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Budget 2026: क्या है नया इनकम टैक्‍स नियम? 1 अप्रैल 2026 से होगा लागू, जानें पूरी डिटेल्स

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इनकम टैक्स से जुड़े ऐसे बड़े बदलावों का एलान किया है, जो सीधे तौर पर आम आदमी, मिडिल क्लास और सैलरीड टैक्सपेयर्स को राहत देने वाले माने जा रहे हैं.

Budget 2026 New Income Tax Rules
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New Income Tax Rules

( Image Source:  AI: Sora )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Updated on: 1 Feb 2026 12:55 PM IST

New Income Tax Rules: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इनकम टैक्स से जुड़े ऐसे बड़े बदलावों का एलान किया है, जो सीधे तौर पर आम आदमी, मिडिल क्लास और सैलरीड टैक्सपेयर्स को राहत देने वाले माने जा रहे हैं. इस बजट का फोकस टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और कंप्लायंस-फ्रेंडली बनाने पर रहा, ताकि टैक्स भरने की प्रक्रिया ज्यादा आसान हो सके.

सबसे अहम घोषणा यह रही कि 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा, जो करीब छह दशक पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा. सरकार का दावा है कि नया कानून ज्यादा सरल भाषा में होगा, जिसमें नियम और फॉर्म टैक्सपेयर्स के लिए समझना आसान रहेगा. बजट के बाद इन नियमों को जल्द ही नोटिफाई किया जाएगा, ताकि लोगों को समय रहते तैयारी का मौका मिल सके.

1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया इनकम टैक्स नियम

बजट 2026-27 के अनुसार, नया इनकम टैक्स एक्ट मौजूदा जटिल कानूनों की जगह लेगा. इसमें सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि अब ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह ‘टैक्स ईयर’ शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे ITR फाइलिंग की प्रक्रिया को लेकर भ्रम कम होगा और आम टैक्सपेयर्स के लिए सिस्टम ज्यादा सहज बनेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सड़क हादसे में घायलों के इलाज में जो पैसा खर्च होगा उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. इसको लेकर अब सभी फॉर्म को तैयार किया जा रहा है.

स्टैंडर्ड डिडक्शन और टैक्स राहत की उम्मीद

नए प्रस्तावों के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये तक किया जा सकता है. इसके अलावा 13 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है. इससे खासतौर पर मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों को सीधा फायदा होगा.

ITR फाइलिंग में अहम बदलाव

नए नियमों के मुताबिक ITR रिवाइज करने की आखिरी तारीख अब 31 मार्च कर दी गई है. हालांकि, इसके लिए टैक्सपेयर्स को एक मामूली अतिरिक्त फीस देनी होगी. वहीं ITR-1 और ITR-2 फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई ही रहेगी, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है.

ओवरसीज टूर और विदेशी एसेट्स पर बड़ी राहत

बजट में विदेश यात्रा करने वालों को भी राहत दी गई है. ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS की दर घटाकर सिर्फ 2% कर दी गई है, जो पहले 5% से 20% तक थी. इसके साथ ही छोटे टैक्सपेयर्स के लिए 6 महीने की फॉरेन एसेट डिस्क्लोजर स्कीम लाई जाएगी, ताकि वे अपनी विदेशी संपत्तियों की जानकारी बिना ज्यादा परेशानी के दे सकें.

NRI और पेनल्टी नियमों में सख्ती

नए प्रावधानों के तहत नॉन-रेजिडेंट्स द्वारा भारत में प्रॉपर्टी बेचने पर TDS लागू होगा. वहीं, इनकम मिसरिपोर्टिंग के मामलों में सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए पेनल्टी को टैक्स अमाउंट का 100% कर दिया है, जिससे गलत जानकारी देने वालों पर सख्ती बढ़ेगी.

टैक्स सिस्टम होगा ज्यादा आसान

सरकार ने संकेत दिए हैं कि सरलीकृत इनकम टैक्स रूल्स जल्द नोटिफाई किए जाएंगे. अनुमान है कि FY27 में नेट टैक्स रिसीट्स 28.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती हैं. इन सभी बदलावों का मकसद टैक्स सिस्टम को आसान बनाना, छोटी-मोटी गलतियों पर राहत देना और टैक्सपेयर्स का भरोसा बढ़ाना है. नए इनकम टैक्स एक्ट से ITR फाइलिंग और टैक्स मैनेजमेंट पहले से कहीं ज्यादा सरल होने की उम्मीद है.

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