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Bengal Election Phase 2: ये सिर्फ चुनाव नहीं, Mamata के लिए हाई-स्टेक्स सियासी लड़ाई क्यों?

बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान, जानिए क्यों यह ममता बनर्जी के लिए हाई-स्टेक्स सियासी मुकाबला और चुनाव का टर्निंग प्वाइंट है.

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( Image Source:  ANI )

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण सिर्फ एक और मतदान दिन नहीं, बल्कि पूरे चुनाव का टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है. आज 142 सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है और करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. इतना बड़ा वोटिंग ब्लॉक सीधे तौर पर यह तय करेगा कि राज्य में Mamata Banerjee की सत्ता बरकरार रहेगी या Bharatiya Janata Party बड़ी एंट्री करेगी.

1. क्यों कहा जा रहा है ‘निर्णायक चरण’?

दूसरे चरण की 142 सीटें पूरे चुनाव की दिशा तय करने वाली मानी जा रही हैं. 2021 में इन्हीं सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने 123 सीटें जीतकर भारी बढ़त बनाई थी, जबकि बीजेपी सिर्फ 18 सीटों तक सिमट गई थी. इस बार बदले सियासी समीकरण और कड़े मुकाबले ने इस चरण को और अहम बना दिया है.

2. किन जिलों में हो रहा मतदान और क्यों अहम हैं ये सीटें?

यह चरण 7 प्रमुख जिलों में फैला है- नादिया (17 सीटें), नॉर्थ 24 परगना (33), साउथ 24 परगना (31), कोलकाता (11), हावड़ा (16), हुगली (18) और पूर्व बर्दवान (16). इन इलाकों में शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण वोटरों का मिश्रण है, जिससे चुनावी गणित जटिल हो जाता है. यही वजह है कि यहां का रिजल्ट पूरे राज्य की तस्वीर बदल सकता है.

3. भबानीपुर सीट पर क्यों टिकी हैं सबकी नजरें?

मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की सीट भबानीपुर इस बार हाई-प्रोफाइल मुकाबले का केंद्र बन गई है. यहां उनके सामने कभी करीबी रहे और अब विरोधी बन चुके Suvendu Adhikari चुनौती दे रहे हैं. वहीं Amit Shah ने इस सीट को प्रतिष्ठा का सवाल बना दिया है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. कोलकाता निवासी प्रमोद राम का कहना है कि इस बार ममता बनर्जी की जिंवन भर की सियासी कमाई दांव पर है. बावजूद इसके टीएमसी की सत्ता में वापसी मुश्किल है.

4. TMC vs BJP: किन मुद्दों पर टिकी है लड़ाई?

दूसरे चरण में मुकाबला सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच है. TMC कल्याणकारी योजनाएं और स्थानीय विकास तो BJP राष्ट्रीय मुद्दे, विकास और संगठनात्मक ताकत को चुनावी एजेंडा बनाया है. साथ ही Narendra Modi की सक्रिय रैलियां इस चरण को राष्ट्रीय स्तर पर भी हाई-वोल्टेज बना रही हैं.

5. क्या ‘साइलेंट वोटर’ बदल देंगे पूरा खेल?

बंगाल विधानसभा चुनाव चुनाव 2026 के दूसरे चरण का सबसे बड़ा अनिश्चित फैक्टर ‘साइलेंट वोटर’ माने जा रहे हैं. महिला मतदाता और पहली बार वोट डालने वाले युवा बड़ी संख्या में ऐसे हैं जो खुलकर अपनी पसंद नहीं बताते, लेकिन मतदान के दिन उनका फैसला चौंका सकता है. पिछले चुनावों में भी ऐसे वोटर्स ने कई सीटों पर नतीजे पलटे हैं, जिससे इस बार भी बड़ा उलटफेर संभव माना जा रहा है.

सुरक्षा और तैयारियां

मतदान को शांतिपूर्ण बनाने के लिए 41,000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं और करीब 2,400 CAPF कंपनियां तैनात की गई हैं. संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की हिंसा को रोका जा सके. 142 सीटों पर हो रहा यह मतदान सिर्फ एक चरण नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल चुनाव का निर्णायक मोड़ है. 3.2 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं का फैसला तय करेगा कि सत्ता बरकरार रहेगी या बदलाव की लहर आएगी. अब सबकी नजर ‘चुप मतदाता’ पर है, क्योंकि असली खेल वहीं छुपा है.

विधानसभा चुनाव 2026ममता बनर्जी
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