मंगेतर से 1 मिले करोड़ अपने प्रेमी को दे दिए, केतन मर्डर केस में सबसे बड़े खुलासे में कितना दम? ऐसी थी सिया और चेतन की फ्यूचर प्लानिंग
केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि सिया गोयल ने शादी की शॉपिंग के लिए केतन से 1 करोड़ रुपये ले लिए थे, जिसके बाद सिया ने सारे पैसे चेतन चौधरी को दे दिए थे.
ketan agrawal murder case
केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान लगातार नए और हैरान करने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार, यह हत्या अचानक नहीं बल्कि बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई साजिश का हिस्सा थी, जिसमें आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने महीनों पहले से पूरी योजना तैयार कर रखी थी.
पुलिस का दावा है कि शादी की तैयारियों के बहाने केतन अग्रवाल से करीब एक करोड़ रुपये लेने के बाद आरोपी युवती ने वह पूरी रकम चेतन को सौंप दी थी. इतना ही नहीं, दोनों ने हत्या के बाद संदेह से बचने के लिए कई सालों तक शादी न करने की भी योजना बनाई थी, ताकि किसी को उन पर शक न हो.
क्या हुआ नया खुलासा?
पुलिस जांच के मुताबिक, 20 वर्षीय सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से शादी की खरीदारी और तैयारियों का हवाला देकर लगभग एक करोड़ रुपये लिए थे लेकिन इन पैसों का इस्तेमाल शादी के लिए करने के बजाय उसने पूरी रकम अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी. जांच में सामने आया है कि यह रकम चौधरी के करियर और कारोबार को मजबूत करने के उद्देश्य से दी गई थी, ताकि वह आर्थिक रूप से स्थिर हो सके.
क्या बनाई थी सिया-चेतन ने योजना?
पुलिस के अनुसार, चेतन चौधरी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से था. उसने सिया गोयल से कहा था कि आर्थिक रूप से मजबूत होने में उसे कम से कम तीन साल का समय लगेगा. इसी को ध्यान में रखते हुए दोनों ने यह योजना बनाई कि केतन अग्रवाल की हत्या के बाद सिया तीन सालों तक शादी नहीं करेगी. इसके बाद जब मामला पूरी तरह शांत हो जाएगा और चौधरी आर्थिक रूप से मजबूत हो जाएगा, तब दोनों शादी करेंगे.
लोहागढ़ किले में क्या था प्लान?
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि 18 जून को लोहागढ़ किले में हत्या के दौरान सिया गोयल की भूमिका केवल मौजूद रहने तक सीमित नहीं थी. उसने चेतन चौधरी को हमला करने का संकेत देने की जिम्मेदारी भी संभाली थी. एक अधिकारी ने बताया कि योजना के अनुसार, गोयल को बैठकर संकेत देना था, जिसके बाद चौधरी को आकर एक अनजान व्यक्ति के रूप में केतन अग्रवाल को धक्का देकर उसकी जान ले लेनी थी.
जांच के अनुसार, दोनों ने पहले से तय कर लिया था कि सिया या तो पानी पीने के बहाने बैठेगी या फिर जूते के फीते बांधने का बहाना बनाएगी. उसका बैठना ही चेतन चौधरी के लिए हमला करने का संकेत था. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरीके को सोच-समझकर चुना गया था ताकि हत्या के समय सिया सुरक्षित दूरी पर रहे.
कैसे लोहागढ़ पहुंचा था चेतन?
पुलिस के मुताबिक, चेतन चौधरी ने हत्या के दिन अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाने की भी पूरी कोशिश की. जांच में सामने आया है कि उसने पुणे से लोहागढ़ किले तक करीब 90 किलोमीटर का सफर कार से नहीं बल्कि स्कूटर से किया. जांच एजेंसियों का मानना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि उसकी आवाजाही पर कम ध्यान जाए और वह किसी की नजर में न आए.




