ईरान के लिए झुकना मना है! Khamenei से लेकर Larijani-Khatib तक इतने निपटे, फिर भी लड़ना जारी
मिडिल ईस्ट वॉर में अभी तक ईरान के 25 शीर्ष नेताओं के मारे जाने का दावा इजरायल ने किया है, जिसमें खामेनेई जैसे सुप्रीम लीडर भी शामिल हैं. इनमें से 10 प्रमुख चेहरों की भूमिका से समझें कि ईरान का पावर स्ट्रक्चर कैसे काम करता था और इनकी मौत से क्या असर पड़ेगा.
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी. इस युद्ध का आज 19वां दिन है. मिडिल ईस्ट के इस वॉर ने पूरी दुनिया को कम या ज्यादा अपनी चपेट में ले लिया है. मध्य पूर्व के करीब एक दर्जन देश युद्ध के अंजाम से बुरी तरह प्रभावित हुए है. इस युद्ध में एक खास रणनीति के तहत इजरायल और अमेरिका ने ईरान के टॉप लीडरशिप को निशाना बनाया है. HT मीडिया ने इजराइल रक्षा बलों की वेबसाइट पर 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' से जुड़ी एक सूची के हवाले से बताया है कि 28 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई सहित 25 टॉप लीडर मारे जा चुके हैं. लेकिन ईरान पीछे हट नहीं रहा है तो वहीं लड़ाई जारी है यानी जितने मारेंगे उतने खड़े होंगे
उसके बाद आठ मार्च को ईरान के पांच शीर्ष नेता मारे गए. उसके बाद 12 मार्च को एक, 17 मार्च को दो और 18 मार्च को ईरान के टॉप नेतृत्व को खत्म करने का दावा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक ईरान के 25 शीर्ष नेतृत्वकर्ता की हत्या इजरायल ने की है. आइए, इनमें से 10 शीर्ष ईरानी नेताओं के बारे में जानें कि वे राजनीतिक, प्रशासनिक, देश की रक्षा व अन्य मामलों क्या भूमिका निभाते थे.
1. Ayatollah Ali Khamenei
अयातुल्ला अली खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता थे. वह ईरान के राजनीतिक, सैन्य और धार्मिक इकाई पर अंतिम नियंत्रण रखते थे. 1989 से इस पद पर रहते हुए, उन्होंने ईरान की विदेश नीति, खासकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था. सेना, रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) और न्यायपालिका पर उनका सीधा नियंत्रण था. ईरान की परमाणु नीति और क्षेत्रीय रणनीति में उनकी निर्णायक भूमिका में रहे. खामेनेई को केवल एक धार्मिक नेता नहीं, बल्कि ईरान की पूरी सत्ता संरचना का केंद्र माना जाता था. ईजरायल ने ईरान पर हमले के पहले ही दिन उनका खात्मा कर दिया. इसका असर सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट की स्थिरता पर पड़ा है.
2. Mohammad Shirazi
मोहम्मद शिराजी खामेनेई के सैन्य ब्यूरो के प्रमुख थे. इजरायली हमले में मारे जाने से पहले वह ईरान के प्रमुख धार्मिक नेताओं में गिने जाते थे. उनकी शिया समुदाय और धार्मिक संस्थानों में मजबूत था. उनकी पहचान एक ऐसे धर्मगुरु के रूप में रही, जो राजनीतिक इस्लाम और धार्मिक नेतृत्व को मजबूत करने के पक्षधर थे. ईरान में धार्मिक नेतृत्व केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत भी रखता है, इसलिए शिराजी की भूमिका अहम रणनीतिकार की थी.उनका प्रभाव कई धार्मिक संगठनों और छात्रों के नेटवर्क तक फैला हुआ था, जिससे उनकी आवाज नीतिगत स्तर तक पहुंचती थी.
3. Jalali Pour Hossein
जलाली पोर हुसैन ईरानी खुफिया मंत्रालय में जासूसी निदेशालय के प्रमुख थे. ईरान की प्रशासनिक और सुरक्षा संरचना से जुड़ा माना जाता है. वे उन अधिकारियों में शामिल थे जो देश के आंतरिक सुरक्षा मामलों और नीतिगत क्रियान्वयन में भूमिका निभाते थे. हुसैन देश की नीतियों को जमीन पर लागू कराने में महत्वपूर्ण कड़ी थे. उनका योगदान पर्दे के पीछे रहते हुए भी बेहद प्रभावशाली माना जाता था. खासकर ऐसे समय में जब देश बाहरी और आंतरिक दोनों तरह के दबावों का सामना कर रहा हो.
4. Seyed Yahya Hamdi
सैयद याह्या हमदी इजराइली मामलों के लिए खुफिया उप मंत्री और ईरानी मंत्रालय में एक वरिष्ठ हस्ती थे. ईरान के उन प्रमुख नामों में शामिल माने जाते हैं, जिनका संबंध धार्मिक और सामाजिक नेतृत्व से सीधे था. उन्होंने स्थानीय स्तर पर धार्मिक संगठनों और सामाजिक संरचनाओं को मजबूत करने में भूमिका निभाई. हमदी जैसे नेता इस नेटवर्क को मजबूत बनाए रखते थे और सर्वोच्च धार्मिक नेता के विचारों को समाज तक पहुंचाते थे. उनकी भूमिका भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा चर्चा में न रहा हो, लेकिन देश के भीतर उनका प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता था.
5. Gholam Reza Razaiyan
गुलाम रजा रजाईयन आंतरिक सुरक्षा बलों के खुफिया निदेशालय के प्रमुख थे. वह ईरान के प्रशासनिक और सैन्य ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्तियों में गिने जाते थे. ऐसे लोग नीतियों के कार्यान्वयन और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते थे. ईरान में शासन प्रणाली बहुस्तरीय है, जिसमें राजनीतिक, धार्मिक और सैन्य संस्थाएं मिलकर काम करती हैं. रजाईयन जैसे अधिकारी इस सिस्टम के संचालन में महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं. उनकी भूमिका अक्सर सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आती, लेकिन रणनीतिक फैसलों को लागू करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण होता है.
6. Akbar Ebrahimzadeh
अकबर इब्राहिम जादेह सर्वोच्च नेता के सैन्य ब्यूरो के कार्यवाहक प्रमुख थे. उनका प्रशासनिक या क्षेत्रीय नेतृत्व से जुड़ा था.उन्होंने स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर नीतियों के क्रियान्वयन में भूमिका निभाई. ईरान में क्षेत्रीय नेताओं का महत्व इसलिए अधिक होता है क्योंकि वे केंद्र की नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करते हैं. इब्राहिम जादेह जैसे नाम देश के अंदरूनी प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाए रखने में योगदान देते थे.
7. Abd al-Rahim Mousavi
अब्द अल-रहीम मूसावी ईरान की नियमित सेना (Artesh) के प्रमुख कमांडरों में से एक थे. वे देश की पारंपरिक सैन्य ताकत का नेतृत्व करते थे और रक्षा रणनीति में अहम भूमिका निभाते रहे. उन्हें IRGC के अलावा, नियमित सेना भी ईरान की सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ थी थे. मूसावी की जिम्मेदारी देश की सीमाओं की रक्षा और युद्ध की स्थिति में सैन्य संचालन को संभालना का था. उनका पद ईरान की सैन्य संरचना में बेहद अहम माना जाता था.
8. Ali Shamkhani
अली शमखानी ईरान के सुरक्षा मामलों के लिए सर्वोच्च नेता के सलाहकार और रक्षा परिषद के सचिव थे. वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के पूर्व प्रमुख रहे. देश की सुरक्षा नीति के बड़े रणनीतिकार माने जाते थे. उन्होंने क्षेत्रीय कूटनीति, खासकर खाड़ी देशों और चीन के साथ संबंध सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. शमखानी को एक अनुभवी सुरक्षा विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता था, जिनकी सलाह पर ईरान की कई अहम नीतियां तय होती थीं.
9. Ali Larijani
अली लारीजानी ईरान के वरिष्ठ और बेहद प्रभावशाली राजनेता थे. उन्हें देश की सत्ता संरचना में “सिस्टम के अंदरूनी रणनीतिक चेहरा” माना जाता था. वह 2008 से 2020 तक ईरान की संसद (मजलिस) के स्पीकर रहे और इस दौरान उन्होंने कानून निर्माण, सरकार और सुप्रीम लीडर के बीच संतुलन बनाने में अहम भूमिका निभाई.
लारीजानी का राजनीतिक करियर काफी विविध रहा है. वे पहले ईरान के परमाणु वार्ताकार भी रह चुके हैं और पश्चिमी देशों के साथ बातचीत में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके अलावा, उन्होंने ईरान के राष्ट्रीय प्रसारण नेटवर्क IRIB के प्रमुख के रूप में भी काम किया, जिससे उनकी पकड़ मीडिया और पब्लिक नैरेटिव पर भी मजबूत रही. उनकी छवि एक ऐसे नेता की है जो कट्टरपंथ और सुधारवाद के बीच संतुलन बनाकर चलने की कोशिश करते हैं. यही वजह है कि वे ईरान की आंतरिक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति दोनों में अहम माने जाते हैं.
10. Esmail Khatib
इस्माइल खतीब ईरान के खुफिया मंत्री थे. वह देश की आंतरिक सुरक्षा व खुफिया तंत्र की जिम्मेदारी संभालते थे. उनका काम जासूसी, आतंकवाद-रोधी अभियान और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरों को रोकना था.