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गलवान, किताब और राहुल गांधी के आरोप! एमएम नरवणे ने विवाद पर पहली बार तोड़ी चुप्पी; गरमाई सियासत

बीते दिनों राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की बिना छपी किताब को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला था. वहीं इस पूरे विवाद को लेकर पहली बार नरवणे ने चुप्पी तोड़ी है.

Manoj Mukund Naravane latets statement book controversy
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Manoj Mukund Naravane

( Image Source:  X/ @DrRakeshPathak7, @ravishndtv007 )

पूर्व थलसेना प्रमुख एमएम नरवणे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं. उनकी एक ऐसी किताब, जो अभी तक प्रकाशित भी नहीं हुई, बीते दिनों राजनीतिक और संसदीय हलकों में तीखी बहस का कारण बन गई. स्थिति ऐसी बनी कि संसद का सत्र भी प्रभावित हुआ. संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी एमएम नरवणे की उस बिना छपी हुई किताब को लेकर पहुंचे थे और सरकार पर तीखा हमला बोला था. अब इसी बीच जनरल नरवणे ने एक नई किताब लिखने की घोषणा कर दी है, जिससे सियासी और साहित्यिक दोनों जगत में हलचल तेज हो गई है.

19 फरवरी को आयोजित तीसरे डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल हुए जनरल नरवणे ने कई संवेदनशील सवालों का सामना किया. खासतौर पर चीन सीमा विवाद, गलवान संघर्ष और राजनीतिक समर्थन से जुड़े सवालों के उन्होंने अपने अंदाज में जवाब दिए.

चीन जमीन विवाद पर क्या बोले नरवणे?

इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अब भी अपने उस पुराने बयान पर कायम हैं जिसमें कहा गया था कि एक इंच जमीन भी चीन के कब्जे में नहीं गई है, तो उन्होंने जवाब दिया “मुझे लगता है कि आपको रिवर्स क्वेश्चन चाइनीज से पूछना चाहिए कि क्या उन्होंने किसी भारतीय जमीन पर कब्जा किया है? जो जवाब मिलेगा, वो उन सभी को संतुष्ट कर देगा जो इस मैटर पर संदेह कर रहे हैं.” उनका यह बयान सीमा विवाद को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच अहम माना जा रहा है.

अज्ञात सूत्रों वाले आर्टिकल पर क्या बोले?

जनरल नरवणे से एक लेख के हवाले से सवाल किया गया जिसमें दावा किया गया था कि उन्हें प्रधानमंत्री की ओर से जो उचित समझो, वो करो जैसा निर्देश मिला था. इस पर उन्होंने स्पष्ट कहा “देखिए हम फिर से उस आर्टिकल की बात नहीं कर सकते जिसमें अज्ञात सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि क्या सही है और क्या गलत है इसलिए उसे छोड़ दीजिए. जब चीजें स्पष्ट होंगी तब इस पर ज्यादा गहराई से चर्चा करेंगे.”

राहुल गांधी के दावे पर क्या बोले नरवणे?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि गलवान संघर्ष के दौरान जनरल नरवणे को राजनीतिक नेतृत्व से स्पष्ट समर्थन नहीं मिला और उन्हें अकेला छोड़ दिया गया. इस सवाल पर पूर्व आर्मी चीफ ने कहा कि “कोई, कुछ भी कह सकता है. मैं कॉमेंट करने के लिए बाध्य नहीं हूं. ये मेरी चिंता नहीं है.”

बिना छपी किताब पर क्या बोले?

हाल ही में जो उनकी बिना छपी हुई किताब को लेकर विवाद हुआ उसको लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो नरवणे ने कहा “मुझे लगता है कि हमें पास्ट में नहीं रहना चाहिए. हमें आगे भविष्य की ओर देखना चाहिए.”

अब कौनसी किताब लिख रहे हैं नरवणे?

पूर्व थलसेना प्रमुख ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने एक नई किताब लिखी है, जो एक मर्डर मिस्ट्री पर आधारित है. उन्होंने कहा “मैंने एक नई किताब लिखी है मर्डर मिस्ट्री. मैं उसका अगला भाग लिख रहा हूं.”

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