क्या अमेरिका पर हमला करेंगी पाकिस्तान की न्यूक्लियर मिसाइल? रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, 5 देशों ने उड़ाई US की नींद

अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है. तुलसी गैबार्ड ने 2026 के वार्षिक खतरा आकलन रिपोर्ट पेश करते हुए कहा है कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरों के रूप में उभर रहे हैं.

Pakistan Missile

(Image Source:  AI: Sora )
Edited By :  विशाल पुंडीर
Updated On : 19 March 2026 9:06 AM IST

अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है. तुलसी गैबार्ड ने 2026 के वार्षिक खतरा आकलन रिपोर्ट पेश करते हुए कहा है कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरों के रूप में उभर रहे हैं.

सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के सामने गवाही देते हुए गैबार्ड ने साफ किया कि इन देशों की सैन्य क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं और वे नई-नई मिसाइल प्रणालियों के विकास में जुटे हैं, जो सीधे अमेरिकी सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती हैं.

परमाणु खतरे पर क्या बोली गैबार्ड?

गवाही के दौरान गैबार्ड ने कहा "खुफिया समुदाय का आकलन है कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक पेलोड से लैस कई तरह की नवीन, उन्नत या पारंपरिक मिसाइल वितरण प्रणालियों पर शोध और विकास कर रहे हैं, जो हमारे देश को उसकी सीमा में ला सकती हैं." उन्होंने चेतावनी दी कि इन देशों की बढ़ती सैन्य ताकत अमेरिका के लिए बड़ा खतरा बन सकती है.

चीन-रूस-उत्तर कोरिया पर क्या बोली?

गैबार्ड के अनुसार, चीन और रूस अत्याधुनिक मिसाइल डिलीवरी सिस्टम विकसित कर रहे हैं, जो अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली को भेदने या उसे दरकिनार करने की क्षमता रखते हैं. यह तकनीकी बढ़त भविष्य में रणनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है. उत्तर कोरिया को लेकर उन्होंने गंभीर चिंता जताई और कहा "उत्तर कोरिया की आईसीबीएम मिसाइलें पहले ही अमेरिकी धरती तक पहुंच सकती हैं, और वह अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है." उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर कोरिया, चीन और रूस के साथ अपने संबंधों को और मजबूत कर रहा है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए नए खतरे पैदा कर सकता है.

क्या है पाकिस्तान से खतरा?

पाकिस्तान को लेकर गैबार्ड ने कहा कि देश लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों पर काम कर रहा है, जिनमें ऐसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) शामिल हो सकती हैं जो अमेरिका तक हमला करने में सक्षम हों. गैबार्ड ने अल-कायदा और ISIS को भी अमेरिका के लिए स्थायी खतरा बताया. उन्होंने कहा कि ये संगठन अफ्रीका, मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में सक्रिय बने हुए हैं और अमेरिकी हितों को लगातार निशाना बना सकते हैं.

क्या है अमेरिका के लिए खतरा?

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका को निशाना बना सकने वाली मिसाइलों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है. यह आंकड़ा 2025 में करीब 3,000 था, जो 2035 तक बढ़कर 16,000 तक पहुंचने का अनुमान है. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर गैबार्ड ने डोनाल्ड ट्रंप के बयान से अलग रुख अपनाया. उन्होंने कहा "ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के परिणामस्वरूप, ईरान का परमाणु संवर्धन कार्यक्रम पूरी तरह से नष्ट हो गया. तब से उनकी संवर्धन क्षमता को फिर से स्थापित करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है"

गैबार्ड की यह गवाही ऐसे समय में आई है जब Joseph Kent ने ईरान युद्ध को लेकर मतभेद के चलते राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी केंद्र के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है. इससे अमेरिकी सुरक्षा तंत्र के भीतर मतभेदों की झलक भी मिलती है.

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