Vijay Deverakonda-Rashmika Mandanna का बड़ा फैसला, 180 छात्रों को देंगे स्कॉलरशिप; गांव पहुंचकर जीता दिल
विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने तेलंगाना के 180 मेधावी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप योजना शुरू की. गांव पहुंचकर की लाभार्थियों की घोषणा.
सिल्वर स्क्रीन अपनी केमिस्ट्री से लाखों दिलों को जीतने वाली स्टार जोड़ी विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) और रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) ने अब असल जिंदगी में भी एक ऐसी नई इबारत लिख दी है, जो न सिर्फ तारीफ के काबिल है बल्कि हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा भी है. हाल ही में शादी के बंधन में बंधे इस पावर कपल ने फिल्मी चकाचौंध से दूर, जमीन से जुड़कर एक ऐसा बड़ा कदम उठाया है जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है. रश्मिका और विजय ने अपनी जड़ों को न भूलते हुए तेलंगाना के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के स्तर को सुधारने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरा करने के लिए वे पूरी शिद्दत से जुट गए हैं. दोनों ने तेलंगाना के होनहार लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के सुनहरे भविष्य के लिए एक शानदार स्कॉलरशिप योजना की शुरुआत की है.
जब थुम्मनपेट गांव पहुंचे विजय और रश्मिका
बीते रविवार को तेलंगाना का एक छोटा सा गांव 'थुम्मनपेट' (अचमपेट मंडल) खुशियों और उम्मीदों से सराबोर था. वजह बेहद खास थी गांव के ही बेटे विजय देवरकोंडा अपनी पत्नी रश्मिका मंदाना के साथ वहां पहुंचे थे. यह कोई फिल्मी प्रमोशन या स्टार विजिट नहीं थी, बल्कि अपनी मिट्टी को कुछ वापस लौटाने का एक इमोशनल प्रयास था. गांव वालों के बीच बैठकर विजय और रश्मिका ने उस स्कॉलरशिप योजना के लाभार्थियों के नामों की घोषणा की, जिसका वादा उन्होंने कुछ महीने पहले किया था. इस मौके पर पूरा गांव अपने चहेते सितारों को अपने बीच पाकर बेहद भावुक और गर्वित नजर आया.
शेयर की लिस्ट
विजय देवरकोंडा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर चयनित छात्रों की लिस्ट शेयर करते हुए एक बेहद इमोशनल पोस्ट लिखी. उन्होंने लिखा, 'हम थुम्मनपेट जा रहे हैं. यह वही छोटा सा गांव है जहां मेरे पिता का जन्म हुआ था. फरवरी में, रश्मिका और मैंने अपने एक छोटे से सपने की शुरुआत की घोषणा की थी. तेलंगाना के अचमपेट मंडल के नौवीं और दसवीं कक्षा के सभी मेहनती छात्रों को पुरस्कृत करने का सपना. यहां उन 180 बच्चों की लिस्ट है जिन्होंने अपने माता-पिता को गौरवान्वित किया है.'
छात्रों के परिवार से बात
इवेंट के दौरान विजय देवरकोंडा ने वहां मौजूद छात्रों और उनके परिवारों से बात किया. उन्होंने बेहद सादगी से कहा कि यह मदद बच्चों की प्रतिभा के सामने बहुत छोटी है. विजय ने अपने संबोधन में कहा, 'आपको यह छोटी सी स्कॉलरशिप देना बहुत मामूली बात है. लेकिन मुझे लगता है कि यह हमारे लिए बहुत जरुरी है. मैं आपके जीवन के इस सफर का हिस्सा बनना चाहता हूं. अभी हमने अपने गांव से शुरुआत की है, लेकिन धीरे-धीरे मेरा सपना इस पहल को पूरे तेलंगाना में ले जाने का है. मैं इन बच्चों के अनुशासन और उनकी पढ़ाई के प्रति लगन का जश्न मनाना चाहता था.'
क्या बोला रश्मिका?
इस खास मौके पर रश्मिका मंदाना के चेहरे पर एक अलग ही खुशी और एक्साइटमेंट देखने को मिला. जब वे मंच पर बोलने आईं, तो उनके शब्दों ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल छू लिया. रश्मिका ने खुद को परिवार का हिस्सा बताते हुए कहा, 'आज मैं कम बोलूंगी, लेकिन आज हम देवराकोंडा फाउंडेशन के माध्यम से एक बेहद खूबसूरत शुरुआत कर रहे हैं. हमने तय किया था कि हम इसकी शुरुआत अचमपेट और थुम्मनपेट से करेंगे, जो मेरे ससुर जी का गांव है. आज मैं आप सभी के सामने 'रश्मिका मंदाना देवरकोंडा' के रूप में खड़ी होकर बात कर रही हूं और इस बात से मैं बेहद एक्साइटेड और प्राउड महसूस कर रही हूं.'
गृहप्रवेश के दौरान ली थी प्रतिज्ञा
इस नेक पहल की नींव इस साल की शुरुआत में ही पड़ गई थी. दरअसल, विजय और रश्मिका जब अपने गृहनगर थुम्मनपेट में बने अपने नए घर के गृहप्रवेश समारोह और सत्यनारायण व्रत पूजा के लिए आए थे, तब उन्होंने ग्रामीण छात्रों की स्थिति को करीब से देखा था. तभी दोनों ने फैसला किया था कि वे नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्रों की शिक्षा का खर्च उठाएंगे, ताकि इन बच्चों पर आर्थिक बोझ न पड़े और वे बिना किसी तनाव के अपनी बोर्ड परीक्षाओं पर ध्यान केंद्रित कर सकें.
रीयल लाइफ से रील लाइफ तक
बता दें कि रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने इसी साल 26 फरवरी, 2026 को उदयपुर के पास एक बेहद प्राइवेट और ग्रैंड सेरेमनी में शादी की थी. शादी के बाद से ही यह जोड़ा लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. फैंस के लिए अच्छी खबर यह भी है कि रीयल लाइफ में एक होने के बाद यह जोड़ी बहुत जल्द बड़े पर्दे पर भी वापसी करने जा रही है. विजय और रश्मिका आगामी फिल्म 'रणबाली' में मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे.




