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पंजाब चुनाव में चौंकाने को तैयार BJP, क्या रोकने के लिए साथ आएंगी कांग्रेस और AAP, सर्वे में Amritpal Singh पर क्या आया? 10 Points

पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर हुए एक सर्वे में बीजेपी चौंकाती हुई नजर आ रही है. सर्वे के मुताबिक, 102 सीटों पर AAP और कांग्रेस 34-34 सीटों पर आगे हैं, जबकि BJP 30 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. मालवा में AAP को बड़े नुकसान और दोआबा में कांग्रेस की बढ़त के संकेत हैं, जबकि माझा में BJP सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है.

Punjab Election 2027 Survey: AAP and Congress Neck and Neck, BJP Emerges as Dark Horse
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( Image Source:  ANI )

Punjab Election 2027: पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर एक सर्वे ने राज्य की सियासत में नए समीकरणों के संकेत दिए हैं. भास्कर ऐप की ओर से किए गए सर्वे के मुताबिक, इस बार AAP और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है. वहीं, BJP भी मुकाबले में मजबूत दावेदार बनकर उभर सकती है. सर्वे के नतीजे बताते हैं कि किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना कम है और राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन सकती है. सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल-वारिस पंजाब दे भी एक सीट पर बढ़त के साथ विधानसभा में अपना खाता खोल सकती है.

यह सर्वे पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर 1 से 15 अक्टूबर के बीच कराया गया. हालांकि, 102 सीटों के नतीजे ही घोषित किए गए, जबकि बाकी 15 सीटों पर पर्याप्त प्रतिक्रियाएं नहीं मिलने के कारण किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका. सर्वे में AAP और कांग्रेस 34-34 सीटों पर सबसे आगे नजर आईं, जबकि BJP 30 सीटों पर बढ़त के साथ तीसरे बड़े दावेदार के रूप में सामने आई. शिरोमणि अकाली दल (SAD) सिर्फ दो सीटों पर आगे रहा. अगर ये अनुमान चुनाव नतीजों में बदलते हैं, तो 2022 में 92 सीटें जीतने वाली AAP को करीब 60 सीटों का नुकसान हो सकता है.

पंजाब में 58 साल बाद फिर बन सकती है त्रिशंकु विधानसभा

सर्वे के मुताबिक, अगर 2027 के विधानसभा चुनाव में इसी तरह के नतीजे आते हैं, तो पंजाब में करीब 58 साल बाद किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा. राज्य में आखिरी बार 1969 के विधानसभा चुनाव में ऐसी स्थिति बनी थी, जब किसी एक दल को बहुमत नहीं मिला था. 1966 में हरियाणा के पंजाब से अलग होने और पंजाब के कुछ हिस्सों के हिमाचल प्रदेश में शामिल होने के बाद राज्य में विधानसभा सीटों की संख्या 154 से घटकर 104 रह गई थी. उस समय बहुमत का आंकड़ा 53 सीटों का था.

1969 के चुनाव में शिरोमणि अकाली दल 43 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बना था. कांग्रेस को 38, भारतीय जनसंघ को आठ और अन्य दलों व निर्दलीय उम्मीदवारों को कुल 15 सीटें मिली थीं. इसके बाद अकाली दल ने जनसंघ और दूसरे सहयोगियों के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी.

सर्वे में किस पार्टी को कितनी सीटों पर बढ़त?

  • आम आदमी पार्टी (AAP) 34
  • कांग्रेस 34
  • भारतीय जनता पार्टी (BJP) 30
  • शिरोमणि अकाली दल (SAD) 2
  • अकाली दल-वारिस पंजाब दे 1

पंजाब के तीनों क्षेत्रों में क्या है चुनावी तस्वीर?

1. मालवा: AAP सबसे आगे, लेकिन 45 सीटों का नुकसान संभव

पंजाब का मालवा क्षेत्र राज्य की राजनीति में सबसे अहम माना जाता है. यहां कुल 69 विधानसभा सीटें हैं. 2022 के चुनाव में AAP ने इस इलाके में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 66 सीटें जीती थीं. सर्वे में मालवा की 60 सीटों के नतीजे घोषित किए गए हैं. इन नतीजों के मुताबिक, AAP 21 सीटों पर आगे है और क्षेत्र में सबसे बड़ी पार्टी बनी रह सकती है. हालांकि, 2022 के मुकाबले उसे 45 सीटों का नुकसान होने का अनुमान है. कांग्रेस और BJP को AAP की गिरावट का सबसे ज्यादा फायदा मिलता दिख रहा है.

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2. मालवा में कांग्रेस की सीटें 2 से बढ़कर 19 हो सकती हैं

2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मालवा क्षेत्र में सिर्फ दो सीटें मिली थीं, लेकिन सर्वे के मुताबिक, इस बार पार्टी 19 सीटों पर बढ़त बना सकती है. वहीं, BJP भी इस इलाके में बड़ी छलांग लगाती दिख रही है. पिछले चुनाव में मालवा में BJP एक भी सीट नहीं जीत पाई थी, लेकिन सर्वे में वह 17 सीटों पर आगे है. शिरोमणि अकाली दल को भी एक अतिरिक्त सीट मिलने का अनुमान है. पिछले चुनाव में पार्टी ने लुधियाना जिले की दाखा सीट जीती थी.

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3. दोआबा: कांग्रेस सबसे आगे, लेकिन एक सीट का नुकसान

दोआबा क्षेत्र में दलित मतदाताओं की बड़ी आबादी है और यहां कुल 23 विधानसभा सीटें हैं. सर्वे में 19 सीटों के नतीजे घोषित किए गए हैं. इनमें कांग्रेस आठ सीटों पर सबसे आगे है और क्षेत्र की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. हालांकि, 2022 में कांग्रेस ने दोआबा की नौ सीटें जीती थीं। इस बार उसका आंकड़ा घटकर आठ रह सकता है। यानी पार्टी को यहां भी एक सीट का नुकसान होने का अनुमान है।

4. दोआबा में AAP को नुकसान, BJP की सीटें बढ़ने के संकेत

दोआबा में 2022 के चुनाव में AAP ने 10 सीटें जीती थीं, लेकिन सर्वे के मुताबिक, इस बार पार्टी सात सीटों पर आगे रह सकती है. यानी उसे तीन सीटों का नुकसान होने का अनुमान है. दूसरी तरफ BJP को इस क्षेत्र में फायदा होता दिख रहा है. पिछले चुनाव में पार्टी ने सिर्फ मुकेरियां सीट जीती थी, लेकिन सर्वे में वह चार सीटों पर आगे है. शिरोमणि अकाली दल इस क्षेत्र में किसी भी सीट पर बढ़त बनाता नजर नहीं आ रहा.

5. माझा में BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है

माझा क्षेत्र के सर्वे नतीजे सबसे चौंकाने वाले बताए जा रहे हैं. इस इलाके में पाकिस्तान से लगती सीमा वाले चार जिले शामिल हैं. इसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है. सर्वे के मुताबिक, BJP यहां सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है. माझा की 25 विधानसभा सीटों में से नौ पर BJP के उम्मीदवार आगे बताए गए हैं. 2022 के चुनाव में पार्टी ने यहां सिर्फ पठानकोट सीट जीती थी। ऐसे में अगर सर्वे का अनुमान सही साबित होता है, तो BJP के लिए यह बड़ी राजनीतिक बढ़त होगी.

6. माझा में कांग्रेस की स्थिति लगभग बरकरार

सर्वे के मुताबिक, माझा क्षेत्र में कांग्रेस सात सीटों पर आगे है. 2022 के चुनाव में भी पार्टी ने यहां सात सीटें जीती थीं. यानी कांग्रेस का प्रदर्शन इस इलाके में लगभग पहले जैसा रह सकता है. हालांकि, BJP की बढ़त के चलते माझा में मुकाबले का समीकरण बदल सकता है। इस क्षेत्र में कांग्रेस दूसरे स्थान पर नजर आ रही है.

7. माझा में AAP को 16 से घटकर 6 सीटें मिलने का अनुमान

2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने माझा क्षेत्र की 25 में से 16 सीटें जीती थीं, लेकिन भास्कर ऐप के सर्वे में पार्टी सिर्फ छह सीटों पर आगे दिखाई दे रही है. अगर ये रुझान चुनाव में भी कायम रहते हैं, तो माझा में AAP को बड़ा नुकसान हो सकता है. शिरोमणि अकाली दल भी इस क्षेत्र में किसी सीट पर बढ़त बनाता नहीं दिख रहा.

8. अमृतपाल सिंह की पार्टी खोल सकती है खाता

सांसद अमृतपाल सिंह की अगुवाई वाला अकाली दल-वारिस पंजाब दे भी सर्वे में एक सीट पर आगे है. अगर यह बढ़त चुनावी नतीजे में बदलती है, तो पार्टी पहली बार पंजाब विधानसभा में अपना खाता खोल सकती है. हालांकि, सर्वे में पार्टी की बढ़त सिर्फ एक सीट पर बताई गई है. इसलिए इसे फिलहाल राज्य की राजनीति में संभावित शुरुआत के तौर पर ही देखा जा सकता है.

9. BJP के लिए मालवा और माझा में बड़ी बढ़त के संकेत

BJP ने पंजाब में अब तक विधानसभा चुनावों में अधिकतम 19 सीटें जीती हैं. उसका यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2007 में रहा था, जब वह शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन में 23 सीटों पर चुनाव लड़ी थी... लेकिन इस सर्वे में पार्टी 30 सीटों पर आगे है. मालवा में 17 और माझा में नौ सीटों पर उसकी बढ़त के अनुमान ने उसे मुकाबले में अहम खिलाड़ी बना दिया है. इसी वजह से BJP को इस चुनाव में संभावित 'डार्क हॉर्स' माना जा रहा है.

10. 2022 के मुकाबले AAP को बड़ा नुकसान, सत्ता का समीकरण बदल सकता है

2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था. कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं, लेकिन मौजूदा सर्वे में AAP और कांग्रेस दोनों 34-34 सीटों पर आगे हैं, जबकि BJP 30 सीटों के साथ उनके करीब है. सर्वे के अनुमान के मुताबिक, AAP को करीब 60 सीटों का नुकसान हो सकता है और कांग्रेस व BJP दोनों अपनी स्थिति मजबूत कर सकती हैं. हालांकि, यह चुनाव से पहले का सर्वे है, अंतिम चुनावी नतीजा नहीं. 2027 के चुनाव में असली तस्वीर मतदाताओं के फैसले के बाद ही साफ होगी.

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