC ने MBBS कोर्स में प्रति मेडिकल कॉलेज 150 सीटों की अधिकतम सीमा को एक और शैक्षणिक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया था. लेकिन अब नए संशोधन के साथ 150 सीटों की यह सीमा पूरी तरह से खत्म कर दी गई है. इसके साथ ही, आबादी के आधार पर सीटों का अनुपात तय करने वाला नियम भी नियमावली से हटा दिया गया है.

पहले क्या था प्रावधान?

UG-MSR 2023 के पहले Chapter I में पहले यह प्रावधान था कि जो कॉलेज सीटों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं, वे 2025-26 सत्र से कुल 150 MBBS सीटों से ज्यादा नहीं जा सकते. इसके साथ यह भी शर्त थी कि संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में 10 लाख की आबादी पर 100 MBBS सीटों का अनुपात बनाए रखना होगा.

क्या कहता है नया संशोधन?

नए संशोधन के अनुसार अब मेडिकल कॉलेज 150 सीटों की सीमा से बंधे नहीं रहेंगे और वे अन्य निर्धारित मानकों के तहत इससे अधिक सीटों के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसी तरह, राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में 10 लाख आबादी पर 100 सीटों के अनुपात को बनाए रखने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है.

NMC के सचिव डॉ. राघव लांगर द्वारा जारी नोटिफिकेशन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि UG-MSR 2023 के Chapter I के अंतर्गत आनेवाले प्रावधान को हटा दिया गया है. इसके साथ ही 10 लाख की आबादी पर 100 छात्रों वाले प्रावधान को भी समाप्त कर दिया गया है.

और किन नियमों में किया गया संशोधन?

इसके अलावा, NMC ने मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पताल के बीच दूरी को लेकर भी नियमों में संशोधन किया है. पहले नियम में कहा गया था कि कॉलेज और अस्पताल के बीच की दूरी ऐसी होनी चाहिए कि वहां तक पहुंचने में अधिकतम 30 मिनट का समय लगे. अब संशोधित नियम के अनुसार, कॉलेज और अस्पताल के बीच अधिकतम दूरी 10 किलोमीटर तय की गई है. वहीं, पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों और हिमालयी राज्यों के लिए यह अधिकतम दूरी 15 किलोमीटर निर्धारित की गई है.

इस तरह, नए नियमों के तहत मेडिकल शिक्षा के ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे मेडिकल कॉलेजों को सीट बढ़ाने और ढांचे में लचीलापन देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

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