क्रिप्टो नहीं, अब Gen Z लगा रहा GOLD पर दांव, ऐसे बदल रहा निवेश का खेल
क्रिप्टो की चर्चा भले तेज हो, लेकिन निवेश के मामले में Gen Z अब ज्यादा सुरक्षित विकल्प चुनता दिख रहा है. नई पीढ़ी यानी Gen Z छोटी रकम से शुरुआत करते हुए सोने पर भरोसा जता रही है और इसे स्टेबल, कम जोखिम वाला निवेश मान रही है.
डिजिटल दुनिया में भले क्रिप्टोकरेंसी को आने वाला कल कहा जा रहा हो, लेकिन जमीन पर कहानी थोड़ी अलग दिख रही है. नई पीढ़ी यानी Gen Z निवेश के कई रास्ते देख रही है, पर ज्यादा रिस्क लेने के बजाय भरोसेमंद ऑप्शन चुन रही है. दरअसल नए सर्वे में बताया गया है कि अब यह जनरेशन क्रिप्टो के बजाय सोने की तरफ बढ़ रही है और इसे सुरक्षित व स्थिर मान रहे हैं.
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह खरीद सिर्फ परंपरा निभाने के लिए नहीं है. Gen Z खुद फैसला ले रहा है, कम मात्रा से शुरुआत कर रहा है और हर खरीद को अपनी अचीवमेंट या समझदारी भरा निवेश मानता है.
क्या कहता है सर्वे?
स्मिटेन पल्सAI के हाल ही में एक स्टडी की, जिसमें उन्होंने 18 से 39 साल के यंगस्टर्स के बिहेवियर को समझने की कोशिश की. मान लीजिए किसी Gen Z के पास आज ₹25,000 निवेश के लिए हों. जहां इंवेस्टमेंट के लिए म्यूचुअल फंड, एफडी, शेयर या क्रिप्टो बहुत सारे ऑप्शन है, लेकिन सर्वे में खुलासा हुआ कि 61.9% युवा इस रकम को सोने में लगाना चाहेंगे.
म्यूचुअल फंड का परसेंटेज घटा
इसके मुकाबले म्यूचुअल फंड को 16.6%, फिक्स्ड डिपॉजिट को 13%, शेयर बाज़ार को 6.6% और क्रिप्टो को महज़ 1.9% लोगों ने चुना. आर्थिक मंदी की स्थिति में भी यही भरोसा कायम रहता है. 65.7% लोगों ने कहा कि मुश्किल समय में सोना उन्हें सबसे सुरक्षित सहारा है.
सोना खरीदना Gen Z का फैसला
आज का युवा सबकी बात सुनता जरूर है, लेकिन आख़िरी फैसला खुद करना पसंद करता है. करीब 66.7% लोगों का कहना है कि सोना खरीदना अब उनका अपना, पर्सनल फैसला होता है. हाल की खरीदारी को देखें तो 42.3% मामलों में पहल खुद यंगस्टर्स ने की, जबकि 40% ने माना कि यह कदम माता-पिता या घर के बड़ों की तरफ से आया. यहीं नई और पुरानी सोच का फर्क साफ नजर आता है। Gen Z अपनी जरूरत, सही समय और बजट देखकर सोना लेना चाहता है. वहीं Millennials अब भी इसे परिवार की सुरक्षा, भविष्य की प्लानिंग और लंबी जिम्मेदारियों से जोड़कर देखते हैं.
तोला नहीं ग्राम में खरीद रहे सोना
पहले लोग सोना ज़्यादातर शादी-ब्याह या बड़े त्योहार जैसे खास मौकों पर और अच्छी-खासी मात्रा में खरीदते थे. लेकिन अब ट्रेंड बदल रहा है और खरीदारी छोटी होने लगी है. हाल के आंकड़े बताते हैं कि 61.9% लोगों ने 5 ग्राम से कम सोना खरीदा. इनमें 27.5% ने 2 ग्राम से भी कम लिया, जबकि 34.4% ने 2 से 5 ग्राम के बीच की खरीदारी की. अब कई परिवार एक बार में ज्यादा लेने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके सोना जमा करना बेहतर मान रहे हैं. करीब 42% लोग समय-समय पर छोटी खरीद करना पसंद करते हैं, हालांकि 58% परिवार आज भी किसी खास मौके पर एक साथ बड़ी खरीदारी करते हैं.
पहली कमाई से खरीदते हैं सोना
नई पीढ़ी के लिए शुरुआत की वजह भी बदल रही है. शादी अब इकलौता प्रवेश द्वार नहीं रही. 24.3% युवाओं ने बताया कि उनका पहला सोना उनकी पहली सैलरी या अपनी आय से जुड़ा था. वहीं 23.9% ने इसे साफ तौर पर निवेश का फैसला कहा.
अभी भी सोना है बेस्ट इंवेस्टमेंट
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बढ़े हैं, ऑप्शन आसान हुए हैं, पर सोने की खरीद अब भी भरोसे पर टिकी है. आने वाले 12–24 महीनों में 52.7% लोगों ने फिर से सोना लेने की मजबूत संभावना जताई. मतलब साफ है कि रुझान बदल रहा है, पर अट्रैक्शन कम नहीं हो रहा.





