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दाऊद इब्राहिम की वजह से छोड़ना पड़ा क्रिकेट, ललित मोदी ने बताया पूरा किस्सा, बोले- मैं कांपने लगा था

IPL के संस्थापक ललित मोदी ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि उन्हें रात 3:30 बजे एक रहस्यमयी फोन कॉल आया था, जिसके बाद उनकी मुलाकात एक प्रभावशाली व्यक्ति से कराई गई. जानें पूरा किस्सा

दाऊद इब्राहिम की वजह से छोड़ना पड़ा क्रिकेट, ललित मोदी ने बताया पूरा किस्सा, बोले- मैं कांपने लगा था
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( Image Source:  X-@ANI )

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक और इसके पहले चेयरमैन रहे ललित मोदी ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके कथित आपराधिक नेटवर्क से मिली धमकियां क्रिकेट प्रशासन से उनके दूर होने की बड़ी वजहों में शामिल थीं.

उन्होंने कहा कि IPL के शुरुआती सालों में मैच फिक्सिंग के खिलाफ उनकी सख्त नीति ने उन्हें ऐसे लोगों के निशाने पर ला दिया, जिनका संबंध कथित तौर पर अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क से था.

क्या बोले ललित मोदी?

ANI को दिए इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि IPL की शुरुआत के समय उन्होंने किसी भी तरह की मैच फिक्सिंग या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया. उनका दावा है कि इसी वजह से उन लोगों को भारी नुकसान हुआ, जो क्रिकेट के जरिए चल रहे कथित अरबों डॉलर के अंडरग्राउंड सट्टा कारोबार से जुड़े हुए थे.

दाऊद पर क्या बोले ललित मोदी?

ललित मोदी ने कहा, "दाऊद ने खुद कहा था कि उसने मुझ पर तीन बार हमला करवाया और तीनों बार वह नाकाम रहा. वजह साफ थी. जब वे मैच फिक्सिंग करवाना चाहते थे, तब मैंने आंखें मूंदने से इनकार कर दिया था. मुझे चुप रहने और दूसरी तरफ देखने के लिए करोड़ों डॉलर की पेशकश की गई, लेकिन मैंने उसे स्वीकार नहीं किया."

उन्होंने दावा किया कि IPL के शुरुआती तीन वर्षों के दौरान टूर्नामेंट में किसी तरह की फिक्सिंग नहीं हुई थी. उनके अनुसार, यही बात उन लोगों को सबसे ज्यादा खल रही थी, जो क्रिकेट के इर्द-गिर्द चलने वाले अवैध सट्टा कारोबार से फायदा कमाते थे. ललित मोदी का कहना है कि यह एक विशाल सट्टेबाजी तंत्र था, जिसमें हर गेंद के साथ दांव और ऑड्स बदलते रहते थे.

दूसरे सीजन में कैसे हुआ कई लोगों को भारी नुकसान?

उन्होंने कहा कि उस समय कई लोगों ने यह मानकर बड़े पैमाने पर सट्टा लगाया था कि IPL का दूसरा सीजन आयोजित ही नहीं हो पाएगा. लेकिन जब टूर्नामेंट सफलतापूर्वक आयोजित हुआ तो कथित तौर पर कई लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा.

ललित मोदी के घर के बाहर शूटआउट?

ललित मोदी के मुताबिक, उस दौर में मुंबई पुलिस ने कई बातचीत रिकॉर्ड की थीं और खतरे को देखते हुए उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा भी दी गई थी. उन्होंने दावा किया कि उनके मुंबई स्थित घर के बाहर शूटआउट हुआ था.

क्या विदेशों में भी ललित मोदी पर हुए हमले?

उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी कथित हमलों की साजिश रची गई. उनके अनुसार, जब IPL का दूसरा सीजन दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया जा रहा था, तब जोहान्सबर्ग में उन पर हमला करने की कोशिश हुई थी, जिसे दक्षिण अफ्रीकी एजेंसियों ने विफल कर दिया.

इसी तरह उन्होंने दावा किया कि मोंटेनेग्रो में भी उन पर हमले की योजना बनाई गई थी, जिसे क्रोएशिया की सीमा पर रोक लिया गया था. ललित मोदी ने यह भी कहा कि उनके बेटे का लंदन में अपहरण कर लिया गया था. उन्होंने कहा कि यह ऐसी घटना है जिसके बारे में उन्होंने पहले कभी सार्वजनिक रूप से विस्तार से बात नहीं की.

जब ललित मोदी को रात साढ़े तीन बजे आया फोन

इंटरव्यू के दौरान ललित मोदी ने एक और दिलचस्प घटनाक्रम का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि एक रात करीब साढ़े तीन बजे उन्हें फोन आया. फोन करने वाला व्यक्ति IPL मैचों के आसपास अक्सर दिखाई देता था और राजनीतिक हलकों में भी उसकी अच्छी पहुंच मानी जाती थी.

उनके अनुसार, उस व्यक्ति ने उन्हें तत्काल एक प्रभावशाली शख्स, जिसे उन्होंने केवल "बाबा" कहा, से मिलने के लिए बुलाया. ललित मोदी ने बताया कि वह एक पेंटहाउस में पहुंचे, जहां कई मशहूर कलाकारों की पेंटिंग्स लगी हुई थीं. उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान उस व्यक्ति ने IPL की एक टीम खरीदने की इच्छा जताई. इसी दौरान ललित मोदी ने उससे कहा कि उनकी सबसे बड़ी परेशानी दाऊद इब्राहिम से जुड़ी धमकियां हैं.

छत पर जाकर दाऊद को घुमाया फोन?

ललित मोदी के मुताबिक, उस व्यक्ति ने जवाब दिया कि वह इस समस्या को तुरंत खत्म कर सकता है. इसके बाद वह कथित तौर पर पेंटहाउस की छत पर गया, सैटेलाइट फोन निकाला और दाऊद इब्राहिम को कॉल किया. इस घटना को याद करते हुए ललित मोदी ने कहा, "मेरी हालत इतनी खराब हो गई थी कि मैं बुरी तरह घबरा गया था. यह 2012 की बात है. मुझे नहीं पता कि उस समय दाऊद कहां था, लेकिन यह सब मेरे रिकॉर्डेड बयान का हिस्सा है."

उन्होंने बताया कि इसके बाद वह व्यक्ति कई जगहों पर उनके सामने आता रहा. एक मौके का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शौकत अजीज के साथ डिनर पर मौजूद थे. उसी दौरान वह व्यक्ति भी वहां दिखाई दिया. ललित मोदी के अनुसार, बाद में उनसे लगातार संपर्क किया जाने लगा. उन्हें फोन करके कहा जाता था कि दोस्ती एकतरफा नहीं होती और बदले में कुछ अपेक्षाएं भी होती हैं.

ललित मोदी ने कैसे कई लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया?

उन्होंने कहा कि समय के साथ उन्हें यह समझ आया कि IPL को दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट करने के फैसले ने कुछ लोगों के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाया था. कई लोगों ने इस बात पर पैसा लगाया था कि टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका नहीं जाएगा. लेकिन जब IPL सफलतापूर्वक दक्षिण अफ्रीका पहुंच गया और वहां आयोजित हो गया, तो कथित तौर पर उन लोगों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा. ललित मोदी का दावा है कि बाद में उनसे उस नुकसान की भरपाई करने का दबाव बनाया जाने लगा.

उन्होंने यह भी कहा कि एक इंटरव्यू में दाऊद इब्राहिम ने दावा किया था कि उसके और ललित मोदी के बीच सभी विवाद खत्म हो गए हैं. हालांकि ललित मोदी ने कहा कि उनकी तरफ से ऐसा कोई समझौता कभी नहीं हुआ. ललित मोदी ने कहा, "मैंने केवल इतना कहा था कि मैं क्रिकेट प्रशासन से दूर हो जाऊंगा. मैंने अपनी बात निभाई और क्रिकेट की दुनिया से खुद को अलग कर लिया."

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