घर बना कैदखाना! गुवाहाटी में 6 साल तक हैवानियत झेलती रही 13 साल की बच्ची, बेड के अंदर से किया गया रेस्क्यू | Video
गुवाहाटी में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. 13 साल की नाबालिग को 6 साल तक घरेलू नौकर बनाकर दीवान बॉक्स में कैद रखा गया. सोशल मीडिया पर आक्रोश.
गुवाहाटी में 13 साल की नाबालिग को दीवान बॉक्स में बंद कर 6 साल तक घरेलू नौकर बनाकर रखने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. यूजर्स दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग करने लगे हैं. लोगों का कहना है कि ये तो हैवानियत की हद है. ऐसा कोई कैसे कर सकता है. एक तो बच्ची से गुलामों की तरह कराए और उस दीवान में बंद कर रखे.
वायरल वीडियो के मुताबिक गुवाहाटी से सामने आई यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि पूरे समाज और सिस्टम पर करारा तमाचा है. 13 साल की मासूम बच्ची, जिसे पढ़ने-खेलने की उम्र में होना चाहिए था, उसे दीवान बॉक्स में बंद कर वर्षों तक घरेलू नौकर बनाकर रखा गया. वीडियो वायरल होते ही देशभर में आक्रोश फैल गया. लोग पूछ रहे हैं, क्या गरीब होना ही सबसे बड़ा अपराध है? पुलिस ने अभी तक ऐसा गैर कानूनी काम करने वालो का नाम उजागर नहीं किया है.
दीवान बॉक्स में बंद जिंदगी: कैसे सामने आया पूरा मामला
बताया जा रहा है कि बच्ची को गुवाहाटी के एक घर में दीवान बॉक्स के अंदर छिपाकर रखा गया था. जांच के दौरान जब बॉक्स खोला गया तो अंदर से 13 साल की बच्ची मिली, जो बीते 6 सालों से घरेलू नौकर के रूप में काम कर रही थी.
सोशल मीडिया : 6 साल तक किसी ने सवाल क्यों नहीं उठाया?
सोशल मीडिया पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने सालों तक न मोहल्ले ने, न सिस्टम ने और न ही प्रशासन ने कुछ पूछा. यह मामला समाज की सामूहिक चुप्पी को उजागर करता है.
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, ‘मालिक का नाम बताओ’ ट्रेंड
वीडियो वायरल होने के बाद यूजर ने एक्स (X) पर Grok से सवाल किया कि “मालिक का नाम बताओ, मीडिया क्यों छुपा रही है?” लोगों ने साफ कहा कि ऐसे अपराधियों को संरक्षण देना भी अपराध है.
‘रूह कांप जाती है’: यूजर्स की प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया यूजर अक्ष खान ने एक्स पर लिखा कि, “6 साल तक एक बच्चे को कैद रखना किसी को जिंदा मारने जैसा है.” रमेश कुमार ने कहा है, “आरोपी को ऐसी सजा मिले कि मिसाल बने.” वहीं, आशुतोष सिंह के मुताबिक, “ऐसे लोग समाज पर बोझ हैं.”
असम में बढ़ती बाल तस्करी और बाल मजदूरी का सच
यूजर अभिजीत पाठक ने ILO के 2021 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में 1.3 मिलियन से ज्यादा बच्चे बाल मजदूरी में लगे हैं, जिनमें असम एक संवेदनशील क्षेत्र बनता जा रहा है.
कानून क्या कहता है? बाल श्रम और सजा का प्रावधान
भारत में बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत 14 साल से कम उम्र के बच्चे से काम कराना अपराध है. इसके बावजूद ऐसे मामलों का सामने आना कानून के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है.
क्या सिर्फ पुलिस काफी है? जनता की भूमिका पर बहस
कई यूजर्स का कहना है कि अब सिर्फ प्रशासन पर छोड़ना काफी नहीं, समाज को भी सतर्क होना होगा, ताकि कोई और मासूम इस तरह कैद न हो.





