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4 से 6 साल की हुई नौकरी, फिर कैसे सेना में परमानेंट होंगे अग्निवीर, क्या बैचमेट से रहेंगे जूनियर? FAQ

अग्निवीरों को अब 2 साल का और एक्सटेंशन मिला है, पहले उनकी नौकरी 4 साल तक की थी लेकिन अब वे 6 साल तक सेवाएं दे पाएंगे. इसको लेकर एक सवाल ये भी उठ रहा था कि आखिर अग्निवीर कैसे परमानेंट होंगे?

Agniveer Scheme New Rules
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Agniveer Scheme New Rules

( Image Source:  ChatGPT )

हाल ही में भारत सरकार और सेना ने अग्निवीर योजना के तहत आर्मी में भर्ती हुए सैनिकों और जो भर्ती होने का सपना देख रहे हैं उनको बड़ा तोहफा दिया है. अब चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल और सेना में काम करने का विकल्प मिलेगा. इस बदलाव से उन्हें न सिर्फ अतिरिक्त कमाई का मौका मिलेगा, बल्कि नियमित सैनिक बनने का रास्ता भी खुल सकता है. इस नए बदलाव के तहत अग्निवीर अपनी इच्छा से दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल चुन सकेंगे. इस दौरान उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा वेतन भी दिया जाएगा. खास बात यह है कि अतिरिक्त सेवा पूरी करने के बाद नियमित कैडर में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा. ऐसे में अग्निवीर योजना को लेकर युवाओं के मन में कई सवाल हैं.

अब चार साल की सेवा पूरी करने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल और सेना में काम करने का विकल्प दिया जाएगा. पहले इन जवानों को चार साल बाद सेवा से मुक्त होना पड़ता था लेकिन नए बदलाव के बाद वे अपनी इच्छा से दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल चुन सकते हैं. इससे उन्हें सेना में बने रहने और नियमित सैनिक बनने का एक और मौका मिलेगा.

नए बदलाव के तहत छह साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए परमानेंट कैडर में शामिल होने का रास्ता खुल सकता है. हालांकि, इसके लिए उनका इच्छुक होना, शारीरिक रूप से फिट रहना और अनुशासन बनाए रखना जरूरी होगा. पहले चार साल बाद 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल करने का प्रावधान था.

अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी तरह अग्निवीरों की इच्छा पर निर्भर करेगी. जो जवान चार साल बाद सेना छोड़ना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं. वहीं, सेना में आगे भी काम करने के इच्छुक अग्निवीरों को स्थायी होने का मौका मिलेगा.

अतिरिक्त दो साल की सेवा के बाद परमानेंट कैडर में शामिल होने वाले अग्निवीरों की सीनियरिटी सुरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है. उन्हें अपने ही बैच के उन जवानों के ठीक बाद जगह मिलेगी, जिन्हें चार साल की सेवा के बाद परमानेंट किया गया था यानी वे अपने बाद के बैच के जवानों से सीनियर बने रहेंगे.

अग्निवीर योजना को वापस नहीं लिया गया है. इसमें केवल दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प जोड़ा गया है. इसका उद्देश्य चार साल की सेवा पूरी करने वाले ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सेना में आगे काम करने का अवसर देना है.

अतिरिक्त दो साल के कार्यकाल के दौरान अग्निवीरों को पहले से ज्यादा वेतन मिलेगा. पहले साल 43,500 रुपये प्रति महीने और दूसरे साल 47,500 रुपये प्रति महीने मिलेंगे. याद रहे अग्निवीरों के शुरुआती बैच का मासिक वेतन 30,000 रुपये से शुरू हुआ था.

अग्निवीर योजना के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 17.5 साल से 21 साल के बीच होनी चाहिए.

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