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क्या ट्रांसजेंडर को भी होते हैं पीरियड्स? जानिए शरीर में क्या-क्या बदलाव आते हैं

महिलाओं को हर महीने पीरियड्स होते हैं, लेकिन क्या ट्रांसजेंडर महिलाएं भी इस एक्सपीरियंस से गुजरती हैं. हालांकि, सामान्य महिलाओं की तरह ब्लीडिंग तो नहीं होती, लेकिन हार्मोन थेरेपी की वजह से कई ट्रांस वुमन शरीर और मूड में ऐसे बदलाव महसूस कर सकती हैं, जो PMS जैसे लगते हैं.

क्या ट्रांसजेंडर को भी होते हैं पीरियड्स? जानिए शरीर में क्या-क्या बदलाव आते हैं
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क्या ट्रांसजेंडर लोगों को भी होते हैं पीरियड्स

( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Published on: 29 April 2026 4:15 PM

ट्रांसजेंडर लोगों को लेकर अक्सर कई सवाल पूछे जाते हैं, जिनमें सबसे आम सवाल यह है कि क्या ट्रांस वुमन यानी जन्म से पुरुष लेकिन खुद को महिला मानने वाले लोगों को पीरियड्स होते हैं? इस विषय को लेकर लोगों में काफी भ्रम भी रहता है. दरअसल, पीरियड्स शरीर के कुछ खास अंगों और हार्मोनल प्रक्रिया से जुड़े होते हैं, इसलिए हर व्यक्ति में यह प्रक्रिया एक जैसी नहीं होती.

हालांकि, कई ट्रांस वुमन ऐसे लक्षण महसूस कर सकती हैं जो पीरियड्स से पहले होने वाले बदलावों जैसे लगते हैं. इसकी वजह हार्मोन थेरेपी हो सकती है.

क्या ट्रांस वुमन को सच में पीरियड्स होते हैं?

आमतौर पर पीरियड्स तब होते हैं जब शरीर में यूट्रस और ओवरी मौजूद हों. हर महीने शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं और गर्भाशय की अंदरूनी परत टूटकर खून के रूप में बाहर निकलती है. इसे ही पीरियड्स कहा जाता है. ट्रांस वुमन के शरीर में गर्भाशय और ओवरी नहीं होते, इसलिए उन्हें सामान्य महिलाओं की तरह ब्लीडिंग वाले पीरियड्स नहीं होते हैं.

फिर PMS जैसे लक्षण क्यों महसूस होते हैं?

कई ट्रांस वुमन जेंडर-अफर्मिंग हार्मोन थेरेपी लेती हैं. इसमें शरीर में एस्ट्रोजन और कुछ अन्य हार्मोन दिए जाते हैं ताकि शरीर में महिलाओं जैसे बदलाव आ सकें. इन हार्मोन्स की वजह से कुछ लोगों को ऐसे लक्षण महसूस हो सकते हैं जो PMS (Premenstrual Syndrome) या PMDD जैसे लगते हैं. जैसे:

  • मूड अचानक बदलना
  • चिड़चिड़ापन
  • उदासी या तनाव
  • स्तनों में दर्द
  • थकान महसूस होना
  • भावनात्मक बदलाव

हालांकि इसमें ब्लीडिंग नहीं होती, लेकिन शरीर और मन में बदलाव महसूस हो सकते हैं.

क्या हर ट्रांस वुमन को ये लक्षण होते हैं?

ऐसा जरूरी नहीं है. हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है. कुछ ट्रांस वुमन को हार्मोन थेरेपी के दौरान ज्यादा बदलाव महसूस होते हैं, जबकि कुछ को बहुत कम लक्षण दिखाई देते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ लोगों का शरीर एस्ट्रोजन हार्मोन के प्रति ज्यादा संवेदनशील होता है, इसलिए उनमें PMS जैसे लक्षण ज्यादा दिख सकते हैं.

ट्रांस वुमन को सामान्य महिलाओं की तरह पीरियड्स नहीं होते क्योंकि उनके शरीर में पीरियड्स से जुड़े अंग मौजूद नहीं होते. लेकिन हार्मोन थेरेपी के कारण वे कुछ शारीरिक और भावनात्मक बदलाव महसूस कर सकती हैं, जो PMS या PMDD जैसे लग सकते हैं.

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