कौन है सौरभ चंद्राकर, जिसे 6000 करोड़ के महादेव बेटिंग ऐप घोटाला मामले में ओमान से लाया गया भारत? 10 Points
महादेव बेटिंग ऐप घोटाले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है. उसे आज रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा. CBI का आरोप है कि सट्टे की रकम म्यूल खातों और हवाला के जरिए विदेश भेजी गई, जबकि सिंडिकेट को सरकारी संरक्षण देने के लिए पैसे भी बांटे गए.
महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग सिंडिकेट के प्रमोटर और करीब 6,000 करोड़ रुपये के कथित अवैध सट्टेबाजी एवं मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले के प्रमुख आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को भारतीय एजेंसियां ओमान से भारत ले आई हैं. रविवार शाम CBI की विशेष टीम उसे लेकर भारत पहुंची. चंद्राकर के खिलाफ CBI के दो मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, जबकि ED के मामले में अभियोजन शिकायत दर्ज की गई है. CBI के मुताबिक, मेडिकल जांच और ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे रायपुर ले जाया जाएगा, जहां सोमवार को विशेष CBI अदालत में पेश किया जाना है.
भारतीय एजेंसियां 2023 से सौरभ चंद्राकर की तलाश कर रही थीं. हाल ही में ED को उसके ओमान में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद CBI और ED ने ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की. उसके खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था. इसके बाद भारत ने सबूतों के साथ औपचारिक प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजा.
CBI के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक था, जिसे भारत के बाहर से संचालित किया जा रहा था. जांच में सट्टेबाजी से मिले पैसे को म्यूल बैंक खातों, कई लेनदेन और हवाला के जरिए विदेश भेजने की बात सामने आई है. एजेंसी का यह भी आरोप है कि सिंडिकेट को बिना रुकावट चलाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को संरक्षण राशि दी जाती थी.
महादेव बेटिंग ऐप घोटाला: 10 Points में समझिए पूरा मामला
- महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग सिंडिकेट का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर रविवार शाम भारत पहुंचा. उसे CBI की विशेष टीम ओमान से लेकर आई है.
- चंद्राकर पर करीब 6,000 करोड़ रुपये के कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में शामिल होने का आरोप है. वह इस मामले के प्रमुख आरोपियों में से एक है.
- CBI के मुताबिक, भारत लाए जाने के बाद चंद्राकर की मेडिकल जांच कराई जाएगी. ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे रायपुर ले जाकर सोमवार को विशेष CBI जज के सामने पेश किया जाएगा.
- चंद्राकर के खिलाफ CBI के दो मामलों में पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. वहीं, ED के मामले में अभियोजन शिकायत दर्ज की गई है.
- भारतीय एजेंसियां 2023 से चंद्राकर को खोज रही थीं. हाल ही में ED को उसके ओमान में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद प्रत्यर्पण के प्रयास तेज किए गए.
- चंद्राकर को इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने हिरासत में लिया था. इसके बाद CBI और ED ने ओमान सरकार को सबूतों के साथ औपचारिक प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे.
- CBI की जांच के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन बेटिंग ऑपरेशनों में शामिल था और इसे भारत के बाहर से चलाया जा रहा था.
- जांच में सामने आया कि सट्टेबाजी से हासिल रकम को बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों में भेजा जाता था. फिर कई लेनदेन के जरिए रकम की परतें बनाकर हवाला चैनलों से विदेश पहुंचाया जाता था.
- CBI का आरोप है कि सिंडिकेट के संचालन में बाधा न आए, इसके लिए कुछ सरकारी कर्मचारियों को संरक्षण राशि दी जाती थी. मामले में भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं.
- मार्च में ED ने चंद्राकर से जुड़े मामले में करीब 1,700 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं. इनमें दुबई के पॉश इलाकों में लग्जरी विला और अपार्टमेंट शामिल हैं. 2023 में दुबई में हुई उसकी करीब 200 करोड़ रुपये की भव्य शादी भी सुर्खियों में रही थी.
कौन हैं सौरभ चंद्राकर?
सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी ऐप सिंडिकेट का मुख्य प्रमोटर और मास्टरमाइंड है. वह छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है और कभी वहां जूस की दुकान चलाता था. उसने 2018-2019 में अपने साथी रवि उत्पल के साथ मिलकर यह अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप लॉन्च किया था, जो करीब ₹6,000 करोड़ के बड़े घोटाले से जुड़ा हुआ है.




