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भारत बनेगा ग्लोबल चिप हब! Budget 2026 में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान, ₹40,000 करोड़ से चीन की चिप बादशाहत को मिलेगी चुनौती?

Budget 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Semiconductor Mission 2.0 लॉन्च करने का ऐलान किया है. सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹40,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

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( Image Source:  Sora AI )
नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार

Published on: 1 Feb 2026 11:45 AM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 का भाषण शुरू करते ही यह साफ कर दिया कि यह सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी और औद्योगिक दिशा तय करने वाला बजट है. रविवार को बजट पेश होना अपने आप में ऐतिहासिक है और उसी दिन उनका लगातार नौवां बजट पेश करना एक रिकॉर्ड भी. देश की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने इस भाषण को “कर्तव्य और भविष्य” के फ्रेम में रखा. जहां आत्मनिर्भरता, तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा केंद्र में हैं.

भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने तीन ‘कर्तव्य मंत्र’ गिनाए, जो आने वाले वर्षों की नीति का आधार बताए गए. इनमें घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना, रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की निर्णायक भूमिका शामिल है. इन मंत्रों के जरिए यह संदेश गया कि सरकार अब घोषणाओं से आगे बढ़कर निष्पादन और परिणामों पर जोर देने जा रही है.

Semiconductor Mission 2.0

बजट 2026 का सबसे बड़ा ऐलान Semiconductor Mission 2.0 को लेकर हुआ. वित्त मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षमता बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए इस मिशन को नए सिरे से लॉन्च किया जाएगा. इसका मकसद भारत को सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है. खासकर ऐसे समय में जब दुनिया चीन पर निर्भरता कम करना चाहती है.

₹40,000 करोड़ का प्रावधान

सरकार ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹40,000 करोड़ का बड़ा प्रावधान किया है. इसके तहत EMS PLI स्कीम का विस्तार किया जाएगा ताकि उपकरण, सामग्री और कंपोनेंट्स का घरेलू उत्पादन बढ़े. यह निवेश न सिर्फ हाई-टेक नौकरियां पैदा करेगा, बल्कि भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को भी मजबूत करेगा.

रेयर अर्थ मिनरल्स पर फोकस

सेमीकंडक्टर और आधुनिक तकनीक की दुनिया में रेयर अर्थ मिनरल्स बेहद अहम हैं. बजट में इनके लिए डेडिकेटेड कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है ताकि खनन, प्रोसेसिंग और सप्लाई सुचारु हो सके. यह कदम भारत को भविष्य की टेक्नोलॉजी रेस में टिके रहने में मदद करेगा.

इन राज्यों में बनेंगे रेयर अर्थ कॉरिडोर

वित्त मंत्री ने बताया कि ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल्स के डेडिकेटेड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही तीन विशेष केमिकल पार्क बनाने की भी घोषणा हुई. इससे राज्यों में निवेश बढ़ेगा और क्षेत्रीय औद्योगिक क्लस्टर तैयार होंगे.

इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्सटाइल सेक्टर को भी सहारा

बजट में कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट के निर्माण और उन्नयन के लिए नई योजना लाने की बात कही गई है. इसका लक्ष्य घरेलू कंपनियों को वैश्विक मानकों पर तैयार करना है. साथ ही टेक्सटाइल सेक्टर के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया गया, ताकि रोजगार और निर्यात दोनों को बढ़ावा मिल सके.

सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर भारत का कदम

भाषण के अंत में वित्त मंत्री ने दोहराया कि सरकार भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है. मिशन 2.0, ₹40,000 करोड़ का आवंटन और रेयर अर्थ कॉरिडोर ये सभी कदम एक ही दिशा में इशारा करते हैं. बजट 2026 का यह टेक्नोलॉजी फोकस बताता है कि भारत अब भविष्य की अर्थव्यवस्था में सिर्फ हिस्सा नहीं, नेतृत्व चाहता है.

बजट 2026
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