दुनिया में पैदा होगा नकदी संकट, कागजी करेंसी खोने लगेंगी कीमत! सोना-चांदी पर बाबा वेंगा की भविष्यवाणी से क्यों मचा हड़कंप?
बाबा वेंगा की 2026 को लेकर की गई भविष्यवाणी एक बार फिर चर्चा में है. इसमें उन्होंने कागजी करेंसी की गिरती वैल्यू और सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं की अहमियत बढ़ने की बात कही थी.
सोना-चांदी पर बाबा वेंगा की भविष्यवाणी से बाजार में मचा हड़कंप
Baba Vanga Prediction on 2026 Gold Silver Price: बुल्गारिया की मशहूर भविष्यवक्ता बाबा वेंगा की 2026 को लेकर की गई भविष्यवाणी एक बार फिर चर्चा में है. दुनिया इस वक्त जियो-पॉलिटिकल तनाव, बढ़ते युद्ध जैसे हालात, आर्थिक अस्थिरता और शेयर बाजार की उथल-पुथल से गुजर रही है. ऐसे में बाबा वेंगा की पुरानी भविष्यवाणियां लोगों को मौजूदा हालात से जुड़ती हुई नजर आ रही हैं.
बाबा वेंगा ने दशकों पहले चेतावनी दी थी कि एक समय ऐसा आएगा, जब कागजी करेंसी, रुपया, डॉलर, येन और युआन, अपनी कीमत खोने लगेंगी. इससे दुनियाभर में नकदी संकट पैदा होगा और लोग बैंकों में रखे पैसों पर भरोसा करना कम कर देंगे. उनकी भविष्यवाणी के मुताबिक, ऐसे हालात में लोग सोना, चांदी और तांबे जैसी कीमती धातुओं को सबसे सुरक्षित निवेश मानेंगे.
बाबा वेंगा ने 2026 को लेकर क्या अनुमान जताया था?
2026 को लेकर बाबा वेंगा के अनुमान में यह भी कहा गया है कि वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान कीमती धातुओं की मांग अचानक बढ़ सकती है. यही वजह है कि मौजूदा समय में भी निवेशक गोल्ड और सिल्वर की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. हालांकि यह भी साफ है कि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां किसी आर्थिक गणना या मॉडल पर आधारित नहीं हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर इन्हें बड़े पैमाने पर शेयर किया जा रहा है.
क्या सच होगी बाबा वेंगा की भविष्यवाणी?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि अगर वैश्विक संकट गहराता है, तो सोने की कीमत 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा सकती है. हाल ही में चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका है, जिसने बाजार को चौंका दिया था.
हालांकि दूसरी तरफ मौजूदा बाजार हालात कुछ और कहानी कह रहे हैं. सोना और चांदी दोनों में हाल के दिनों में तेज गिरावट देखने को मिली है. जनवरी 2026 में सोना जहां अपने ऑल-टाइम हाई 1,78,850 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा था, वहीं अब पिछले 10 दिनों में इसके दाम 12% से ज्यादा गिर चुके हैं.
आज सोना-चांदी क्यों फिसले?
8 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 4800 डॉलर प्रति औंस से नीचे चला गया. इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व का सख्त रुख माना जा रहा है. फेड का संकेत है कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की जल्दी नहीं है. जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना-चांदी जैसे मेटल महंगे लगने लगते हैं और उनकी मांग घट जाती है.
भारत में भी इसका असर साफ दिख रहा है. MCX पर अप्रैल 2026 एक्सपायरी वाला सोना 1,52,861 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. बाजार अब इस बात पर नजर बनाए हुए है कि क्या सोना 1.60 लाख के स्तर को पार कर पाएगा या फिर गिरावट और गहरी होगी.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों को पूरी तरह सच मानना ठीक नहीं है, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात यह जरूर बता रहे हैं कि निवेशकों को सतर्क रहना होगा. आने वाले दिनों में डॉलर की चाल, फेड के फैसले और वैश्विक तनाव ही सोना-चांदी की दिशा तय करेंगे.





