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SIP करें या एकमुश्त निवेश? कौन देगा ज्यादा मुनाफा, निवेश से पहले समझें रिस्क

निवेश के समय सबसे बड़ा सवाल होता है, SIP करें या एकमुश्त (Lump Sum) निवेश? कुल लोग एसआईपी तो कुछ एकमुश्त निवेश को बेहतर मानते हैं. अगर जोखिम से बचना है तो SIP बेहतर विकल्प है.

SIP करें या एकमुश्त निवेश? कौन देगा ज्यादा मुनाफा, निवेश से पहले समझें रिस्क
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( Image Source:  Sora AI )

निवेश की बात मन में आते ही सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा होता है कि SIP करें या एकमुश्त निवेश? क्या हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम लगाना ज्यादा सुरक्षित है या फिर एक साथ बड़ा अमाउंट निवेश करके ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है? बाजार के उतार-चढ़ाव, गिरावट का डर और सही टाइमिंग की चिंता इस सवाल को और उलझा देती है. असलियत, यह है कि हर निवेशक के लिए एक ही तरीका सही नहीं होता. SIP और Lump के अपने फायदे और जोखिम हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि कौन-सा तरीका आपकी आय, जोखिम सहने की क्षमता और निवेश की अवधि के साथ मेल खाता है.

इसलिए, निवेश से पहले इन विकल्पों के रिस्क और रिटर्न को समझना उतना ही जरूरी है, जितना सही फंड चुनना जरूरी है, क्योंकि गलत तरीका मुनाफे को नुकसान में बदल सकता है. जबकि सही रणनीति आपको लंबे समय में मजबूत रिटर्न दिला सकती है.

SIP vs Lump Sum : निवेश की सही शुरुआत कैसे करें?

जब कोई व्यक्ति निवेश की दुनिया में कदम रखता है, तो सबसे पहला सवाल यही होता है कि पैसा कैसे लगाया जाए? हर महीने SIP के जरिए या एक साथ Lump Sum निवेश करके? ऐसा इसलिए कि आज के दौर में सबसे ज्यादा डर बाजार जोखिम का है, तो क्या कोई बीच का सुरक्षित रास्ता भी है? सच यह है कि निवेश का कोई एक सही तरीका नहीं होता, बल्कि सही तरीका वही है, जिस पर निवेशक लंबे समय तक टिके रह सके.

SIP क्या है और किसके लिए सही है?

SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान, जिसमें हर महीने एक तय रकम निवेश की जाती है. यह तरीका खासतौर पर नौकरीपेशा और नियमित आय वाले लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है.

SIP के फायदे

बाजार के उतार-चढ़ाव का तनाव कम. कॉस्ट एवरेजिंग का फायदा. यह निवेश का एक अनुशासित सुरक्षित तरीका माना जाता है. जो लोग रोज शेयर बाजार देखकर घबराते हैं, उनके लिए SIP एक मानसिक रूप से आरामदायक विकल्प है.

Lump Sum निवेश क्या है?

Lump Sum निवेश में पूरी रकम एक साथ बाजार में लगाई जाती है. अगर निवेश सही समय पर और लंबी अवधि के लिए किया जाए, तो इसका रिटर्न SIP से ज्यादा भी हो सकता है.

Lump Sum का जोखिम

इसमें बाजार गिरने पर उपभोक्त को तुरंत बड़ा नुकसान हो सकता है. इसमें निवेशक की धैर्य की कड़ी परीक्षा होती है. गलत समय पर एंट्री का खतरा बना रहता है. इसी वजह से Lump Sum हर निवेशक के लिए उपयुक्त नहीं होता.

Lump Sum निवेश सबके लिए क्यों नहीं?

लंप सम निवेश उन्हीं लोगों के लिए बेहतर है, जिनकी जोखिम उठाने की क्षमता ज्यादा हो. जो बाजार की गिरावट में घबराकर पैसा न निकालें. जिनका निवेश लक्ष्य 7–10 साल या उससे ज्यादा समय के लिए हो. अधिकतर रिटेल निवेशक गिरावट में घबराकर गलत फैसला कर लेते हैं.

कौन सा निवेश तरीका कब सही है?

SIP: नियमित निवेश और कम जोखिम चाहने वालों के लिए.

Lump Sum: ज्यादा रिस्क सहने वाले और लंबे निवेशकों के लिए.

आधा-आधा फॉर्मूला भी है असरदार

कई निवेशक आधा पैसा एक साथ निवेश करते हैं. इससे बाजार ऊपर जाने पर फायदा और नीचे जाने पर नुकसान का संतुलन बनता है.

किसी भी निवेश में सबसे जरूरी क्या है?

असल सवाल, यह नहीं कि SIP या Lump Sum में कौन बेहतर है? सबसे अहम बात है कि आप कितने समय तक निवेश में बने रहते हैं. कंपाउंडिंग का असली जादू समय के साथ ही दिखता है.

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