गणतंत्र दिवस के अगले ही दिन भारत को पाकिस्तान ने दी 'गुड न्यूज', भगवान राम और उनके पुत्र लव से है खास कनेक्शन

पाकिस्तान के लाहौर किले के लौह मंदिर (Loh Mandir) का जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद इसे आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है. यह मंदिर भगवान राम के पुत्र लव को समर्पित है.;

भगवान राम से जुड़ा प्राचीन मंदिर पाकिस्तान में खुला, श्रद्धालुओं में उत्साह

(Image Source:  Sora_ AI )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 28 Jan 2026 12:23 AM IST

Lord Ram's Son Temple restored in Pakistan: गणतंत्र दिवस के अगले ही दिन पाकिस्तान से भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. लाहौर किले (Lahore Fort) में स्थित लौह मंदिर (Loh Mandir) का जीर्णोद्धार कार्य पूरा हो गया है, जिसके के बाद इसे अब आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है. यह मंदिर हिन्दू मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम के पुत्र लव (Lava) को समर्पित है. माना जाता है कि उनके नाम पर ही लाहौर शहर का नाम पड़ा था.

महाराजा रणजीत सिंह का अथदारा पैविलियन का संरक्षण और जीर्णोद्धार भी पूरा

वाल्ड सिटी लाहौर अथॉरिटी (WCLA) ने मंगलवार को घोषणा की कि लौह मंदिर के साथ-साथ सिख युग का हम्माम और महाराजा रणजीत सिंह का अथदारा पैविलियन का संरक्षण और जीर्णोद्धार भी पूरा कर लिया गया है. इन संरचनाओं में आधुनिक संरक्षण तकनीकों का उपयोग किया गया है ताकि लाहौर किले की बहुसांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित किया जा सके.


प्राचीन और विविध संस्कृति को दर्शाता है लाहौर किला

लाहौर किला हिंदू मंदिरों, सिख स्मारकों, मुगल काल की मस्जिदों और ब्रिटिश युग की इमारतों का मिश्रण है, जो इस शहर की प्राचीन और विविध संस्कृति को दर्शाता है. WCLA की प्रवक्ता तानिया कुरैशी के मुताबिक यह जीर्णोद्धार परियोजना इसी विरासत को उजागर करने का हिस्सा है.


लव (लौह) मंदिर का महत्व

लौह मंदिर एक खुली संरचना है जिसमें स्मृति स्थल स्थित है, और यह विशेष रूप से भगवान राम के पुत्र लव को समर्पित है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, लव के नाम पर ही लाहौर का नाम पड़ा, जिसे प्राचीन काल में लवपुर या लवपुरी कहा जाता था. मंदिर पहले भी 2018 में आंशिक रूप से बहाल किया जा चुका था, लेकिन अब यह पूरी तरह संरक्षण के बाद जनता के लिए खुल गया है.



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