Amarnath Yatra 2026 Dates: 3 जुलाई से 28 अगस्त तक अमरनाथ यात्रा, ऐसे करें रजिस्ट्रेशन, हेल्थ सर्टिफिकेट भी जरूरी
अमरनाथ यात्रा 2026 इस बार 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी और कुल 57 दिनों तक जारी रहेगी. श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होगा और हेल्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य रहेगा.
जम्मू-कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी. इस बार यात्रा कुल 57 दिनों तक जारी रहेगी, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक अवधि की होगी. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) की बैठक के बाद यह घोषणा की. उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू होगी.
कब से कब तक साल 2026 की अमरनाथ यात्रा?
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 को समाप्त होगी. उपराज्यपाल ने बताया कि यह यात्रा करीब 57 दिनों तक चलेगी, जो इसे इस साल की सबसे लंबी तीर्थयात्राओं में से एक बनाती है. श्राइन बोर्ड के अनुसार, अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है और यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू होगी.
श्रद्धालु दो तरीकों से रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे-
देशभर के 556 से अधिक अधिकृत बैंक शाखाओं के माध्यम से आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन.
किन बैंकों के जरिए होगा रजिस्ट्रेशन?
रजिस्ट्रेशन की सुविधा निम्न बैंकों के जरिए उपलब्ध होगी-
- Yes Bank
- ICICI Bank
- Punjab National Bank
- State Bank of India
- Axis Bank
ये सभी बैंक श्राइन बोर्ड के निर्देश पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सहयोग करेंगे.
किसे नहीं मिलेगी अमरनाथ यात्रा में जाने की इजाजत?
इस तीर्थयात्रा के लिए आयु सीमा निर्धारित की गई है. जिसमें कम से कम आयु 13 वर्ष है और अधिक से अधिक आयु 70 साल की है. इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं (6 सप्ताह से अधिक गर्भ) को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी.
हेल्थ सर्टिफिकेट क्यों जरूरी है?
श्रद्धालुओं के लिए Compulsory Health Certificate (CHC) अनिवार्य किया गया है. यह प्रमाण पत्र 8 अप्रैल 2026 के बाद किसी अधिकृत डॉक्टर या मेडिकल संस्थान से जारी होना चाहिए. इसकी जांच बैंक शाखाओं द्वारा की जाएगी और केवल वैध प्रमाण पत्र वाले यात्रियों को ही परमिट मिलेगा.
अमरनाथ यात्रा के मार्ग कौन-कौन से हैं?
इस वर्ष यात्रा दो प्रमुख मार्गों से होगी-
पहलगाम मार्ग (48 किमी): पारंपरिक और अपेक्षाकृत आसान रास्ता
बालटाल मार्ग (14 किमी): छोटा लेकिन काफी खड़ा और कठिन मार्ग
श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार मार्ग चुन सकेंगे.
यात्रा परमिट कैसे जारी होगा?
बैंक शाखाएं सभी दस्तावेजों की जांच के बाद सिस्टम जनरेटेड यात्रा परमिट जारी करेंगी. इस परमिट में शामिल होगा.
- यात्रा की तारीख
- चुना गया मार्ग (बालटाल या पहलगाम)
- प्रवेश नियंत्रण गेट की जानकारी
पहली पूजा कब होगी?
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अनुसार, पहली पूजा 19 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर की जाएगी.
प्रशासन ने क्या दिशा-निर्देश दिए हैं?
श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे रजिस्ट्रेशन के दौरान सही आधार और संपर्क विवरण दर्ज करें. सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी और चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी.




